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भास्कर इंपैक्ट:गोरखपुर में 39 दरोगाओं को एक साल जूनियर करने के मामले में शुरू हुई जांच, SSP ने LIU से मांगी रिपोर्ट; भ्रष्ट बाबू ने किया था सारा खेल

गोरखपुर2 महीने पहले
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भ्रष्ट बाबू द्वारा अभी एक साल जूनियर कर देने का मामले में जांच शुरू हो गई है। - Dainik Bhaskar
भ्रष्ट बाबू द्वारा अभी एक साल जूनियर कर देने का मामले में जांच शुरू हो गई है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पुलिस में 2017 बैच के 39 दरोगाओं को भ्रष्ट बाबू द्वारा अभी एक साल जूनियर कर देने का मामले में जांच शुरू हो गई है। एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने इस मामले की जांच एलआईयू को सौंपी है। उन्होंने पूरे प्रकरण पर जांच कर रिपोर्ट तलब की है। पुलिस कप्तान का आदेश मिलते ही एलआईयू ने शनिवार से ही जांच शुरू कर दी। इसे लेकर विभाग में खलबली मची हुई है।

दरअसल, पुलिस विभाग की लापरवाही का शिकार हुए जिले के इन दरोगाओं की समस्या की खबर सबसे पहले भास्कर ने प्रकाशित की थी। इस खबर का संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने डिप्टी एसपी एलआईयू को इसकी जांच सौंपी है। डप्टी एसपी एलआईयू अरुण सिंह ने बताया कि मामला में जांच शुरू की गई है। लेकिन फिलहाल अभी पीड़ित पुलिसकर्मियों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तो उसकी जांच कराकर उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।

दरोगाओं से हुई पूछताछ
वहीं, पुलिस सूत्रों के मुताबिक शनिवार को एलआईयू ने पीड़ित दरोगाओं से भी एक-एक कर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि भास्कर की खबर में प्रकाशित नामों के दरोगाओं से एलआईयू टीम ने पूछताछ की है। इसके साथ ही टीम इन दरोगाओं से यह भी जानकारी जुटा रही है कि विभाग की यह खबर बाहर कैसे गई।

यह है पूरा मामला
आपको बता दें कि गोरखपुर एसएसपी दफ्तर के एक भ्रष्ट बड़े बाबू ने 2017 बैच के 39 सब इंस्पेक्टरों को 2018 का पुलिस नामिनल रोल (PNO) जारी कर दिया। इससे वे रिकॉर्ड में एक साल जूनियर हो गए। इन सब इंस्पेक्टरों का गुनाह महज इतना है कि तत्कालीन बड़े बाबू ज्ञानेंद्र सिंह की 60 हजार रुपए की मांग पूरी नहीं की। हालांकि, उत्तर प्रदेश डीजी टेक्निकल सेवा ने भी यह स्पष्ट कर दिया कि इन सभी की भर्ती 20 नवंबर 2017 की है। यह सभी दरोगाओं ने 20 नवंबर 2017 को मुरादाबाद पीटीएस में आमद दी थी। ट्रेनिंग के बाद जिला मिला तो 2 नवंबर 2018 को गोरखपुर में 39 दरोगाओं ने आमद दी थी। एसएसपी दफ्तर के तत्कालीन बड़े बाबू ने इन्हें पहले 2018 बैच का पीएनओ अलॉट कर दिया।

भर्ती एक साथ हुई, ट्रेनिंग भी एक साथ
वहीं, जिले में कुछ ऐसे दरोगा हैं, जिनकी भर्ती एक साथ हुई, ट्रेनिंग भी एक साथ की और जिलों में आमद भी एक साथ ही हुए। लेकिन अन्य जिलों में आमद करने वालों को 2017 बैच मिला और गोरखपुर जिले में आमद करने वालों को 2018 बैच दे दिया गया। गोरखपुर के नौसढ़ चौकी इंचार्ज अनूप कुमार तिवारी भी 2017 बैच के दरोगा हैं। ट्रेनिंग के बाद इन्होंने देवरिया जिले में आमद कराया था। इन्हें 2017 बैच मिला। जबकि रिजवान अहमद, विजय यादव, अखिलेश त्रिपाठी, अरुण सिंह, रवि राय, धमेंद्र चौबे और रविंद्रनाथ चौबे सहित ऐसे 39 दरोगा हैं, जिन्होंने ट्रेनिंग के बाद गोरखपुर जिले में आमद कराया। लेकिन इन्हें 2018 बैच का पीएनओ जारी कर दिया गया।

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