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गोरखपुर...पैनेशिया अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा:मरीज के मौत के बाद भी पूरे दिन परिवार से पैसे वसूलता रहा अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाने पर पता लगा सुबह ही हो चुकी है मौत

गोरखपुर20 दिन पहले
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मौत के बाद भी अस्पताल की ओर से उसे पूरे दिन वेंटिलेटर पर भर्ती रखा गया और करीब 70 हजार रुपए वसूल लिए। - Dainik Bhaskar
मौत के बाद भी अस्पताल की ओर से उसे पूरे दिन वेंटिलेटर पर भर्ती रखा गया और करीब 70 हजार रुपए वसूल लिए।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में प्राइवेट अस्पताल की लूट का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां कैंट इलाके के छात्रसंघ चौक स्थित पैनेशिया अस्पताल पर एक बार फिर एक मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। मृतक के बेटे का आरोप है कि पिता की मौत के बाद भी अस्पताल की ओर से उसे पूरे दिन वेंटिलेटर पर भर्ती रखा गया और करीब 70 हजार रुपए वसूल लिए। इस बीच परिजनों को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है।

पूरे दिन वे डॉक्टरों से मरीज को डिस्चार्ज करने की मिन्नते करते रहे। थक हारकर जब परिजनों की जेब पूरी तरह खाली हो गई तो वे मरीज को रात 8 बजे डिस्चार्ज कराकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके मरीज की मौत सुबह 10 बजे से पहले ही हो चुकी है।

परिजनों ने किया हंगामा
यह सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। नाराज परिजन अपने अपने परिचितों के साथ एक बार फिर शव लेकर पैनेशिया अस्पताल पहुंचे और जमकर बवाल काटा। इस बीच अस्पताल की ओर से इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को किसी तरह समझा बुझाकर मामला शांत कराया। वहीं, मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पीलिया की शिकायत पर कराया था भर्ती
रामगढ़ताल इलाके के सेमरा देवी प्रसाद कठउर के रहने वाले दुर्गेश निषाद ने बताया कि उनके पिता विजय निषाद(45) काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें पीलिया की शिकायत थी। इस बीच बुधवार को परिजनों ने देवरिया रोड स्थित डॉ. सीपी गुप्ता को दिखाया। दुर्गेश के मुताबिक डॉक्टर ने उनके पिता को तत्काल पैनेशिया अस्पताल में भर्ती कराने को कहा। डॉक्टर के कहने पर बेटे ने शाम 4 बजे पिता को भर्ती तो कर दिया, लेकिन रात 10 बजे डॉक्टर उन्हें देखने पहुंचे। आरोप है कि इस बीच अस्पताल की ओर से दवा आदि के नाम पर उनसे 35 हजार रुपए वसूल लिए गए।

खत्म हो गया पैसा तो कर दिया डिस्चार्ज
गुरुवार की सुबह पिता की हालत गंभीर देख और बजट बिगड़ता देख परिवार के लोग डॉक्टर से मरीज को डिस्चार्ज करने को कह दिया, लेकिन आरोप है कि पूरे दिन तमाम मिन्नते करने के बाद भी उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया गया। शाम 4 बजे के बाद जब परिवार के लोग डिस्चार्ज करने के लिए अड़ गए और बताया कि अब उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं तो अस्पताल की ओर से उन्हें 22 हजार रुपए का एक और बिल पकड़ा दिया गया।

पुलिस ने कब्जे में लिया शव, बेटे ने दी तहरीर
किसी तरह परिजन अस्पताल का बिल चुकाकर मरीज को लेकर रात 8 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मरीज को सिर्फ मृत ही घोषित नहीं किया, बल्कि बताया कि उनके मरीज की सुबह 10 बजे के पहले ही मौत हो चुकी है। यह सुनते ही परिवार के लोग वापस अपस्ताल पहुंच गए और जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। बहरहाल मौके पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर मामले की पड़ताल कर रही है। इंसपेक्टर कैंट सुधीर सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे दुर्गेश की तहरीर पर शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पीएम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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