लाडले ही कर रहे माता-पिता को प्रताड़ित:बेटी ने मकान ​हथियाकर मां को निकाला, तो कहीं बेटा करता है पिटाई; वृद्धाश्रम में रह रहे 81 बुजुर्ग

गोरखपुर9 दिन पहले
गोरखपुर में भी आए दिन बे​टे और बेटियां माता-पिता को आए दिन प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्हें घर से निकाल ​दे रहे हैं।

जो मां नौ महीने गर्भ में रखकर तमाम कष्ट सहकर बच्चों को जन्म देती है। जो हमारे दुख को बिना कहे समझकर उसे दूर करती है। जो पिता उंगली पकड़कर बच्चे को जीवनपथ पर चलना सीखाता है। उन्हें ही उनके लाडले और लाडली बड़े होकर प्रताड़ित कर रहे हैं। ऐसे में उनके दिल पर क्या बीतती है, इसका अंदाजा सिर्फ वे ही लगा सकते हैं, जो इसका शिकार होते हैं।

प्रताड़ित करने वाले बच्चे शायद भूल गए हैं कि जो वे आज कर रहे हैं, वही भविष्य में उनके बच्चे भी उनके साथ कर सकते हैं। यही वजह है कि बुजुर्गों को प्रताड़ित करने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। गोरखपुर में भी आए दिन बे​टे और बेटियां माता-पिता को आए दिन प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्हें घर से निकाल ​दे रहे हैं।

कई जगहों पर तो वे जन्म देने वाले माता-पिता की हत्या तक कर दे रहे हैं। गोरखपुर के गोकुल वृद्धाश्रम में 51 पुरुष और 30 महिला समेत 81 बुजुर्ग एक दूसरे का सहारा बनकर रह रहे हैं। किसी को उनकी बेटी और दामाद ने निकाल दिया है, तो किसी को उनके बेटे और बहू ने। आइए अपनों के सताए कुछ बुजुर्गों की दुखभरी कहानी आपको हम बताते हैं...

केस-1 : मकान हथियाकर बेटी और दामाद ने घर से निकाला

गोरखनाथ की दुर्गा देवी को उनकी बेटी और दामाद ने घर से निकाल दिया। वह अब वृद्धाश्रम में रह रही है।
गोरखनाथ की दुर्गा देवी को उनकी बेटी और दामाद ने घर से निकाल दिया। वह अब वृद्धाश्रम में रह रही है।

शहर के गोरखनाथ उत्तरी की रहने वाले श्रीराम अपनी पत्नी दुर्गा के साथ रहते थे। उनको बेटा नहीं हुआ। बेटी नीतू को बड़े नाजों से पालकर बड़ा किया। उसकी हर खुशी पूरी की। धूमधाम से बेटी की शादी लेखपाल बृजेश कुमार गुप्ता से की। 10 वर्ष पहले श्रीराम की मौत हो गई। 70 वर्षीय दुर्गा देवी अपनी बेटी नीतू और दामाद बृजेश के साथ रहने लगीं। बेटी और दामाद पेंशन बनवाने के नाम पर दुर्गा से एक कागज पर धोखे से अंगूठा लगवा लिया।

दुर्गा के नाम की जमीन और मकान को बेटी ने अपने नाम करा लिया। कुछ दिन तक तो रोज वे उन्हें तरह तरह से प्रताड़ित करने लगे। उन्हें खाने को नहीं देते थे। सात महीने पहले बेटी और दामाद ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। फिर वह शहर के बड़गो स्थित गोकुल वृद्धाश्रम पहुंचीं और तबसे वहां रह रही हैं। अब वहां के बुजुर्ग ही उनका परिवार हैं। आश्रम वालों की पहल पर डीएम विजय किरण आन्नद के निर्देश पर शनिवार को दुर्गा देवी को थाने भेजकर कानूनी कार्रवाई शुरू कराई गई।

केस-2 : बहू कराती थी काम, शिकायत करने पर पीटता था बेटा

मऊ की सुभावती को उनकी बहू प्रताड़ित करती थी। इसके बाद वह गोरखपुर में वृद्धाश्रम में रहती हैं।
मऊ की सुभावती को उनकी बहू प्रताड़ित करती थी। इसके बाद वह गोरखपुर में वृद्धाश्रम में रहती हैं।

मऊ की रहने वाली 75 वर्षीय सुभावती के पति की 15 साल पहले मौत हो गई। वह अपने इकलौते बेटे और बहू के साथ रहने लगीं। धीरे-धीरे बहू उनसे घर का काम कराने लगी। खाने को भी मोहताज कर दिया। जब वह इसकी शिकायत अपने बेटे से करती, तो बेटा भी बहू का पक्ष लेकर पीटता था। तीन महीने पहले बहू और बेटे ने मां को घर से निकाल दिया। वह वृद्धाश्रम में रह रही हैं।

केस-3 : बेटा लाठियों से पीटता है, पुलिस नहीं करती कार्रवाई

शहर के कोतवाली इलाके के 60 वर्षीय रईस शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने बताया उनका बेटा बदरूद्दीन उन्हें बात बात पर पीटता है। घर से बाहर निकाल देता है। जब वे इसकी शिकायत करते हैं, तो पुलिस उस पर कार्रवाई नहीं करती क्योंकि वह पुलिस का दलाल है।

