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गोरखपुर में CM योगी का बाढ़ का हवाई सर्वे:पीड़ितों में मुख्यमंत्री ने बांटी राहत सामग्री, कहा- न कोई भूखा रहेगा न बेघर, सभी नागरिक का जीवन अमूल्य

गोरखपुर3 महीने पहले
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शुक्रवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर निकले सीएम योगी गोरखपुर पहुंचे। - Dainik Bhaskar
शुक्रवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर निकले सीएम योगी गोरखपुर पहुंचे।

गोरखपुर के बाढ़ के इलाकों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को हवाई सर्वे किया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सरकार और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता से युद्ध स्तर पर बचाव एवं राहत कार्य में लगा है। बाढ़ से प्रभावित कोई भी व्यक्ति न तो भूखा सोएगा और न ही कोई बेघर रहेगा।

इस संबंध में प्रशासन के स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा रही है। न केवल बाढ़ बल्कि इसके बाद भी नागरिकों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए कार्ययोजना बना ली गई है। सीएम ने कहा कि प्रदेश के हरेक नागरिक का जीवन हमारे लिए अमूल्य है। हम आश्वस्त करते हैं कि आपदा के इस समय मे सरकार पूरी तत्परता व प्रतिबद्धता से आपके से खड़ी है।

बाढ़ पीड़ितों में बांटी राहत सामग्री
शुक्रवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर निकले सीएम योगी शनिवार को गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने यहां पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनका दुख-दर्द साझा कर उन्हें राहत सामग्री प्रदान बांट रहे हैं। 'हर समय सरकार उनके साथ' होने के भरोसे के साथ अधिकारियों को निर्देशित कर रहे हैं कि किसी को तनिक भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। यहां उन्होंने झंगहा, खजनी, सहजनवा और लालडिग्गी में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री का वितरण किया।

सीएम योगी यहां पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनका दुख-दर्द साझा कर उन्हें राहत सामग्री प्रदान बांट रहे हैं।
सीएम योगी यहां पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनका दुख-दर्द साझा कर उन्हें राहत सामग्री प्रदान बांट रहे हैं।

यूपी के 15 जिले बाढ़ से प्रभावित
योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में भारी बारिश से पूर्वांचल के करीब 15 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। गोरखपुर में करीब 304 गांवों की 2.26 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां 405 नाव और 50 स्टीमर लगाए गए हैं। बाढ़ चौकियों व कंट्रोल रूम के जरिये बाढ़ पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राप्ती खतरे के निशान से ढाई से तीन मीटर ऊपर बह रही। पिछले 50 सालों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की इतनी खतरनाक स्थिति कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हमनें 1991 व 1998 की स्थिति को भी देखा है। सीएम ने कहा कि बचाव के लिए समय पूर्व किए गए प्रभावी इंतजामों से जन व धन हानि को रोकने का पूरा प्रयास किया गया। इसमें कामयाबी भी मिली।

कोरोना के साथ बाढ़ से भी जीतेंगे लड़ाई
बाढ़ की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पीएसी की फ्लड यूनिट को पहले से ही सक्रिय कर दिया गया था। पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था के साथ राहत सामग्री का पर्याप्त इंतज़ाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि कोई भी खुद को असहाय न समझे और राज्य सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि हम पिछले डेढ़ साल से कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं और अब बाढ़ से भी, लेकिन धैर्य के साथ इस संकट का मुकाबला करते हुए हम शीघ्र ही बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त कर लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन घरों में बाढ़ या बारिश का पानी घुस गया है, उन परिवारों के भोजन के लिए कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं का भी सरकार को खयाल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन घरों में बाढ़ या बारिश का पानी घुस गया है, उन परिवारों के भोजन के लिए कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं का भी सरकार को खयाल है।

पर्याप्त मात्रा में हो रहा खाद्यान्न वितरण
सीएम योगी ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न वितरण कराया जा रहा है। हर राशन सामग्री किट में 10-10 किलो चावल और आलू के अलॉस 2 किलो अरहर दाल, रिफाइंड तेल, नमक, हल्दी, मिर्च, मसाले के पैकेट, लाई, चना, गुड़, मोमबत्ती, माचिस आदि के साथ ही छाता व बरसाती भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन दिन के भीतर सभी पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचा दी जाएगी।

कम्युनिटी किचेन से भी भोजन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन घरों में बाढ़ या बारिश का पानी घुस गया है, उन परिवारों के भोजन के लिए कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं का भी सरकार को खयाल है। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को भूसे-चारे का संकट न हो, इसके लिए भी प्रशासन को निर्देशित किया गया है। सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ के समय सांप व अन्य जहरीले जंतुओं तथा कुत्तों के द्वारा काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी रेबीज वैक्सिन व एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रहे। बीमारियों की आशंका को देखते हुए ऐसे क्षेत्रों में ओआरएस के पैकेट बांटने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को इन बीमारियों से होने वाले डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। साथ ही पेयजल को शुद्ध रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग को क्लोरीन टैबलेट बांटने को कहा गया है।

आपदा से मृत्यु के साथ पशु हानि पर भी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी की मृत्यु अत्यंत दुखदाई होती है। फिर भी आपदा में किसी की मृत्यु होने पर संबंधित के परिवार को चार लाख रुपये तत्काल आर्थिक सहायता देने का निर्देश प्रशासन को दिया गया है। सांप या अन्य हिंसक-जहरीले जानवर के हमले में मृत्य पर भी यह मदद दी जाएगी। बाढ़ के चलते किसी किसान या बटाईदार की मृत्यु पर उसे तत्काल मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की बीमा से आच्छादित करने का निर्देश प्रशासन को दिया गया है। इसी तरह यदि किसी व्यक्ति के पालतू पशु (गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी आदि) की बाढ़ के चलते मृत्यु हो जाती है तो उसके लिए भी सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता मिलेगी।

