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इंडो- नेपाल बार्डर से जानवरों की तस्करी:नेपाल वाया चीन भेजा जा रहा जानवरों का मांस, छुट्टा पशु चुराकर विदेशों में सप्लाई कर रहे पशु तस्कर

गोरखपुर3 महीने पहले
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पशुओं को तस्करी कर नेपालगंज व काठमांडू की मंडियों में इसके मांस पैक कर चीन, कोरिया, हांगकांग सहित अन्य देशों को भेजा जा रहा है। - Dainik Bhaskar
पशुओं को तस्करी कर नेपालगंज व काठमांडू की मंडियों में इसके मांस पैक कर चीन, कोरिया, हांगकांग सहित अन्य देशों को भेजा जा रहा है।

इन दिनों इंडो- नेपाल की बार्डर पर जानवरों की तस्करी काफी बढ़ गई है। पकडंडियो के रास्ते अवैध रूप से जानवर भारतीय सीमा से नेपाल पंहुचाए जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें नेपालगंज व काठमांडू की मंडियों में भेज इसके मांस पैक कर चीन, कोरिया, हांगकांग सहित अन्य देशों को भेजा जा रहा है। खास बात यह है कि तस्करों को ऐसे जानवरों की नेपाल में मुंह मांगी कीमत मिल रही है। ऐसे में इन दिनों बकरे से लेकर गाय की तस्करी जोरों पर चल रही है। दूसरी ओर इसे लेकर सिर्फ गोरखपुर शहर ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल में पशु तस्कर आवारा पशुओं को खुलेआम सड़कों से उठा रहे हैं। ऐसे एक नहीं बल्कि कई मामले सामने भी आ चुके हैं।

नेपाल में काटकर विदेशों में हो रही सप्लाई
नेपाल से जुड़े सूत्रों के और बार्डर पर पकड़े गए तस्करों के मुताबिक एक बार फिर भारत- नेपाल की सीमा से अवैध जानवरों की तस्करी का खेल खुलेआम चल रहा है। ​वहीं, हैरानी वाली बात यह है कि पुलिस इस तस्करी को रोकना तो दूर, पशु तस्करों तक को पकड़ने में पूरी तरह ​फेल साबित हो रही है। हालांकि सीमा पर तैनात एसएसबी ने इसी सप्ताह तस्करी कर भेजे जा रहे जावनरों से लदी गाड़ी पकड़कर इस गोरखधंधे की पुष्टि भी कर दी है। वहीं, भारत— नेपाल सीमा पर सबसे अधिक गाय, भैंसा व बकरे की तस्करी की बात सामने आई है। तस्कर सीमा से लगे पगडंडियों के सहारे उन्हें नेपाल तक ले जाते हैं। वहीं, तस्करों के रैकेट उन्हें नेपालगंज व काठमाण्डू स्थित जानवरों के बाजारों तक पंहुचा रहे हैं।

हर महीने 20 करोड़ के अवैध जानवरों की तस्करी
नेपाल के बाजारों में इन जानवरों को काटकर इनके मांस बकायदा पैक होकर चीन, कोरिया, हांगकांग सहित अन्य देशों को भेजे जा रहे हैं। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों की माने तो यूपी के एक दर्जन जिलों से नेपाल को हर महीने लगभग 20 करोड़ रुपये के भैंसे, बकरे और अन्य वस्तुओं की तस्करी हो रही है। हालांकि एडीजी अखिल कुमार का कहना है कि पशु तस्करों के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। कुछ पशु तस्करों को चिन्हित भी किया जा चुका है। बार्डर से सटे थानों को पशुओं की तस्करी की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

