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कुशीनगर में सफेद बालू का काला कारोबार:छोटी गण्डक नदी में खनन माफिया कर रहे अवैध खनन, नदी की गहराई बढ़ने से बढ़ता जा रहा है बाढ़ का खतरा

कुशीनगर18 दिन पहले
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कुशीनगर में छोटी गण्डक नदी से अवैध खनन करवाते है बालू माफिया, प्रशासन नहीं उठाता कोई ठोस कदम। - Dainik Bhaskar
कुशीनगर में छोटी गण्डक नदी से अवैध खनन करवाते है बालू माफिया, प्रशासन नहीं उठाता कोई ठोस कदम।

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बालू के अवैध कारोबार का मामला सामने आया है। दरअसल, पहले राज्य सरकार नदी से बालू निकालने के लिए इसका पट्टा निकालती थी। लगातार बालू की खोदाई से नदी गहरी होती गई। जिससे उसके किनारे बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लग गया। इसीलिए सरकार ने पट्टा निकालना बंद कर दिया। खनन माफिया धड़ल्ले से बालू नदी से निकालकर खतरें को बढ़ाते जा रहे है। उनकी इस हरकत पर जिम्मेदार अधिकारी आंखे मूंदकर बैठे है।

सरकार ने लगा दी बालू घाट के पट्टे पर रोक

नेपाल की पहाड़ियों से निकलकर महराजगंज के रास्ते कुशीनगर जिले के खड्डा,कप्तानगंज, हाटा और कसया तहसील से होकर छोटी गण्डक नदी गुजरती है। जो कि आगे जाकर देवरिया से बहती हुई घाघरा में मिलती है। इसकी कुल लंबाई 1310 किमी है। यह नदी किसानों के लिए काफी लाभदायक मानी जाती है। साथ ही इसमें पाई जाने वाली सफेद बालू मकान निर्माण में काम आती है। इसीलिए बालू कारोबारी और माफिया दोनों इस नदी पर नजर टिकाए बैठे रहते है। कुछ साल पहले तक राज्य सरकार इससे बालू निकालने का पट्टा किया करती थी। जिससे राजस्व में करोड़ो का लाभ होता था। इस खोदाई से नदी की गहराई बढ़ गई जिससे अगल-बगल के खेत और गांवों का बाढ़ में बह जाने का खतरा बढ़ गया था। इसीलिए नदी के बालू घाट का पट्टा नही किया जाता ।

माफिया लगा रहे राजस्व को चूना

सरकार के पाबंदी लगाने के बाद भी अवैध बालू कारोबारी सक्रिय रूप से नदी से बालू निकालने का काम कर रहे है। जिससे गांव वालों की परेशानी बढ़ती जा रही है और राजस्व को भी करोड़ो का चूना लग रहा है। इस सब को देखकर भी जिम्मेदार अधिकारी रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाते है। बीच-बीच में दिखावे के लिए विभाग खानापूर्ति करते हुए कुछ कार्रवाई करता है। पर उसका भी असर ज्यादा समय तक नही दिखता। स्थानीय लोगों ने बताया कि दिन में छोटी गण्डक नदी के अलग-अलग घाटों से बालू खनन करके किनारे पर ला दिया जाता है। जहां शाम 4 बजे से ही बालू ट्रालियों में लोड करके सप्लाई किया जाता हैं। इस पूरे मामले में खनन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। एसडीएम के साथ छापेमारी की जाएगी।

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