गोरखपुर...हिस्ट्रीशीटरों ने लूट ली स्कार्पियो, पुलिस ने साधी चुप्पी:खाकी पर हमला करने वाले हिस्ट्रीशीटरों पर मेहरबान खोराबार पुलिस, नए थानेदार पर आदत पुरानी

गोरखपुरएक वर्ष पहले
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अब खोराबार के नए थानेदार हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद के हिस्ट्रीशीटर बेटों दीपचंद व दयाशंकर पर मेहरबान है। - Dainik Bhaskar
अब खोराबार के नए थानेदार हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद के हिस्ट्रीशीटर बेटों दीपचंद व दयाशंकर पर मेहरबान है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की खोराबार पुलिस हिस्ट्रीशीटरों पर इस समय ज्यादा मेहरबान है। पुलिस उनपर कार्यवाई करने से हिचक रही है जिसकी वजह से हिस्ट्रीशीटरों का तांडव बरकरार है। पहले जहां पुराने थानेदार राहुल सिंह प्यासी गांव के प्रधान व भाजपा के जिला महानगर मंत्री हिस्ट्रीशीटर दिनेश जायसवाल के मामलों में कार्यवाई से बचते रहे।

वहीं अब खोराबार के नए थानेदार हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद के हिस्ट्रीशीटर बेटों दीपचंद व दयाशंकर पर मेहरबान है। जबकि तीन दिन पूर्व दयाशंकर व उसके गुर्गों ने सुबाबाजार कस्बे में स्कार्पियो व रकम लूट ली। पुलिस ने इस पर कोई कार्यवाई नहीं की, बल्कि वो तो इसे मारपीट की घटना बता रही है।

स्कार्पियो दिलाने में लग गए 3 घण्टे

दरअसल चौरीचौरा के भोपा बाजार निवासी राहुल गुप्ता उसी इलाके के छबइला गांव निवासी अमनदीप की स्कार्पियो चलाते है। वह 12 जनवरी को गांव के दिलीप कुमार की दवा कराने मेडिकल कालेज गए थे। आरोप है कि वहां से आते समय दिन में 3 बजे हिस्ट्रीशीटर दयाशंकर व उसके भाई दीपचंद और उसके साथियों ने सुबाबाजार कस्बे में रोक लिया। मारपीट कर के उन लोगों ने गाड़ी व 1 लाख रुपये लूट लिए।

एडीजी के निर्देश पर पहुंची पुलिस

राहुल का आरोप है कि थाने से 200 मीटर की दूरी पर घटना हुई फिर भी सूचना देने पर पुलिस नहीं पहुंची। जब पीड़ितों ने एडीजी को फोन किया तो उनके निर्देश पर पुलिस घटनास्थल पर 3 घण्टे बाद पहुंची।

दयाशंकर के घर से मंगाकर पुलिस ने गाड़ी सौंपी

राहुल ने बताया कि पुलिस ने प्रयास कर दयाशंकर के घर से गाड़ी मंगवाई और उसे लिखित सुपुर्दगी दी। लेकिन तहरीर के बावजूद पुलिस ने लूट का केस नहीं दर्ज किया। राहुल के अनुसार पुलिस का कहना है कि मारपीट का केस दर्ज कराना है तो कर दें। लूट का केस दर्ज कराना है तो कोर्ट जाओ।

एसएसपी से भी शिकायत

हालत यह है कि पुलिस ने अभी तक मामले में केस दर्ज नहीं किया। जिसके बाद पीड़ित राहुल ने एसएसपी विपिन टांडा व एडीजी अखिल कुमार से लिखित शिकायत की है।

दीपचंद व दयाशंकर घरवालों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर दो बार जानलेवा हमला भी कर चुका है। मारपीट कर पुलिस की बंदूक भी लूट ली थी।
दीपचंद व दयाशंकर घरवालों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर दो बार जानलेवा हमला भी कर चुका है। मारपीट कर पुलिस की बंदूक भी लूट ली थी।

पुलिस पर भी कर चुके है हमला

दीपचंद व दयाशंकर घरवालों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर दो बार जानलेवा हमला भी कर चुके हैं। मारपीट कर पुलिस की बंदूक भी लूट ली थी। 12 मार्च 2010 को तत्कालीन खोराबार थानेदार प्रदीप सिंह हमराहियों के साथ उसके घर दबिश डालने गए थे। उस समय नंगा, दीपचंद अपने साथियों और घरवालों के साथ पुलिस टीम पर हमला कर दिया था।

इसके पहले 6 मई 2012 को झंगहा के रामप्रीत का अपहरण और पिटाई कर उसकी राइफल लूटने के मामले में पुलिस दबिश देने गई थी। तब सिपाही राम इकबाल सिंह को मारपीट कर दीपचंद ने घायल कर दिया था और सरकारी पिस्टल, बाइक की चाबी, मोबाइल फोन लूट लिया था।

एक अन्य सिपाही रामअवध को बंधक भी बनाया गया था। अगस्त 2015 में जमीन कब्जा करने के लिए रामपुर में दो भाइयों सिकंदर और शत्रुधन का अपहरण कर उन्हें पीटकर मरणासन्न करने के मामले में भी पुलिस केस दर्ज की थी।

ये सभी थाने के टॉप 10 बदमाशो की सूची में भी शामिल हैं। वही इनपर हत्या, डकैती, 7 क्रिमनल ला एमेंडमेंट एक्ट सहित कई गम्भीर आरोप में दर्जन भर से अधिक मुकदमे में दर्ज हैं। इनपर इनाम भी रखा जा चुका है। कई बार गिरफ्तारी भी हो चुकी है। अब सवाल है कि इनसब के बावजूद पुलिस इनपर मेहरबान क्यो है।

पुलिस बोली- मारपीट का है मामला

खोराबार इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि मामला मारपीट का है। गाड़ी का विवाद था। गाड़ी लेने के लिए निषाद पक्ष ने 16 लाख रुपया दिया था। गाड़ी बरामद की गई है। मारपीट की तहरीर मिलेगी तो केस दर्ज किया जाएगा।

इलाके का दबंग है दयाशंकर

दयाशंकर नंगा निषाद का बड़ा बेटा है। परिवार में पिता नंगा निषाद सहित छह लोग गैंगस्टर के आरोपित हैं। दयाशंकर यूपी पुलिस में नौकरी कर चुका है। वह कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली से नौकरी छोड़ चुका है। दयाशंकर निषाद चौरीचौरा क्षेत्र से विधायक का चुनाव भी लड़ चुका है। दयाशंकर पर 2019 में महिला के घर मे घुसकर दुष्कर्म का आरोप था जिसमे एक वर्ष पहले जेल गया था।

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