गोरखपुर में कोर्ट के आदेश पर 3 पर FIR:दंपति ने 10 लाख सरकारी फंड दिलाने के नाम पर 2.50 लाख ठगे

गोरखपुर24 दिन पहले
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कोर्ट के आदेश पर कैंट थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। - Dainik Bhaskar
कोर्ट के आदेश पर कैंट थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।

गोरखपुर में जालसाजी का एक नया मामला सामने आया है। स्कूल की बिल्डिंग बनवाने के लिए सरकारी फंड से 10 लाख रुपए दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने प्रबंधन से ढाई लाख रुपए हड़प लिया। लेकिन प्रबंधन को न ही फंड मिला और न ही कोई मदद।

इसके बाद जब स्कूल प्रबंधन की ओर से अपने रुपए वापस मांगे गए तो जालसाजों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। घटना गीडा इलाके के एक प्राइवेट स्कूल की है।

स्कूल प्रबंधन ने कई बार इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने भी उनकी कोई मदद नहीं की। थक- हारकर पीड़ित को कोर्ट की शरण में जाना पड़ा। कोर्ट के आदेश पर अब इस मामले में कैंट पुलिस ने तीन जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है।

गीडा में स्कूल चलाती हैं जरीन
कोतवाली इलाके के माया बाजार के रहने वाले डॉ. रहमत अली की पत्नी अमिना खातून गीडा इलाके के पिपरौली में एम शफी मेमोरियल निस्वा स्कूल चलाती हैं। स्कूल का संचालन अमिना की बेटी जरीन करती है। जबकि अमिना सिर्फ उसकी देखरेख करती हैं। स्कूल एएमयू संस्था की ओर से संचालित होता है।

10 लाख के बदले देने होंगे 2.50 लाख रुपए
अमिना के मुताबिक, कुछ साल पहले गोरखनाथ इलाके का रहने वाले इंद्रेश पांडेय नाम का व्यक्ति उनके स्कूल में बतौर टाइपराइटर काम करता था। अक्टूबर 2021 में इंद्रेश के जरिए ही एक पति-पत्नी संतोष त्रिपाठी और उर्मिला त्रिपाठी उनके स्कूल में पहुंचे।

दोनों ने बताया कि वे स्कूल की बिल्डिंग बनवाने के लिए सरकारी धन उपलब्ध कराते हैं। दोनों ने मिलकर स्कूल संचालक जरीन को अपने झांसे में ले लिया और कहा कि वे उनके स्कूल के लिए 10 लाख रुपए सरकारी फंड से दिला देंगे। लेकिन इसके लिए उन्हें 2.50 लाख रुपए खर्च देना पड़ेगा।

बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए 2.50 लाख रुपए
आमिना के मुताबिक, दोनों पति-पत्नी के कई बार समझाने पर उनकी बेटी जरीन भी उनके झांसे में आ गई और सरकारी फंड लेने के लिए तैयार हो गई। लेकिन दोनों ने कहा, पहले उन्हें कमीशन के ढाई लाख रुपए एडवांस देने होंगे। जरीन ने उर्मिला के बैंक खाते में दो बार में ढाई लाख रुपए ट्रांसफर भी कर दिया, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई फंड नहीं मिला।

रुपए मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
इस बीच लगातार पूछने पर दोनों टाल-मटोल करते रहे। इसके कुछ दिन बाद यूपी में विधानसभा चुनाव शुरू हो गया। चुनाव शुरू होते ही दोनों ने कहा, चुनाव के दौरान किसी तरह का सरकारी फंड जारी नहीं होता, चुनाव खत्म होते ही उन्हें फंड मिल जाएगा। लेकिन चुनाव खत्म हो गया और नई सरकार बनने के बाद भी उन्हें फंड नहीं मिला।

इसके बाद अमिना और जरीन ने आरोपी संतोष त्रिपाठी और उसकी पत्नी उर्मिला त्रिपाठी से अपने रुपए वापस मांगना शुरू कर दिया। जिसपर दोनों ने पहले तो उनके बाद अपशब्दों का प्रयोग किया और फिर जान से मारने की धमकी देने लगे।

3 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ जालसाजी का केस
अमिना ने इसकी शिकायत गीडा पुलिस से लेकर पुलिस कप्तान तक से की, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। अंत में उन्हें कोर्ट की शरण में जाना पड़ा। कोर्ट के आदेश पर अब कैंट पुलिस ने इस मामले में 156 (3) ​​के तहत ​​​​​ इंद्रेश पांडेय, संतोष त्रिपाठी और उर्मिला त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज किया है। इंस्पेक्टर कैंट शशिभूषण राय ने बताया, मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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