भीम आर्मी चीफ रावण की योगी को चुनौती:गोरखपुर में आदित्यनाथ के खिलाफ उतरेंगे चंद्रशेखर, बोले- उन्हें रोकने के लिए लड़ना जरूरी

गोरखपुरएक वर्ष पहले

उत्तर प्रदेश में अकेले दम पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण ने गुरुवार को योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी है। चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी सभी 403 सीटों पर चुनाव में उतर रही है। चंद्रशेखर ने कहा कि वे आदित्यनाथ के खिलाफ गोरखपुर की सदर सीट से चुनाव लड़ेंगे, क्योंकि योगी को रोकने के लिए लड़ना होगा और सीधी लड़ाई भी उन्हीं से होगी।

यूपी के सीएम ने जाति देखकर बुलडोजर चलवाए- चंद्रशेखर
चंद्रशेखर बुधवार को गोरखपुर भी गए थे। उन्होंने लोगों से मुलाकात के बाद कहा था- यूपी के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी ने साढ़े चार साल में प्रदेश की जनता को तबाह कर दिया है। निर्दोष लोगों पर मुकदमे लाद दिए गए हैं। जाति देखकर बुलडोजर चलाए गए। प्रदेश भर में कई जगहों पर बहनों के साथ हाथरस, उन्नाव, प्रयागराज जैसे मामले हुए। CAA और NRC का विरोध करने वालों पर गोलियां चलीं।

सपा से होना था गठबंधन, 2 सीटों पर हुई थी बात
चंद्रशेखर पहले समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव में उतरना चाहते थे, लेकिन सीटों पर बात नहीं बनी। उन्होंने कहा था कि अखिलेश ने उन्हें धोखा दिया और वे बंद कमरे की बात बाहर लाना ही नहीं चाहते थे। 14 से 19 जनवरी तक हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा था कि चंद्रशेखर की पार्टी से 2 सीटों पर समझौता हो गया था। फिर उन्हें किसी का फोन आया और गठबंधन नहीं हो सका।

अखिलेश यादव के साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) का गठबंधन है। सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर चंद्रशेखर को अखिलेश के साथ लाना चाहते थे।
अखिलेश यादव के साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) का गठबंधन है। सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर चंद्रशेखर को अखिलेश के साथ लाना चाहते थे।

गठबंधन न होने पर कहा था- अखिलेश ने अपमानित किया
चंद्रशेखर ने 15 जनवरी को कहा था, 'यूपी में बीजेपी के खिलाफ हमने लाठियां खाई हैं। भाजपा को हराना हमारा लक्ष्य है, हम भाजपा को सत्ता में नही आने देंगे। एक महीने से मेरी लगातार अखिलेश से बात हो रही है। अखिलेश तय कर चुके हैं वे दलितों से गठबंधन नहीं करेंगे। अखिलेश ने मुझे अपमानित किया है। मुझे लगता है कि वे दलितों की लीडरशिप नहीं होने देना चाहते हैं।'

उन्होंने कहा था, 'मैंने अखिलेश पर जिम्मेदारी छोड़ी थी कि वे गठबंधन में शामिल करें या नहीं, लेकिन उन्होंने आज तक जवाब नहीं दिया। अखिलेश को दलितों की जरूरत नहीं है। हमने तय किया है कि अभी सपा से गठबंधन नहीं करेंगे। हम अपने दम पर लड़ेंगे।'

इनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगे आजाद
आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी कुछ लोगों के सामने अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी। जिनमें प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर, राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी और स्वामी प्रसाद मौर्य के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव चुनाव लड़ते हैं तो पार्टी उनके सामने प्रत्याशी नहीं उतारेगी।

योगी भी पहली बार लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
योगी आदित्यनाथ पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वो 2017 में मुख्यमंत्री बनने से पहले तक लोकसभा के सदस्य थे। योगी 1998 में पहली बार गोरखपुर से लोकसभा सांसद चुने गए। वो लगातार 5 बार से गोरखपुर से लोकसभा का चुनाव जीते, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने विधान परिषद की राह चुनी।

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