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गोरखपुर पुलिस के हाथ छोटे हैं:पूरी रात पुलिस को छकाते रहे कुशीनगर के पशु तस्कर, मुठभेड़ में कई राउंड फायरिंग फिर भी बचकर निकल गए

गोरखपुर3 महीने पहले
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क्राइम ब्रांच और तस्करों में मुठभेड़, बचकर फरार तस्कर। तलाश में शहर में नाकाबंदी। - Dainik Bhaskar
क्राइम ब्रांच और तस्करों में मुठभेड़, बचकर फरार तस्कर। तलाश में शहर में नाकाबंदी।

उत्तर प्रदेश की गोरखपुर पुलिस के लिए इन दिनों पशु तस्कर सिर दर्द बन गए हैं। ऐसे में एडीजी अखिल कुमार के निर्देश पर तस्करों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया। तस्कर पूरी रात पुलिस को छकाते रहे। शनिवार की रात भी पुलिस को इन तस्करों के शहर में होने के इनपुट मिले। देर रात गुल​रिहा इलाके में क्राइम ब्रांच और पशु तस्करों का आमना-सामना भी हुआ। इस दौरान क्राइम ब्रांच और तस्करों में मुठभेड़ हुई। दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग भी हुई। लेकिन फिर भी वह भाग निकले।

पूरी रात रही नाकाबंदी, वाहनों की सघंन चेकिंग भी जारी
बताया जा रहा है कि तस्कर पुलिस पर फायरिंग कर महराजगंज रोड पर भागे। क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम महराजगंज के श्यामदेउरवां तक उनका पीछा की, लेकिन वह हाथ नहीं लगे। इस दौरान रात करीब एक बजे पुलिस टीम तस्करों की तलाश में कुशीनगर भी रवाना हुई। पुलिस का दावा है कि जल्द ही तस्कर पुलिस की गिरफ्त में होंगे। उधर, एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु खुद पूरी रात इस अभियान की मानिटरिंग करते रहे। मोबाइल व रेडियो सेट पर पुलिस कप्तान पूरी रात मातहतों को तस्करों के खिलाफ जाल बिछाने के दिशा-निर्देश देते रहे। सभी चौराहे और मेन रोड की नाकाबंदी कर दी गई है। सूचना है कि तस्कर महराजगंज रोड पर भागे हैं। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी में लगी है। वाहनों की सघंन चेकिंग भी जारी है।

कप्तान के निर्देश पर बिछता रहा तस्करों के खिलाफ जाल
फिर क्या था, कप्तान का निर्देश मातहतों के लिए मील का पत्थर साबित हो गया। थानेदारों से लेकर क्राइम ब्रांच की टीम अगल-अलग इलाकों में निकल पड़ी। रात करीब 3 बजे पुलिस को फिर इन तस्करों की लोकेशन मिली। लेकिन काफी अधिक संख्या में तस्करों के एक जगह होना और उन्हें पकड़ने के लिए फिर से पुलिस जाल बिछाने लगी। तत्काल फोर्स की मांग की गई। पुलिस कप्तान के निर्देश पर फोर्स रवाना भी हो गई। एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि किसी भी दशा में पशु तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही वह पुलिस की गिरफ्त में होंगे। इसके लिए पुलिस की ओर से रात्रि अभियान चलाया जा रहा है।

बाबरिया गिरोह से भी ज्यादा खतरनाक हैं यह तस्कर
इन तस्करों को मामूली मवेशी चोर समझने की भूल बिलकुल भी न करें। क्योंकि यह बाबरिया गिरोह से भी ज्यादा खतरनाक हैं। मवेशी उठाते समय अगर किसी ने इनका विरोध किया तो वह फौरन ही उसपर जानलेवा हमला कर देते। ऐसे एक नहीं बल्कि कई मामले सामने आ भी चुके हैं। यह तस्कर कुशीनगर जिले के पडरौना के रहने वाले खुर्शीद आलम और जवाहर यादव हैं। यह दोनों पशु तस्करी के मामले में पहले कई बार जेल भी जा चुके हैं। इनका ही गैंग इन दिनों पशु तस्करी के मामले में गोरखपुर शहर में एक्टिव है। इन तस्करों की रोजाना शाम पडरौना से 5-6 गाड़ियां निकलती हैं। इन गाड़ियों में पिकअप और मार्शल होते हैं। एक गाड़ी पर 10 से 12 तस्कर सवार होते हैं। देर शाम शहर में सन्नाटा होते ही यह शहर में दाखिल हो जाते। चौराहों व कालोनियों में घूमने वाले आवारा पशुओं को उठाते, गाड़ियों पर लादते और फिर निकल लेते।

तस्करों की गाड़ियों में भरे होते लाठी- डंडे और ईंट- पत्थर
इस दौरान इन्हें देखने वाले अधिकांश लोग समझते नगर निगम की टीम आवारा जानवरों को उठा रही। लेकिन अगर कोई विरोध करता तो वह बिना देर किए उसपर जानलेवा हमला कर देते। इन तस्करों की गाड़ियों पर हमला करने के लिए लाठी- डंडे और ईंट- पत्थर भरे होते हैं। ताकि पकड़े जाने से पहले यह विरोध करने वालों पर टूट पड़ें। यह अवैध असलहों से भी पूरी तरह लैस होते। यह पब्लिक ही नहीं बल्कि पुलिस पर हमला व फायरिंग करने से भी बिलकुल नहीं चुकते। शहर में ऐसी दो घटनाएं सामने भी आ चुकी हैं। दो दिन पूर्व शाहपुर के आवास-विकास कॉलोनी में इन तस्करों का विरोध करने वाले इंजीनियर पुत्र पर इन्होंने जानलेवा हमला कर दिया। वहीं, बीते मंगलवार को कैंट के छात्रसंघ चौराहे पर एक दरोगा पर की गाड़ी पर भी तस्करों ने ईंट-पत्थर चलाए।

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