योगी लहर में चिल्लूपार में पहली बार खिला कमल:गोरखपुर की सभी 9 सीटों पर BJP की क्लीन स्वीप; सदर पर सपा को छोड़ सभी विपक्षी नेताओं की जमातन जब्त

गोरखपुर9 महीने पहले

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में विधानसभा की सभी 9 सीटों पर पूरी दुनिया की नजर ​थी। अगर यहां एक भी सीट पर बीजेपी की हार होती तो सीधे सीएम योगी पर उंगली उठती। यही वजह है कि यहां मतदाताओं ने चाहे वह किसी जाति व धर्म का हो, सभी ने योगी के नाम पर बीजेपी को वोट किया। जिससे यहां की सभी 9 सीटों पर जीत दर्ज कर बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया है। इसके साथ ही पूर्वांचल के बाहुबली पंडित हरिशंकर तिवारी की चिल्लूपार सीट का भी पूर्वांचल की राजनीति से द इंड हो गया। लोगों का कहना है कि गोरखपुर में जो विकास कार्य हुए हैं, योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव सबको मिला है, यह उसका भी असर है।

जीत के बाद बांसगांव सीट से भाजपा के विमलेश पासवान
जीत के बाद बांसगांव सीट से भाजपा के विमलेश पासवान

योगी लहर की हालत यह है कि चिल्लूपार में पहली बार कमल खिला है और बीजेपी के राजेश त्रिपाठी ने जीत दर्ज की है और सपा के प्रत्याशी बाहुबली हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी हो हरा दिया। इसके पहले 2017 में बसपा से इस सीट पर विनय शंकर तिवारी तो 2012 में राजेश त्रिपाठी चुनाव जीते थे। हालत यह है सदर सीट पर योगी के सामने केवल सपा के प्रत्याशी की जमानत बची है। भीम आर्मी के चंद्रेशख रावण व आम आदमी पार्टी के विजय श्रीवास्तव सहित सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।

जीत के बाद भाजपा के पिपराइच सीट से महेंद्रपाल सिंह
जीत के बाद भाजपा के पिपराइच सीट से महेंद्रपाल सिंह

37 वर्ष बाद सरकार हुई रिपीट
यह लहर ही है कि यूपी में 37 साल बाद ऐसा पहली बार हुआ कि यूपी में कोई सरकार सत्ता में रहने के बावजूद दुबारा रिपीट हुई और पूर्ण बहुमत प्राप्त किया। लोगों का कहना है कि मोदी व योगी जब भी सत्ता में आते हैं तो लगातार सत्ता में रहते हैं। यह गोरखपुर में योगी के सांसदी चुनाव से भी देखा जा सकता है जहां योगी पांच बार लगातार सांसद रहे।

इन सीटों पर इतने वोट पाकर जीते प्रत्याशी
गोरखपुर शहर से सीएम योगी ​आदित्यनाथ को कुल 165499 वोट प्राप्त हुए वहीं सपा की सुभावती शुक्ला को 62109 मत प्राप्त हुआ। योगी के जीत का अंतर 103390 वोटों का रहा। खजनी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी मंत्री रहे श्रीराम चौहान को 90210 वोट मिले तो सपा की रूपावती बेलदार को 53190 वोट मिले। जीत का अंतर 37020 वोट का रहा। सहजनवां विधानसभा में पहली बार चुनाव लड़ रहे भाजपा के प्रदीप शुक्ला को 105320 वोट मिले तो सपा के यशपाल सिंह रावत को 62177 वोट मिले।

जीत के बाद चौरीचौरा सीट से बीजेपी के सरवन निषाद
जीत के बाद चौरीचौरा सीट से बीजेपी के सरवन निषाद

जीत का अंतर 43143 वोट का रहा। यहां बसपा से चुनाव लड़ रहे माफिया सुधीर सिंह को 43798 वोट मिले। कैंपियरगंज सीट से भाजपा के पूर्व मंत्री फतेहबहादुर सिंह को 122032 वोट मिले तो वहीं सपा की काजल निषाद को 79376 वोट मिले। जीत का अंतर 42656 वोट का रहा। पिपराइच विधानसभा से भाजपा के महेंद्र पाल सिंह को 141780द वोट मिले तो सपा के अमरेंद्र निषाद को 76423 वोट मिले। जीत का अंतर 65357 वोटों का रहा।

दिल धड़काने वाली थी ग्रामीण सीट की जंग
गोरखपुर ग्रामीण सीट से भाजपा के ​विधायक रहे विपिन सिंह को 126376 वोट मिले तो सपा के विजय बहादुर यादव को 102306 वोट मिले। जीत का अंतर 24070 वोट का रहा। पांचवे राउंड के बाद एक समय यहां ऐसी लड़ाई थी कि ​भाजपा प्रत्याशी केवल 9 वोट से आगे थे। समर्थकों के दिल की धड़कन बढ़ गई थी। 13 वे राउंड के बाद बीजेपी ने ऐसी बढ़त बनाई की सपा दूरों पीछे छूट गई।

जीत के बाद कैंपियरगंज सीट से बीजेपी के फतेहबहादुर सिंह
जीत के बाद कैंपियरगंज सीट से बीजेपी के फतेहबहादुर सिंह

बांसगांव सीट से भाजपा के विधायक रहे डॉ विमलेश पासवान को 87224 वोट मिले तो सपा के डॉ संजय कुमार को 54915 वोट मिले। जीत का अंतर 32309 वोट का रहा। वहीं चौरीचौरा सीट पर भाजपा व निषाद पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी सरवन निषाद को 91958 वोट मिले तो सपा के कैप्टन बृजेश चंद्र लाल को 50831 वोट मिले। जीत का अंतर 41127 रहा। वहीं चिल्लूपार सीट पर भाजपा के राजेश त्रिपाठी को वोट मिले वहीं सपा के विनय शंकर तिवारी को वोट मिले। जीत का अंतर वोट का रहा।

सबसे कम ग्रामीण पर 24 हजार से ज्यादा रहा जीत का अंतर
गोरखपुर की 9 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों की जीत का अंतर न्यूनतम 24 हजार रहा। जो ग्रामीण सीट पर वि​पिन सिंह का रहा। वहीं अधिकतम जीत का अंतर सदर सीट पर योगी का रहा जो 103390 वोट का रहा।

जीत के बाद चिल्लूपार सीट से बीजेपी के राजेश त्रिपाठी
जीत के बाद चिल्लूपार सीट से बीजेपी के राजेश त्रिपाठी

योगी की जीत का अंतर पूर्वी यूपी में किसी भी प्रत्याशी के जीत का सबसे बड़ा अंतर है। वहीं सदर सीट पर भाजपा के ​जीत का सिलसिला 1989 से ही चल रहा है। 2002 में योगी समर्थित बीजेपी के बागी डॉ राधामोहन दास अग्रवाल ने जीत दर्ज की थी।

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