योगी के गढ़ में BJP नेताओं पर पब्लिक का गुस्सा:पहले BJP सांसद कमलेश पासवान और विधायक शीतल पांडेय को खदेड़ा, अब BJP विधायक संगीता यादव के लापता होने का लगा पोस्टर

गोरखपुर3 महीने पहले
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बाढ़ की त्रासदी झेल रहे जिले के नाराज लोगों ने अब चौरीचौरा विधायक संगीता यादव के लापता होने का इलाके में पोस्टर चस्पा कर दिया है। - Dainik Bhaskar
बाढ़ की त्रासदी झेल रहे जिले के नाराज लोगों ने अब चौरीचौरा विधायक संगीता यादव के लापता होने का इलाके में पोस्टर चस्पा कर दिया है।

भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अब पब्लिक का गुस्सा बीजेपी नेताओं पर जमकर फूट रहा है। बाढ़ की त्रासदी झेल रहे जिले के लोगों ने अब तक बीजेपी के बांसगांव से सांसद कमलेश पासवान और सहजनवा के विधायक शीतल पांडेय को जहां क्षेत्र से खदेड़ दिया, वहीं नाराज लोगों ने अब चौरीचौरा विधायक संगीता यादव के लापता होने का इलाके में पोस्टर चस्पा कर दिया है।

देखते ही देखते लापता विधायक का यह पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहा है। इसके साथ ही शहर के कूड़ाघाट नंदानगर के प्रेमनगर के रहने वाले वाले लोग इलाके में स्थानीय सांसद विधायक के स्वागत के इंतजार में तैयार बैठे हैं।

पोस्टरों में लिखा है कि ‘हम सब को डूबता छोड़ हमारी विधायक संगीता यादव लापता हैं’।
पोस्टरों में लिखा है कि ‘हम सब को डूबता छोड़ हमारी विधायक संगीता यादव लापता हैं’।

चौरीचौरा में लग गया पोस्टर
दरअसल, चौरीचौरा के राजधानी गांव में रविवार रात कुछ लोगों ने स्थानीय भाजपा विधायक संगीता यादव के लापता होने के पोस्टर चस्पा कर दिया। पोस्टरों में लिखा है कि ‘हम सब को डूबता छोड़ हमारी विधायक संगीता यादव लापता हैं’। उधर, इसकी जानकारी होने पर विधायक के समर्थक घुम घुमकर पोस्टर फाड़ रहे हैं। वहीं, विधायक ने पोस्टर चिपकाने को विपक्ष की साजिश और गंदी राजनीति बताया है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार में जितना विकास हुआ है, उतना किसी सरकार में नहीं हुआ। हालांकि, इससे पहले भाजपा सांसद कमलेश पासवान को भी इसी गांव वालों की नाराजगी झेलनी पड़ी थी। सांसद गांव में राहत सामग्री बांटने गए थे, जब पब्लिक ने उन्हें खदेड़ दिया था।

बांध टूटने से डूब गया था राजधानी गांव
दरअसल, पिछले दिनों गोर्रा नदी का तटबंध जोगिया गांव में टूट गया था। इससे नदी के पानी ने कई गांवों को चपेट में ले लिया। इसी पानी की चपेट में विकास खंड ब्रह्मपुर का सबसे बड़ा गांव राजधानी भी आ गया है। करीब 20 हजार की आबादी वाली ग्रामसभा राजधानी के लोग चारों तरफ से पानी से घिरे होने की वजह से तमाम तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि उनकी फसलें तो खराब हो ही गई हैं, घर में रखा सामान भी बर्बाद हो गया है। आदमी से लेकर पशुओं तक के सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है।

6 सितंबर को बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे बीजेपी से बांसगांव के सांसद को भी पब्लिक ने यहां से खदेड़ दिया था।
6 सितंबर को बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे बीजेपी से बांसगांव के सांसद को भी पब्लिक ने यहां से खदेड़ दिया था।

विधायक बोलीं- पोस्टवार विरोधियों का चुनावी प्रोपगेंडा
गांव वालों का यह भी कहना है कि विधायक यदि समय रहते तटबंधों की निगरानी की व्यवस्था कराए होतीं तो बंधा न टूटता। बंधा न टूटता तो ग्रामीणों पर यह आफत न आती। अब जबकि गांव वाले बाढ़ के कारण परेशान हैं, तब भी विधायक लोगों का हालचाल जानने तक नहीं आ रही हैं। किसी तरह की मदद की बात तो दूर है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय विधायक केवल सोशल मीडिया पर अपने कामों का ढिंढोरा पीटती हैं, जबकि हकीकत में करती कुछ नहीं हैं। जबकि विधायक संगीता यादव का कहना है कि यह सबकुछ विरोधियों का चुनावी प्रोपगेंडा है।

8 सितंबर को सहजनवा से बीजेपी विधायक शीतल पांडेय को मंझरियां गांव में बाढ़ का दौरा करने के दौरान जनता ने खदेड़ दिया।
8 सितंबर को सहजनवा से बीजेपी विधायक शीतल पांडेय को मंझरियां गांव में बाढ़ का दौरा करने के दौरान जनता ने खदेड़ दिया।

प्रेमनगर में स्वागत को तैयार बैठी है नाराज पब्लिक
वहीं, इसी राजधानी गांव में बीते 6 सितंबर को बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे बीजेपी से बांसगांव के सांसद को भी ​पब्लिक ने यहां से खदेड़ दिया था। जबकि 8 सितंबर को सहजनवा से बीजेपी विधायक शीतल पांडेय को मंझरियां गांव में बाढ़ का दौरा करने के दौरान जनता ने खदेड़ दिया। जबकि शहर के प्रेमनगर इलाके में नाराज लोग विधायक और सांसद के इलाके में आने का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां आने पर भी उनका वही हाल होगा, जो अन्य सांसद और विधायकों का हो रहा है।

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