उपद्रवियों से निपटने के लिए बनी स्‍पेशल टीम:एंटी राइट फूल बॉडी प्रोटेक्टर एक्रूटमेंट से लैश हुई UP पुलिस, पत्‍थर का जवाब अब पत्‍थर से नहीं देगी

गोरखपुर3 महीने पहले
टीम को एंटी राइट फूल बॉडी प्रोटेक्टर एक्रूटमेंट से लैश कर दिया गया है

योगी सरकार ने पत्थरबाजों और उपद्रवियों से निपटने के लिए यूपी के हर जिले में 20 से 40 पुलिसकर्मियों की एक स्पेशल टीम बनाई है। इस टीम को एंटी राइट फूल बॉडी प्रोटेक्टर एक्रूटमेंट से लैश कर दिया गया है। इस एक्रूटमेंट को पहनने के बाद टीम में शामिल पुलिसकर्मी पूरी तरह से चारों तरफ से पत्थरों से बचाव के लिए सुरक्षित होगी। जुमे की नमाज पर शुक्रवार को टीम को तैनात भी किया गया था।

एंटी राइट फूल बॉडी प्रोटेक्टर एक्रूटमेंट शरीर के छाती के लिए प्रोटेक्टर्स, कंधे के पैड, ऊपरी भुजा गार्ड, कोहनी और अग्रदूत गार्ड, ग्रोइन और शिन गार्ड होंगे। इस पूरे प्रोटेक्टर्स का वजन 6 किग्रा है। यूपी में यह पहली बार पुलिसकर्मियों को मिला। इसका पहली बार जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए वहां की पैरामिलटरी और अन्य फोर्स पहनती थी।

बुलेट प्रूफ से अलग है बॉडी प्रोटेक्टर्स

बता दें कि बुलेट प्रूफ केवल गोली और छर्रों को रोकती है। लेकिन यह यह स्पेशल पत्थर के लिए है। 360 डिग्री पुलिसकर्मी को कवर करेगा

पथराव के दौरान रुकेगी नहीं पुलिस

एक्रूटमेंट से लैस पुलिस पत्थरबाजी के बीच रुकेगी नहीं चलती रहेगी। जिससे पत्थरबाजों को दौड़ाकर पकड़ने में आसानी होगी। गोरखपुर जोन के 11 जिलों में यह व्यवस्था शुक्रवार को जुमे की नमाज से लागू कर दी गई। यहां के हर जिले में 20 से 40 पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई है, जो इस एक्रूटमेंट से लैश हो गई है।

गोरखपुर जोन के 11 जिलों में यह व्यवस्था शुक्रवार की जुमे की नमाज से ही लागू कर दी गई।
गोरखपुर जोन के 11 जिलों में यह व्यवस्था शुक्रवार की जुमे की नमाज से ही लागू कर दी गई।

यह टीम शुक्रवार को जुमे की नमाज को सकुशल निपटाने के लिए तैनात भी रही और पैदल मार्च भी की। इस टीम के बॉडी प्रोटेक्टर की बनावट इस तरह है कि उपद्रवी केवल इस टीम को तैनात देखकर ही सहम जाएगा।

अभी तक पत्थरबाजी में एक जगह थम जाती थी पुलिस

अभी तक पत्थरबाजी में सामने आता था कि पुलिस एक जगह रुक जाती थी। एक जगह से ही वह पत्थरबाजों पर खुद पत्थर चलाती थी और किसी चीज की आंड़ लेकर आंसू गैस के गोले छोड़ती थी या जवाबी कार्रवाई करती थी। क्योंकि पुलिसकर्मी पुरी तरह सुरक्षित नहीं रहता था उसके शरीर का आधा हिस्सा प्रोटेक्ट नहीं रहता था।

एक्रूटमेंट से लैस पुलिस पत्थरबाजी के बीच रुकेगी नहीं चलती रहेगी। जिससे पत्थरबाजों को दौड़ाकर पकड़ने में आसानी होगी।
एक्रूटमेंट से लैस पुलिस पत्थरबाजी के बीच रुकेगी नहीं चलती रहेगी। जिससे पत्थरबाजों को दौड़ाकर पकड़ने में आसानी होगी।

गोरखपुर जोन के एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि जोन के ह​र जिले में पुलिसकर्मियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई है। जिसमें 20 से 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं। जिन्हें फूल बॉडी प्रोटेक्टर एक्रूटमेंट दिया गया है। यह एक्रूटमेंट पुलिस हेड क्वाटर की तरफ से दिया गया है। ये टीम खासकर दंगों और उपद्रवियों से निडर होकर काम करेगी।

गोरखपुर जोन के एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि जोन के हर जिले में पुलिसकर्मियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई है। जिसमें 20 से 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
गोरखपुर जोन के एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि जोन के हर जिले में पुलिसकर्मियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई है। जिसमें 20 से 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं।

गोरखपुर जोन के 470 पुलिसकर्मी हुए लैश
गोरखपुर जोन के 11 जिलों के 470 पुलिसकर्मी इस एक्रूटमेंट से लैश हुए हैं। इसमें देवरिया के 38, कुशीनगर 38, गोरखपुर 50,महराजगंज में 38,बस्ती में 68, संतकबीरनगर में 38, सिद्धार्थनगर में 38,गोंडा में 38, बहराइच में 48,बलरामपुर 38 और श्रावस्ती में 38 पुलिसकर्मियों की स्पेशल टीम बनाई गई है। जिन्हें यह फुल बॉडी प्रोटेक्टर दिया गया है।