मनीष हत्याकांड...आरोपी इंस्पेक्टर के कमरे में SIT की पड़ताल:गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने की फाइलें खंगालीं, केस डायरी पढ़ी, सबूत जुटाए; खून की तलाश में गाड़ी पर डाला केमिकल

गोरखपुर9 महीने पहले
SIT से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस मामले में एक निष्पक्ष और पारदर्शी रिपोर्ट तैयार कर वारदात की एक- एक परत खोल दी जाएगी।

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले की जांच SIT टीम कर रही है। रविवार को टीम गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने पहुंची। सबसे पहले SIT टीम ने हत्याकांड से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद टीम ने थाने परिसर में खड़ी पुलिस की गाड़ी पर केमिकल डाला, ताकि पता चले कि खून के धब्बे लगे थे या नहीं।

साथ ही थाने पर इंस्पेक्टर जेएन सिंह के कमरे और ऑफिस में फाइलें भी चेक की गईं। टीम ने यहां मौजूद पुलिस वालों से भी पूछताछ कर वारदात से जुड़ी जानकारी हासिल की। दोपहर करीब 2 बजे SIT रामगढ़ ताल थाने से पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच पहुंची। यहां से SIT जानकारी जुटा रही है।
पुलिस में दिखा SIT का डर
SIT की टीम वारदात का खुलासा करने के साथ ही अब यह भी जानने में लगी है कि घटना के बाद अब तक पुलिस ने इस मामले में क्या किया? यानी FIR दर्ज करने के बाद आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई या नहीं। केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर होने के बाद अब तक पुलिस ने मामले की केस डायरी में क्या दर्ज किया है? सूत्रों के मुताबिक, कोई भी पुलिसकर्मी SIT की टीम की पूछताछ में आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ जाने को तैयार नहीं है। जबकि घटना से जुड़े कई सबूत थाने और पुलिस की गाड़ी से भी मिले हैं।
शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
SIT टीम क्राइम ब्रांच के दफ्तर में इस मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी है। साथ ही घटना की विवेचना कर रहे कर्मियों से भी जानकारियां ले रही है। जिसके बाद से अब ये माना जा रहा है कि जल्द ही SIT इस मामले से जुड़ी गंभीर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज सकती है।

दरअसल, SIT की जांच पर भी यह सवाल उठने लगे थे कि जब घटना की जांच CBI करेगी तो फिर SIT की जांच का क्या मतलब? लेकिन यही सवाल अब SIT के लिए चुनौती बन चुकी है। SIT से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस मामले में एक निष्पक्ष और पारदर्शी रिपोर्ट तैयार कर वारदात की एक- एक परत खोल दी जाएगी।

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