बार्डर पर पकड़े गए दो पिकअप पर लदे 120 बकरे, 4 तस्कर गिरफ्तार
शायद यही वजह है कि अभी बीते गुरुवार पहले बार्डर पर महराजगंज ठूठीबारी कोतवाली पुलिस व 22 वाहिनी एसएसबी की सयुंक्त टीम ने भरवलिया के समीप दो पिकअप पर लदी 120 बकरे बरामद किया। इसके साथ ही टीम ने चार तस्करों को गिरफ्तार कर किया है। पूछताछ में आरोपियों की पहचान उसेनी लाल यादव निवासी रामनगर- बहराइच, शकील अहमद, मो. हुसैन निवासी अयोध्या व मुस्लिम निवासी जीवपुर- फैजाबाद के रुप में हुई। कोतवाली प्रभारी रामसहाय चौहान ने बताया कि आरोपियों के केस दर्ज कर कार्रवाई की गई है। यह सभी जानवर भारत से तस्करी कर नेपाल जा रहे थे। एसएसबी के मुताबिक इससे पहले भी बीते कुछ महीनों में भारतीय सीमा से तस्करी कर नेपाल भेजे जाने वाले जानवरों की खेप पकड़ी जा चुकी है।

पशु तस्करों की परछाई तक नहीं छू सकी पुलिस
वहीं, गोरखपुर शहर में खुलेआम गाय चुरा रहे पशु तस्करों को एडीजी के निर्देश के बाद भी गोरखपुर पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। 17 जून की रात गुल​रिहा इलाके में क्राइम ब्रांच और पशु तस्करों की मुठभेड़ में तस्कर पुलिस पर फायरिंग कर फरार हो गए। बावजूद इसके पुलिस उनकी आज तक परछाई तक नहीं छू सकी। जबकि पशु तस्करों को पकड़ने के लिए जिले की क्राइम ब्रांच के अलावा गुलरिहा व शाहपुर पुलिस को भी लगाया गया है।

कुशीनगर के तस्करों की हो चुकी है पहचान
वहीं, इन तस्करों द्वारा सड़क पर जानवर उठाते समय अगर किसी ने इनका विरोध किया तो वह फौरन ही उसपर जानलेवा हमला कर देते। ऐसे एक नहीं बल्कि कई मामले सामने आ भी चुके हैं। जबकि पुलिस इन तस्करों की पहचान भी कर चुकी है। तस्करों के गिरोह के सरगना कुशीनगर जिले के पडरौना के रहने वाले खुर्शीद आलम और जवाहर यादव हैं। यह दोनों पशु तस्करी के मामले में पहले कई बार जेल भी जा चुके हैं। इनका ही गैंग इन दिनों पशु तस्करी के मामले में गोरखपुर शहर में एक्टिव है।

विरोध करते ही कर देते जानलेवा हमला
यह तस्कर लोगों पर हमला करने के लिए अपनी गाड़ियों पर लाठी- डंडे और ईंट- पत्थर भरे होते हैं। ताकि पकड़े जाने से पहले यह विरोध करने वालों पर टूट पड़ें। यह अवैध असलहों से भी पूरी तरह लैस होते। यह पब्लिक ही नहीं बल्कि पुलिस पर हमला व फायरिंग करने से भी बिलकुल नहीं चुकते। अब तक गोरखपुर में यह तस्करों ने करीब आधा दर्जन पुलिस वालों पर भी हमला कर चुके हैं।

पकड़े गए थे सेल्फी वाले बकरी चोर
गोरखपुर जिले की तिवारीपुर पुलिस ने बकरी चोरी गैंग के तीन सदस्यों को 21 जून को डोमिनगढ़ से गिरफ्तार किया ​था। इनसे पूछताछ खुलासा था कि यह बकरी चोरी की घटना को अंजाम देने से पहले वो बकरी के साथ एक सेल्फी लेते हैं। ताकि पकड़े जाने पर वह सेल्फी लेने का बहाना कर बच सकें। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि पिछले कई महीनों से यह बकरी चोरी की घटना को अंजाम दे रहे थे और तकरीबन 25 से ज्यादा बकरियों को चुरा कर बेच चुके हैं। आरोपियों ने पुलिस को अपना नाम सलीम अहमद, रियाज अहमद शादाब अहमद बताया। यह तीनों तिवारीपुर इलाके के ज़फर कॉलोनी बहरामपुर के रहने वाले हैं।

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