गोरखपुर में बिक रहे छठ घाट:राजघाट पर नदी किनारे पूजा के लिए जगह हजार रुपए में, बेदी बनाकर लोग दिन-रात कर रहे रखवाली

गोरखपुर22 दिन पहले
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कल यानी 8 नवंबर से छठ महापर्व शुरू हो रहा है। महिलाएं नहाय खाय के साथ छठ व्रत शुरू करेंगी। इससे पहले नदियों के तट पर साफ-सफाई का काम शुरू किया गया है, लेकिन गोरखपुर में अलग ही नजारा है। यहां शहर के राजघाट पर नदी के तट की बोली लग रही है। कुछ लोगों ने घाट पर कब्जा कर लिया है। बेदी बनाने के लिए एडवांस में घाट पर जगह बुक की जा रही है। इसके लिए 500 से 1000 रुपए तक महिलाओं से वसूला जा रहा है।

500 से 1000 की लग रही बोली
शनिवार को जब दैनिक भास्कर टीम ने राजघाट पर छठ पूजा के लिए वसूली करने वालों की पड़ताल की तो कई लोग सामने आए। घाट पर बेदी बनाने के लिए जगह बेच रहे थे, उनके अलग-अलग रेट थे। कोई 500 तो कोई 1000 रुपए में पूजा के लिए बेदी बनाने की जगह बेच रहा था। पूछे जाने पर उसने बताया कि काफी मेहनत से साफ-सफाई कर जगह कब्जा की है। इस जगह को पूजन के लिए उपलब्ध कराने के भी रेट हैं।

कब्जा करने वाले ने बिना नाम बताए दावा किया कि कुछ 1000-500 दे दीजिए। यही जगह आपको दे देता हूं। मैं अपने लिए दूसरी जगह तलाश लूंगा। वहीं, घाट पर काफी दूर तक ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कहीं रस्सी से तो कहीं कपड़े की डोरी बांधकर लोगों ने जगह कब्जा कर रखी है।

राजघाट पर कुछ लोगों ने बेदी बनाकर अपना डेरा जमा लिया है। ये लोग कहते हैं कि काफी मेहनत से सफाई कर जगह कब्जा की है। इसलिए अब दाम वसूल रहे हैं।
राजघाट पर कुछ लोगों ने बेदी बनाकर अपना डेरा जमा लिया है। ये लोग कहते हैं कि काफी मेहनत से सफाई कर जगह कब्जा की है। इसलिए अब दाम वसूल रहे हैं।
डोरी और लकड़ी के टुकड़े से निशान लगाकर जगह को कवर किया गया।
डोरी और लकड़ी के टुकड़े से निशान लगाकर जगह को कवर किया गया।

अभी से रिजर्व हो गई घाटों पर जगह
कई जगहों पर तो परिवार के लोग रखवाली भी कर रहे हैं। जबकि कई श्रद्धालुओं ने अपनी जगह कब्जा करके उसकी रखवाली का जिम्मा आसपास के लोगों को ठेके पर दे रखा है। ऐसे में वहां किसी अन्य के पहुंचते ही आसपास मौजूद लोग आकर खड़े हो जाते हैं। कहते हैं यह जगह पहले से ही रिजर्व है। ऐसे में यह तो तय है कि इस बार राजघाट पर पूजन के दिन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेदी बनाने के लिए जगह मिलना काफी मुश्किल होगा।

हालांकि, नगर आयुक्त अविनाश सिंह का दावा है कि शहर के सभी घाटों पर छठ पूजन की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह निशुल्क हैं। किसी तरह की दलाली या वसूली करने वालों पर कार्रवाई के लिए टीमें भी तैनात की जा रही हैं। अगर इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो तत्काल उस पर कार्रवाई की जाएगी।

कई छठ घाटों पर नगर निगम ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू दी हैं।
कई छठ घाटों पर नगर निगम ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू दी हैं।

नगर निगम ने शुरू की तैयारियां
छठ घाटों पर तैयारियों को लेकर नगर निगम ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू दी हैं। राप्तीतट के रामघाट और राजघाट पर सफाई जोरों से चल रही है। तकिया घाट, डोमिनगढ़ छठ घाट और हनुमान गढ़ी घाट पर पूजा की व्यवस्था के साथ ही लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। शनिवार को नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने छठ घाटों पर व्यवस्था का निरीक्षण किया। अपर नगर आयुक्त आरबी सिंह, उप नगर आयुक्त संजय शुक्ल, मुख्य अभियंता सुरेश चंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने शहर के सभी प्रमुख छठ घाटों पर व्यवस्था का जायजा लिया।

नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने खुद छठ घाटों पर व्यवस्था का निरीक्षण किया।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने खुद छठ घाटों पर व्यवस्था का निरीक्षण किया।

नदी में कराई जा रही बैरिकेडिंग
नगर आयुक्त ने बताया कि छठ घाटों पर नदी में बैरिकेडिंग कराई जा रही है। इससे श्रद्धालु गहराई में नहीं जा सकेंगे। इसके अलावा छठ घाटों पर नगर निगम की टीम मौजूद रहेगी। नगर निगम के शिविर में श्रद्धालुओं के बैठने की भी व्यवस्था की जाएगी। पथ प्रकाश की व्यवस्था तेजी से कराई जा रही है। इसके साथ ही करीब 250 पार्क और सार्वजनिक स्थानों पर भी नगर निगम कृत्रिम पोखरा बनाकर पानी भरने की तैयारी कर रहा है।

मुख्य अभियंता सुरेश चंद ने बताया कि शहर के जिन पार्कों में छठ पूजा होती है, वहां तालाब खोदकर पानी भरा जा रहा है। यहां सफाईकर्मियों की तैनाती की जा रही है। पूजा के बाद सफाई कराई जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं होगी।

शिफ्ट में कर्मचारियों की तैनाती
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के लिए बनाए गए घाटों पर 24 घंटे नगर निगम के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इसके लिए कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्ट में तैनाती की गई है। प्रतिमा विसर्जन मार्ग तक की सड़क को पहले ही ठीक कराया जा चुका है। एकला बांध से राप्ती नदी के किनारे बनाए गए तीनों कृत्रिम तालाबों तक पहुंचने के लिए लोहे की चादरें बिछाई गई हैं। इसके साथ बैरिकेडिंग और लाइटिंग की भी व्यवस्था की जा रही है।

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