पंचायत उपचुनाव के आए नतीजे:गोरखपुर में एक पंचायत को छोड़ खाली पड़ी सभी पंचायतों के गठन का रास्ता साफ, इसी सप्ताह दिलाई जाएगी शपथ

गोरखपुर4 महीने पहले
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अब सिर्फ एक पंचायत बालापार को छोड़ जिले की खाली पड़ी सभी पंचायतों के जल्द गठन का रास्ता साफ हो गया है। - Dainik Bhaskar
अब सिर्फ एक पंचायत बालापार को छोड़ जिले की खाली पड़ी सभी पंचायतों के जल्द गठन का रास्ता साफ हो गया है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले ‌की खाली पड़ी ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान और बीडीसी सदस्य के पदों की मतगणना सोमवार पूरा हो गया। पंचायत उपचुनाव के तहत सुबह 8 से 9 बजे संबंधित ब्लाकों पर मतों की गिनती शुरू हुई और शाम तक सभी जगहों पर नतीजे आ गए। कई ब्लाकों में तो दो से चार घंटे के भीतर ही मतगणना का काम पूरा हो गया। इसी के साथ अब सिर्फ एक पंचायत बालापार को छोड़ जिले की खाली पड़ी सभी पंचायतों के जल्द गठन का रास्ता साफ हो गया है।

150 कर्मचारियों ने की वोटों की गिनती
पंचायतीराज विभाग के मुताबिक इसी सप्ताह नवनिर्वाचित प्रधान व सदस्यों को शपथ दिलाने के साथ ही ग्राम सभा की पहली बैठक भी करा दी जाएगी। जिले में प्रधान व बीडीसी के 6-6 पदों के अलावा ग्राम पंचायत सदस्य के 191 पदों के लिए 12 जून को हुई वोटिंग के दौरान कुल 33964 वोट पड़े थे। सोमवार को सुबह आठ बजे आरओ, प्रत्याशियों व उनके एजेंटों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम की सील तोड़कर बैलेट बाक्स निकाले गए। इसके बाद वोटों की गिनती का सिलसिला शुरू होगा। दोपहर 12 बजे से नतीजे आने लगे। मतों की गिनती के लिए कुल 150 कर्मचारी लगाए गए हैं।

खाली पदों पर हुआ उपचुनाव
दरअसल, सामान्य त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद जिले में ग्राम पंचायत सदस्य के 4496 पद, ग्राम प्रधान के 7 और बीडीसी के 9 पद खाली थे। नाम वापसी के बाद अधिकांश पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया। कुछ पदों पर नामांकन ही नहीं हुआ था। ऐसे में सदस्य के 191 पदों, व ग्राम प्रधान के 7 रिक्त पदों में 1 पर निर्विरोध निर्वाचन के बाद 6 पदों के लिए मतदान हुआ था। बीडीसी के 9 पदों में 2 पर निर्विरोध निर्वांचन और पिपरौली के वार्ड नंबर 52 का मतदान निरस्त हो जाने से बचे हुए सिर्फ छह पदों के लिए वोटिंग हुई थी। उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो जाने के अगले दिन बालापार की प्रधान की मृत्यु हो जाने से इस पद के लिए निर्वाचन नहीं हो सका। अब इसके लिए बाद में उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित होगा।

427 ग्राम पंचायतों का होगा गठन
त्रिस्तरीय सामान्य निर्वाचन के दौरान ग्राम पंचायत सदस्य के करीब 4496 पद खाली रह गए थे। इसके चलते 427 ग्राम पंचायतों का गठन ही नहीं हो सका। 7 ग्राम प्रधान प्रत्याशियों का निधन हो गया। ये सभी मतगणना में विजयी घोषित किए गए। इनमें से कुछ मतदान के बाद तो कुछ मतगणना के बाद मरे। एक ग्राम प्रधान ने कोविड वार्ड से शपथ लेने के बाद दम तोड़ा। इस तरह से यहां प्रधान पद पर भी उपचुनाव हुआ। सरदारनगर के बरईपार ग्राम पंचायत में प्रधान का निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।

इन पंचायतों के प्रधान जीते
ओबीसी के लिए आरक्षित जंगल कौड़िया ब्लाक के अहिरौली गांव से स्नातक पास अभय 824 मत पाकर, एससी के लिए आरक्षित पिपराइच ब्लाक के बरईपुर गांव से प्राइमरी तक की शिक्षा प्राप्त जग्गी 710 वोट पाकर विजयी हुई। इसी तरह ओबीसी के लिए आरक्षित बड़हलगंज ब्लाक के बेइली गांव से स्नातक पास रनविजय 1572 वोट पाकर जबकि इसी ब्लाक के अनारक्षित जैतपुर पंचायत से प्राइमरी पास सरिता 289 वोट पाकर जीत हासिल की। भटहट ब्लाक से अनार‌क्षित घोषित हुई पंचायत जंगल हरपुर से प्राइमरी पास कुसमावती 815 वोट पाकर व पिपरौली ब्लाक से अनारक्षित पंचायत मिश्रौली से इंटर पास विभा 1139 वोट पाकर विजयी हुईं।

क्षेत्र पंचायत सदस्य इनकी हुई जीत
जंगल कौड़िया वार्ड संख्या 50 से 29 वर्षीय प्राइमरी तक पढ़ी पल्लवी पाण्डेय, गगहा वार्ड संख्या 72 से 39 वर्षीय परास्नातक पास अनीता यादव, खोराबार वार्ड संख्या 68 से 65 वर्षीय हाई स्कूल पास रामनाथ, बेलघाट वार्ड संख्या 70 से 28 वर्षीय साक्षर गुड़ियां सिंह, पिपरौली वार्ड संख्या 45 से 51 वर्षीय परास्नातक पास शैलेश सिंह, खजनी वार्ड संख्या 72 से 41 वर्षीय साक्षर उर्मिला देवी निर्वाचित घोषित हुई हैं। हालांकि पिपराइच वार्ड संख्या 64 से 45 वर्षीय हाई स्कूल पास गुड्डी देवी और वार्ड संख्या 108 से 23 वर्षीय इंटर पास आकाश मिश्रा निर्विरोध निर्वाचित हुए।

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