मनीष गुप्ता हत्याकांड में अफसरों से हो सकती है पूछताछ:केस दर्ज करने में क्यों हुई देरी, DM-SSP से पूछेगी CBI, एसपी पहुंचे गोरखपुर

गोरखपुर7 महीने पहले
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मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने आरोप लगाया था कि डीएम व एसएसपी ने घटना के बाद पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज न करवाने का दबाव डाला था।- फाइल - Dainik Bhaskar
मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने आरोप लगाया था कि डीएम व एसएसपी ने घटना के बाद पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज न करवाने का दबाव डाला था।- फाइल

कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी CBI ने पहले राउंड की जांच पूरी कर ली है। सूत्रों का कहना है कि अब तक सीबीआई को इस केस में हत्या के प्रमाण नहीं मिले हैं। एक दिन पहले सीबीआई के एसपी भी यहां पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि केस दर्ज करने में हुई देरी और पुलिसकर्मियों पर एफआईआर न कराने के लिए दबाव डालने के आरोप पर वे वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ कर सकते हैं।

मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने आरोप लगाया था कि डीएम व एसएसपी ने घटना के बाद पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज न करवाने का दबाव डाला था। इसका एक वीडियो भी सामने आया था।

हत्यारोपी पुलिसकर्मियों से जेल में की पूछताछ
दरअसल, 2 नवम्बर को केस दर्ज करने के बाद 11 नवम्बर को पहली बार CBI गोरखपुर आई और मनीष गुप्ता के केस की जांच शुरू हुई। पहले राउंड में CBI ने मनीष गुप्ता के सभी दोस्तों के साथ ही होटल मैनेजर, पुलिसकर्मी और डॉक्टर से पूछताछ करके उनके बयान दर्ज किए। होटल के कमरा नम्बर- 512 जिसमें मनीष गुप्ता की पिटाई की बात कही जा रही थी। उसकी CBI की फॉरेंसिक टीम ने जांच की।

गवाहों से जुड़ी पूछताछ करीब-करीब पूरी करने के बाद CBI ने उनके बयान दर्ज कर लिए। इसके बाद कोर्ट से आदेश लेकर गुरुवार और शुक्रवार को CBI ने जेल जाकर आरोपित पुलिसवालों से पूछताछ की पहले दिन चार पुलिसवालों से पूछताछ हुई तो वहीं दूसरे दिन इंस्पेक्टर जेएन सिंह व चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा से पूछताछ के बाद उनका बयान CBI ने दर्ज किया।

अभी CBI के नाम से बुक है एनेक्सी भवन का कमरा
बताया जा रहा है कि सभी बयानों का मिलान कराने के बाद अगर जरूरत पड़ी तो CBI दोबारा आरोपित व अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है। हालांकि, इस केस में लापरवाही और केस दर्ज करने में देरी का भी आरोप है। माना जा रहा है कि CBI की टीम पर इससे जुड़े लोगों का भी बयान दर्ज कर सकती है। CBI ने अभी एनेक्सी भवन खाली नहीं किया है। जिस कमरे में पूछताछ चल रही थी उसमें उनके दस्तावेज मौजूद हैं। दूसरा कमरा भी CBI के नाम से बुक है।

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