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पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की 124वीं जयंती:याद किए गए काकोरी कांड के नायक, लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया; 94 साल पहले गोरखपुर जेल में दी गई थी फांसी

गोरखपुर4 दिन पहले
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19 दिसंबर 1927 को गोरखपुर जेल दी गई। - Dainik Bhaskar
19 दिसंबर 1927 को गोरखपुर जेल दी गई।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अमर शहीद, स्वतंत्रता सेनानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की 124 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। जिला जेल स्थित बिस्मिल स्मारक पर उनकी प्रतिमा पर सुबह से ही माल्यार्पण-पुष्पांजलि करने वालों को तांता लगा रहा। इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जेल में बंद बंदियों को जेल अधिकारियों ने शहीद की शौर्य गाथा से अवगत कराया।

19 दिसंबर 1927 को जेल में दी गई थी फांसी
आपको बता दें 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में माता मूलारानी और पिता मुरलीधर के पुत्र के रूप में जन्मे क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल को अंग्रेजों ने ऐतिहासिक काकोरी कांड में मुकदमे के नाटक के बाद 19 दिसंबर, 1927 को उन्हें गोरखपुर की जेल में फांसी पर चढ़ा दिया था।

उनके जन्म के 124 वर्ष बाद भी उनकी शहादत पर आज उन्हें पूरा देश उनको याद कर रहा हैं। जंयती के अवसर पर जेल प्रशासन द्वारा शहीद स्मारक पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित बिस्मिल की प्रतिमा पर माल्यार्पण-दीपप्रज्वलन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

जेलर प्रेम सागर शुक्ला ने बताया कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को याद करते हुए जयंती उल्लास पूर्वक मनाया गया। साथ ही उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक पढ़कर बंदियों को सुनाया गया। इस दौरान उनके आदर्शों को देश की स्वाधीनता में दिए गए योगदान को लोगों को बताया गया।

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