पीड़ितों को भूमि का देंगे पट्टा, सीएम आवास भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के चलते जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उसके लिए भी सरकार 95 हजार रुपये तक अनुमन्य धनराशि देगी। यदि किसी का मकान कटान के चलते नदी में विलीन हो गया है तो सरकार उसे न केवल आवास के लिए भूमि का पट्टा देगी, बल्कि उसके लिए सीएम आवास योजना से आवास की भी व्यवस्था की जाएगी। जब तक आवास की व्यवस्था नहीं होती तब तक ऐसे लोगों को सरकार की तरफ से संचालित शरणालयों में जगह दी जाएगी। सीएम ने कहा कि किसी भी सूरत में किसी को बेघर नहीं रहने देंगे।

फसल मुआवजा के लिए अभी से सर्वेक्षण
सीएम योगी ने बाढ़ पीड़ितों के बर्बाद फसलों की क्षतिपूर्ति का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए अभी से सर्वेक्षण भी शुरू करा दिया गया है। ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि सभी प्रभावित किसानों को समय से फसल मुआवजा मिल जाए।

चौरीचौरा विस क्षेत्र में 18 करोड़ रुपये के बाढ़ बचाव कार्य
चौरीचौरा तहसील के झंगहा स्थित आदित्य पब्लिक स्कूल में बाढ़ राहत सामग्री वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ बचाव को लेकर सरकार ने पहले से तैयारी कर रखी थी। पर, यह आपदा है और आपदा में कितने भी संसाधन या उपाय हों, कम पड़ जाते हैं। बाढ़ से बचाव के लिए अकेले चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र में 18 करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी गईं जो पूर्ण या पूर्णता की ओर हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नभ, जल व थल तीनों मार्गों से बाढ़ की स्थिति जानने के लिए तूफानी दौरा किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नभ, जल व थल तीनों मार्गों से बाढ़ की स्थिति जानने के लिए तूफानी दौरा किया।

नभ, जल व थल से लिया बाढ़ का जायजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नभ, जल व थल तीनों मार्गों से बाढ़ की स्थिति जानने के लिए तूफानी दौरा किया। इस क्रम में उन्होंने जहां सिद्धार्थनगर, महराजगंज और गोरखपुर जिले में बाढ़ का हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया, राहत शिविरों में जाकर प्रभावितों से मिले तो वहीं सहजनवा के भुआ शहीद गांव में वह एनडीआरफ के लाइफ बोट से पहुंचे। सहजनवा से सड़क मार्ग से बाढ़ का हाल जानते हुए गोरखपुर स्थित लालडिग्गी राहत शिविर आए। यहां से गोरखनाथ मंदिर तक सड़क मार्ग से जाते हुए शहरी क्षेत्र में भी जलभराव का जायजा लिया। तमाम जगहों का हवाई सर्वेक्षण करते हुए मुख्यमंत्री सहजनवा पहुंचे। इसके बाद यहां राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से मिलने और राहत सामग्री बांटने के बाद वह कसरवल में एनडीआरएफ की लाइफ बोट में सवार होकर उफनाती नदी के बीच होते हुए भुआ शहीद गांव में पहुंचे।

सीएम ने नौनिहालों को गोद में उठा लिया, प्यार-दुलार किया और उन्हें बिस्किट भी खिलाया।
सीएम ने नौनिहालों को गोद में उठा लिया, प्यार-दुलार किया और उन्हें बिस्किट भी खिलाया।

यूं ही नहीं बच्चे प्यार से टॉफी बाबा कहते
टॉफी बाबा...वनटांगिया बस्ती गोरखपुर के बच्चे करीब दो दशक से योगी आदित्यनाथ को इसी नाम से जानते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनको इसी नाम से जानते हैं। इसकी वजह बच्चों के प्रति उनका निश्छल और नैसर्गिक प्रेम है। किसी भी अवसर पर उन्हें बच्चे मिल जाते हैं तो वह उन पर प्यार-दुलार लुटाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं। शनिवार को सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज और सहजनवा के भुआ शहीद में बाढ़ पीड़ितों के बीच जब वह पहुंचे, तब भी यही नजारा दिखा। सीएम ने नौनिहालों को गोद में उठा लिया, प्यार-दुलार किया और उन्हें बिस्किट भी खिलाया।

मुख्यमंत्री सहजनवा में बाढ़ पीड़ितों के बच्चों को गोद में उठाकर दुलार रहे थे।
मुख्यमंत्री सहजनवा में बाढ़ पीड़ितों के बच्चों को गोद में उठाकर दुलार रहे थे।

नौनिहालों के लिए इंसेफेलाइटिस को लेकर सांसद के रूप में उनका संघर्ष और सीएम बनने पर नियंत्रण की समग्र कार्ययोजना पूरा देश जानता है। आज जब वह सिद्धार्थनगर जिले और सहजनवा में बाढ़ पीड़ितों के बच्चों को गोद में उठाकर दुलार रहे थे तो एक बार फिर यही संदेश था कि नौनिहालों का वर्तमान और भविष्य, दोनों को सुव्यवस्थित करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता है। इस दौरान उन्हें इन नौनिहालों के परिजनों को उनकी उचित देखभाल करने की नसीहत भी दी और कहा कि उनकी सरकार हर समय साथ में है इसलिए बाढ़ या अन्य किसी भी परिस्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है।

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