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1 लाख का इनामी हेड कांस्टेबल कमलेश यादव गिरफ्तार:मनीष गुप्ता हत्याकांड में थी तलाश, कोर्ट में सरेंडर करने से पहले ही पुलिस ने पकड़ा, दरोगा विजय यादव की तलाश

गोरखपुरएक महीने पहले
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कैंट पुलिस ने आरोपित हेड कांस्टेबल को SIT को सौंप दिया है। मामले में अभी दरोगा विजय यादव फरार है। - Dainik Bhaskar
कैंट पुलिस ने आरोपित हेड कांस्टेबल को SIT को सौंप दिया है। मामले में अभी दरोगा विजय यादव फरार है।

मनीष गुप्ता हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख रुपए के इनामी आरोपी हेड कांस्टेबल कमलेश यादव को कैंट पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। मुखबिर की सूचना पर कैंट इंस्पेक्टर की टीम ने दोपहर में 1.05 बजे उसे कचहरी गेट के पास से पकड़ा है। वह कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था। कैंट पुलिस ने उसे SIT को सौंप दिया है। SIT अब उससे पूछताछ कर रही है। इस मामले में अभी दरोगा विजय यादव फरार है। इससे पहले चार अन्य आरोपी पुलिस वालों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस की पिटाई से हुई थी मनीष की मौत
कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके में स्थित कृष्णा होटल में पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। मनीष गुप्ता के साथ कमरे में ठहरे दोस्त गुड़गांव के हरबीर और प्रदीप ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया था। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने इस मामले में 6 पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।

सीएम योगी ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश
मीनाक्षी की तहरीर पर रामगढ़ताल थाने में तैनात तत्कालीन इंस्पेक्टर जगत नारायण उर्फ जेएन सिंह, एसआई अक्षय कुमार मिश्रा, एसआई विजय यादव को नामजद और तीन अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मीनाक्षी की मांग पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने SIT कानपुर को विवेचना ट्रांसफर कर दी थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने CBI जांच की भी सिफारिश की थी।

2 अक्टूबर से SIT कर रही विवेचना
कानपुर के एडिशन पुलिस कमिश्नर और SIT चीफ आनंद प्रकाश तिवारी 2 अक्टूबर से गोरखपुर में हैं। SIT केस की विवेचना कर रही है। विवेचना के आधार पर इंस्पेक्टर के साथ होटल गए तीन और पुलिसकर्मियों उपनिरीक्षक राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश सिंह यादव और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को भी एसआईटी ने नामजद किया। सभी आरोपियों के ऊपर पहले 25 हजार और फिर एक-एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

उपनिरीक्षक राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश सिंह यादव और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को एसआईटी ने नामजद किया।
उपनिरीक्षक राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश सिंह यादव और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को एसआईटी ने नामजद किया।

गाजीपुर का रहने वाला है हेड कांस्टेबल कमलेश
हेड कांस्टेबल कमलेश सिंह यादव गाजीपुर का रहने वाला है। इंस्पेक्टर कैंट सुधीर सिंह की टीम ने उसे पकड़ा है। मनीष हत्याकांड में अब सिर्फ एसआई विजय यादव फरार है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक-दो दिन में उसे भी पकड़ लिया जाएगा।

अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश
मनीष हत्याकांड में अभी तक हेड कांस्टेबल कमलेश यादव समेत पांच पुलिस वाले गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें मुख्य रूप से इंस्पेक्टर जेएन सिंह, एसआई अक्षय मिश्रा और राहुल दुबे तथा कांस्टेबल प्रशांत कुमार शामिल हैं। इस मामले में अभी दरोगा विजय यादव फरार है। इंस्पेक्टर जेएन सिंह व अक्षय मिश्रा को रविवार और दरोगा राहुल दुबे और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को मंगलवार को जेल भेजा गया था।

इंस्पेक्टर जेएन सिंह व अक्षय मिश्रा को रविवार और दरोगा राहुल दुबे और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को मंगलवार को जेल भेजा गया।
इंस्पेक्टर जेएन सिंह व अक्षय मिश्रा को रविवार और दरोगा राहुल दुबे और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को मंगलवार को जेल भेजा गया।

जानिए अब तक क्या कुछ हुआ

  • 27 सितंबर की देर रात गोरखपुर के होटल में पुलिस वालों पर मनीष को पीट-पीटकर मारने का आरोप लगा।
  • 28 सितंबर को पोस्टमॉर्टम के बाद तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की FIR, 6 को सस्पेंड किया गया।
  • 29 सितंबर की सुबह परिजन शव लेकर कानपुर पहुंचे। सीएम से मिलने की जिद पर अड़े थे। अंतिम संस्कार करने से भी इनकार किया।
  • 30 सितंबर सुबह 5 बजे मनीष का अंतिम संस्कार किया गया।
  • 10 अक्टूबर की शाम रामगढ़ताल पुलिस ने इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा को किया गिरफ्तार।
  • 12 अक्टूबर को पुलिस ने दरोगा राहुल दुबे और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को गिरफ्तार किया।
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