मनीष गुप्ता हत्याकांड:कहीं इगो क्लैश होने पर तो नहीं की थी पुलिस वालों ने मनीष की पिटाई?, होटल कर्मचारियों और दोस्तों के बयान से 512 नंबर कमरे परत उदेड़ रही SIT

गोरखपुर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
SIT इस बात की तह में जाने की कोशिश में जुटी है कि आखिर चेकिंग के दौरान ऐसा क्या हुआ था कि पुलिस और होटल में ठहरे युवकों के बीच मारपीट हो गई। - Dainik Bhaskar
SIT इस बात की तह में जाने की कोशिश में जुटी है कि आखिर चेकिंग के दौरान ऐसा क्या हुआ था कि पुलिस और होटल में ठहरे युवकों के बीच मारपीट हो गई।

कानपुर से दोस्तों संग गोरखपुर घुमने आए प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की पुलिस के पिटाई से मौत के आरोपों की परतें कानपुर से आई SIT खोलने लगी है। अब तक की जांच में SIT को ऐसे कोई भी सुराग हाथ नहीं लगे हैं, जिसमें मनीष के कमरे में गिरकर मौत होने की बात सामने आई हो। हालांकि ऐसे एक नहीं बल्कि कई अहम सुराग हाथ जरूर लगे हैं, जिनमें पिटाई से मौत की बात सामने आई है। अब ऐसे में SIT इस बात की तह में जाने की कोशिश में जुटी है कि आखिर 27 सितंबर की रात चेकिंग के दौरान ऐसा क्या हुआ था कि पुलिस और होटल में ठहरे युवकों के बीच मारपीट हो गई।

अभी गोरखपुर में डेरा डाले रहेगी SIT
वहीं, SIT अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं चेकिंग के दौरान कुछ तो ऐसा हुआ होगा, जिसमें पुलिस वालों का इगो क्लैश हुआ होगा और मारपीट हुई। जबकि पुलिस की ओर से पहले दिए गए बयान, चेकिंग के दौरान होटल कर्मचारियों के बयान और मनीष के साथ मौजूद उनके दोस्तों के बयान को जोड़कर SIT इस सवाल का जवाब ढूंढने में लगी है। यही वजह है कि अभी SIT टीम फिलहाल गोरखपुर में ही डेरा डाली रहेगी।

दोस्तों का बयान ही बना SIT के जांच का आधार
अब तक टीम ने होटल कर्मचारियों, होटल मालिक, चेकिंग के दौरान 512 नंबर कमरे में मौजूद होटल कर्मचारी, रामगढ़ताल थाने के पुलिस वाले, मानसी हास्पिटल के डॉक्टर और कर्मचारियों के साथ ही इस घटना की टाइमलाइन से जुड़े हर एक व्यक्ति के बयान दर्ज कर रही है, ताकि यह सामने आ सके कि आखिर उस रात होटल के कमरे में ऐसा क्या हुआ कि पुलिस को मनीष और उनके दोस्तों की पिटाई करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक SIT भी मनीष के दोस्तों की ओर से लगाए गए आरोपों को आधार मानकर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।

पुलिस वालों से बहस और फोन करना बना काल
दरअसल, घटना के बाद मनीष गुप्ता के साथ होटल के कमरे में ठहरे उनके दोस्तों ने भी यह आरोप लगाया था कि पुलिस वाले चेकिंग के दौरान उनके साथ बहस करने और मनीष के BJP नेता से फोन पर बात करने पर चीढ़ गए थे। जिसके बाद पहले तो उन्होंने मनीष ​के दोस्त हरबीर सिंह को पीटते हुए कमरे से बाहर किया और फिर मनीष से भीड़ गए। प्रदीप से नहीं भीड़ने की वजह हरबीर के बयानों और पुलिस की ओर से वायरल की गई चेकिंग के फोटो से ही साफ जाहिर है कि घटना के वक्त प्रदीप बेड पर सो रहा था।

मनीष के दोस्तों के भी बयान दर्ज करेगी SIT
ऐसे में SIT ने बुधवार को होटल के कमरे में साथ ठहरे मनीष के दोस्त हरबीर सिंह, प्रदीप सिंह और गोरखपुर के रहने वाले चंदन सैनी को भी पूछताछ के लिए बुधवार को बुलाया है। सभी के बयान दर्ज किए जाने के बाद ही SIT इस मामले में अपनी ठोस रिपोर्ट तैयार कर सकेगी। दूसरी ओर मनीष की मौत पुलिस की पिटाई से स्पष्ट होने के बाद से ही आरोपितों की गिरफ्तारियों के लिए भी SIT ने इशारा कर दिया है। SIT ने यह भी आशंका जताई है कि अगर गिरफ्तारी में देरी हुई तो आरोपित सुरक्षित ठिकाने तलाश लेंगे और फिर उन्हें पकड़ पाना मुश्किल होगा।

खबरें और भी हैं...