इसी तरह चिलुआताल इलाके की 65 वर्षीय बांसमती भी एसएसपी कार्यालय पहुंचीं और उनसे कहा कि बहू और बेटा पीटते हैं। उनके पति का हाथ तोड़ दिया है। पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके बाद एसएसपी डॉ. विपिन तांडा ने दोनों थानेदारों को आरोपी बेटा और बहू पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एसएसपी के पास रोजाना एक से दो बुजर्ग माता-पिता आ रहे हैं, जिनका आरोप है कि बच्चे उन्हें पीट रहे हैं।

केस-4 : पिता को पीटा और मां का गला दबाकर हत्या की कोशिश की

10 मई 2022 को पिपराइच इलाके के थवई रामपुर निवासी अनिल ने नशे की हालत में अपने सेवानिवृत्त पिता जयश्री गुप्ता को पीटा। उनकी गलती इतनी थी कि उन्होंने शराब के लिए पैसे नहीं दिए। मां बचाने आई, तो उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। मां शारदा ने जब एसएसपी से शिकायत की, तो पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ हत्या की कोशिश सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।

केस-5 : बेटा खुद रहता दिल्ली में, मां को छोड़ दिया अकेला

वृद्धाश्रम में रहने वाली किसमती देवी को छोड़कर उनका बेटा दिल्ली चला गया।
वृद्धाश्रम में रहने वाली किसमती देवी को छोड़कर उनका बेटा दिल्ली चला गया।

गोरखपुर के भटहट की 75 वर्षीय किसमती देवी दो महीने पहले ही वृद्धाश्रम आई हैं। पति की मौत के बाद उनका बेटा अपनी बहू के साथ दिल्ली चला गया। वह घर पर अकेली हो गईं। बेटी भी अपने पास रखने को तैयार नहीं हुई, तो वह आश्रम चली आईं। बेटा कभी भी आश्रम में उन्हें देखने नहीं आता। इसी प्रकार बांसगांव के टीकर गांव की 76 वर्षीय सहादुर भी अपने पति दुईजी की मौत के बाद तीन महीने पहले आश्रम चली आईं। उन्होंने बताया कि बेटा नहीं है। बेटी और दामाद ने घर तो ​ले लिया, लेकिन उन्हें घर से बाहर निकाल दिया।

राममंगल पांडेय को उनकी बेटी ने निकाल दिया था। एसएसपी डॉ. विपिन तांडा के निर्देश पर काउंसलिंग कराकर बेटी के साथ भेजा गया।
राममंगल पांडेय को उनकी बेटी ने निकाल दिया था। एसएसपी डॉ. विपिन तांडा के निर्देश पर काउंसलिंग कराकर बेटी के साथ भेजा गया।

इसी प्रकार शनिवार को शहर के राममंगल पांडेय एसएसपी के पास पहुंचे। उनके मकान को उनकी बेटी ने ​हथिया लिया था और रहने नहीं दे रही थी। एसएसपी के निर्देश पर परिवार परामर्श केंद्र ने दोनों को बुलाकर काउंसलिंग कराई और बेटी को हिदायत दी, जिसके बाद बेटी अपने पिता को घर ले गई।

10 हजार निराश्रित बुजुर्गों को पुलिस पहुंचाती है मदद

गोरखपुर में यूपीकॉप एप पर 10 हजार बुजुर्गो ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। ये वो बुजुर्ग हैं, जो अकेले रहते हैं। उनके अपने या तो नहीं हैं या बाहर रहते हैं। उनका फोन आने पर पुलिस उनकी मदद करती है। कोरोना काल में तो पुलिस ने उन्हें दवाईयों समेत अन्य जरूरी सामान भी पहुंचाया था। पुलिस हमेशा उनका हालचाल लेती रहती है।

एक परिवार यह भी जहां एक साथ रहती हैं तीन पीढ़ियां

गोरखपुर के चौरीचौरा इलाके के ब्रह्मपुर गांव के छत्रधारी यादव का परिवार तीन पीढ़ियों से एक साथ रहता है। वर्तमान में उनके परिवार में 71 सदस्य हैं। आज भी इनके परिवार का खाना एक में ही बनता है।

गोरखपुर के गुलरिहा में 18 मार्च 2022 को बेटे राहुल ने अपने ही पिता विद्या की हत्या कर दी थी।
गोरखपुर के गुलरिहा में 18 मार्च 2022 को बेटे राहुल ने अपने ही पिता विद्या की हत्या कर दी थी।

लाडलों ने ही ले ली जान

  • 11 मई 2022 को पिपराइच बनरही गांव में 45 वर्षीय चंद्रभान ने बेटे की प्रताड़ना से आजिज आकर फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया था।
  • 18 मार्च 2022 को गुलरिहा के जंगल एकला नंबर दो में शराब के लिए रुपए न देने पर बेटे राहुल ने ईंट से सिर कूंचकर अपने पिता विद्या पासवान की हत्या कर दी थी। खुद सरेंडर कर जेल चला गया।
  • 24 मार्च 2022 को गगहा के कहला गांव में पंखा टूटने के विवाद में बेटे राहुल ने पिता जगदीश की राड से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
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