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मनीष गुप्ता हत्याकांड:अंतिम आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सभी को रिमांड पर लेगी SIT, अब आखिरी सीन रिक्रिएशन की तैयारी

गोरखपुर10 महीने पहले
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आखिरी आरोपित दरोगा विजय यादव की ही गिरफ्तारी बाकी रह गई है। - Dainik Bhaskar
आखिरी आरोपित दरोगा विजय यादव की ही गिरफ्तारी बाकी रह गई है।

कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत के मामले में आखिरी आरोपी दरोगा विजय यादव की गिरफ्तारी बाकी रह गई है। विजय यादव के गिरफ्तार होते ही SIT सभी 6 आरोपियों को रिमांड पर लेगी। इसके लिए SIT ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। रिमांड के दौरान SIT सभी को एक साथ सामने बैठाकर यह जानने की कोशिश करेगी कि वारदात में किसकी क्या भूमिका रही। इसके साथ ही आरोपियों और चश्मदीदों के बयानों का भी मिलान कराया जाएगा। सभी बातें पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद ही इस मामले की चार्जशीट की धाराओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

धाराओं पर टिकी SIT की चार्जशीट

मनीष हत्याकांड में मीनाक्षी गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने 6 पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। लेकिन अब तक की जांच में SIT को हत्या की नियत से पुलिस वालों के होटल में चेकिंग करने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि गैर इरादतन हत्या के एक नहीं बल्कि SIT ने प्रर्याप्त सबूत जुटा लिए हैंं। अब की जांच में यह भी सामने आ गया है कि इस हत्याकांड में सिर्फ एक दो पुलिस वाले ही नहीं बल्कि उनके अवाला होटल कर्मचारी और अन्य पुलिस वाले भी इस हत्याकांड को अंजाम देने में शामिल रहे साथ ही घटना के बाद जानबुझकर इसके सबूत भी मिटाए गए।

अब चार्जशीट की बारी

यही वजह है कि SIT ने इस मामले में सबूत मिटाने की आईपीसी की धारा 201 और सभी के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की धारा 34 बढ़ा दिया गया है। अब SIT आरोपियों के बयान के बाद इस मामले में शामिल कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाने की तैयारी कर रही है। SIT का दावा है कि नियमानुसार 90 दिन के भीतर ही इस मामले की चार्जशीट कोर्ट में हर हाल में दाखिल कर दी जाएगी। अब की जांच में पर्याप्त सबूत, बयान और गवाह जुटा लिए गए हैं। सिर्फ अब तक सामने आई बातों का मिलान कर इस मामले में अंतिम निर्णय लेना ही शेष बचा है।

होटल मालिक और कर्मचारी भी बन सकते हैं आरोपी

इस पूरे मामले में SIT मनीष गुप्ता के दोस्त हरबीर सिंह और प्रदीप सिंह के अलावा होटल कर्मचारी आर्दश पांडेय को अब तक चश्मदीद के तौर पर मान रही है, लेकिन सामने आए तथ्यों के आधार पर होटल कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। ऐसे में इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि SIT होटल कर्मचारी को मिलीभगत के आरोप में और होटल मालिक को तथ्यों को छिपाने के आरोप में आरोपी बना सकती है।

अब सिर्फ एक और गिरफ्तारी बाकी

वहीं, इस मामले में 6 आरोपितों में 5 के जेल जाने के बाद एक आखिरी गिरफ्तारी दरोगा विजय यादव की ही बाकी रह गई है। इसके साथ ही आरोपी दरोगा विजय यादव ने हाईकोर्ट में सरेंडर के लिए भी अर्जी दे रखी है। ऐसे में पुलिस कोर्ट के जरिए उसके सरेंडर से पहले उसकी गिरफ्तारी करने में लगी है। उम्मीद है विजय दशमी खत्म होते ही पुलिस विजय यादव को ​भी गिरफ्तार कर लेगी। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार विजय के ठिकानों पर दबिश दे रही है। उसके परिवार और रिश्तेदारों पर बढ़ता पुलिस का दबाव देखकर उम्मीद है कि जल्द ही आरोपित दरोगा पुलिस की गिरफ्त में होगा।

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