केंद्रीय मंत्री बोले- गोरखपुर बनेगा 'स्पेशल एजुकेशन जोन':CM योगी व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी CDS बिपिन रावत को श्रद्धांजलि; ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के लिए की प्रार्थना

गोरखपुर10 महीने पहले
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इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर सभी दिवांगत आत्माओं के शांति की कामना की गई। - Dainik Bhaskar
इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर सभी दिवांगत आत्माओं के शांति की कामना की गई।

गोरखपुर में शुक्रवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे केंद्रीय​​ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले ​तमिलनाडु के कुन्नुर में हुए सेना के हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी धर्मपत्नी मधुलिका रावत सहित 13 सैन्य अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर सभी दिवांगत आत्माओं के शांति की कामना की गई, साथ ही इस हादसे में अकेले सुरक्षित बचे देवरिया के सपूत ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के जल्द ठीक होने की कामना भी की गई।

धर्मेंद्र प्रधान ने गोरखपुर को "स्पेशल एजुकेशन जोन" बनाने की घोषणा की है।
धर्मेंद्र प्रधान ने गोरखपुर को "स्पेशल एजुकेशन जोन" बनाने की घोषणा की है।

गोरखपुर को ज्ञान नगरी बनाने की केंद्रीय मंत्री ने की घोषणा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा, कौशल एवं उद्यमिता विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तीन क्रियाशील व एक निर्माणाधीन विश्वविद्यालय के जरिये ज्ञान नगरी के रूप में विकसित गोरखपुर को "स्पेशल एजुकेशन जोन" बनाने की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "स्पेशल इकोनामिक जोन" की तर्ज पर "स्पेशल एजुकेशन जोन" से प्रधानमंत्री की मंशा और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की आवश्यकता के अनुरूप ग्लोबल सिटीजन (वैश्विक नागरिक) तेजी से तैयार हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्पेशल एजुकेशन जोन से विश्व भर की समस्याओं का समाधान गोरखपुर में निकाला जाएगा और इसमें महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं व इसके विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आई नई शिक्षा नीति रणनीतिक परिवर्तन के अनुरूप तैयार की गई है।

नई शिक्षा नीति के जरिए तैयार करेंगे विश्व नागरिक
श्री प्रधान ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य भारत को विश्व का नम्बर एक देश बनाना है। नम्बर एक विश्व में वर्चस्व के लिए नहीं बल्कि विश्व कल्याण के लिए। नई शिक्षा नीति का विचार भारत के बच्चों को वैश्विक नागरिक बनाने का है। गोरखपुर के बच्चे भी वैश्विक नागरिक बनने में जुटेंगे। यहां बाबा गंभीरनाथ पीठ की स्थापना तो हो ही रही है, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय और इसके पहले से शुरू दो विश्वविद्यालय स्पेशल एजुकेशन जोन से जुड़कर इस आध्यात्मिक नगरी में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।

युगपुरुष हैं ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि युग पुरुष किसे कहा जाए, इस प्रश्न के विचार पर उत्तर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ के रूप में मिलता है। लंबे मुगलिया और अंग्रेजी हुकूमत के बाद समाज की स्थिति को उन्होंने अपनी दूरदृष्टि से पहचाना और देश व समाज के नए भविष्य के लिए 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की नींव रखी। महंत दिग्विजयनाथ की दूरदर्शिता आज समझ में आती है। उनकी दूरदर्शी परम्परा को ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ और आज योगी आदित्यनाथ ने तेजी से आगे बढ़ाया है।

CDS बिपिन रावत ठीक एक वर्ष पहले महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के इसी समारोह में अपना मार्गदर्शन देने के लिए आए थे।
CDS बिपिन रावत ठीक एक वर्ष पहले महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के इसी समारोह में अपना मार्गदर्शन देने के लिए आए थे।

CM योगी बोले- बिपिन रावत ने गोरखपुर में किया था मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सब यहां पर भारत माता के एक महान सपूत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ठीक एक वर्ष पहले महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के इसी समारोह में अपना मार्गदर्शन देने के लिए आए थे। यहां महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़े हुए छात्र छात्राओं और संस्थाओं के सभी लोगों ने उस समय देखा होगा एक सैनिक अधिकारी कैसे संपूर्ण समर्पण भाव के साथ एक देश की सेवा करता है।

उसका एक उत्कृष्टतम उदाहरण जनरल बिपिन रावत थे। उन्होंने अपने महत्वपूर्ण उद्बोधन के माध्यम से महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं के प्रधानाचार्य, आचार्य और शिक्षकों सहित यहां अध्ययन कर रहे छात्र छात्राओं के मार्गदर्शन भी किया था।

CDS ने कहा था, भविष्य की चिंताओं पर विचार करना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत एक उत्कृष्ट सैन्य अधिकारी के साथी एक दूरदर्शी सैन्य अधिकारी भी थे, और आपने देखा होगा कि 7 दिसंबर 2020 को जब उन्होंने अपना अंतिम व्यक्तव्य भी दिया तो उन्होंने इस बात को कहा था कि हमें भविष्य की उन चिंताओं पर जरूर विचार करना चाहिए, और उसके लिए तैयार रहना होगा।

एक जैविक युद्ध मानवता के सामने संकट खड़ा कर सकता है। दुर्भाग्य से भी आज वे हमारे बीच में नहीं है। मैं इस अवसर पर प्रदेश सरकार की ओर से, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की सभी संस्थाओं की ओर से भी दिवंगत आत्मा के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने भी CDS बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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