UP का मनीष गुप्ता हत्याकांड:मनीष की पत्नी से मिले योगी, कहा- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे; पत्नी को धमकाने का DM-SSP का वीडियो आ चुका है सामने

कानपुर/गोरखपुर8 महीने पहले
प्रशासन ने इससे पहले सुबह 5 बजे मनीष के शव का अंतिम संस्कार करवा दिया था।

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोप है कि पुलिस की मारपीट से मनीष की मौत हुई है। इस केस में दो बड़े मोड़ आए हैं। पहला ये कि कानपुर प्रशासन ने तड़के मनीष का अंतिम संस्कार करा दिया है। प्रशासन का कहना है कि ये कदम परिवार की सहमति से उठाया गया है। दूसरा एक दिन पहले ही गोरखपुर के DM और SSP का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे मनीष की पत्नी को धमकी भरे अंदाज में केस दर्ज न कराने की सलाह दे रहे हैं।

वहीं, गुरुवार को एक रैली में कानपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने सीएम से कहा, मेरे पति को पुलिस ने दरिंदगी के साथ पीटा है। इस पर सीएम ने कहा कि दोषियों का बख्शा नहीं जाएगा। सीएम ने मीनाक्षी सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया है। साथ ही केस गोरखपुर से कानपुर ट्रांसफर करने के लिए भी कहा है। इससे पहले योगी ने ADG लॉ एंड ऑर्डर और DG इंटेलिजेंस के नेतृत्व में 2 कमेटियां बनाने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटियां प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों के रिकॉर्ड का रिव्यू करके CM को अपनी रिपोर्ट देगी।

पत्नी ने की SIT जांच की मांग
सुबह जब मनीष का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था तो पत्नी मीनाक्षी बेसुध हो गईं। मीनाक्षी केस की जांच SIT से कराने की मांग कर रही हैं। आरोप है कि सोमवार की रात गोरखपुर के होटल में ठहरे मनीष को पुलिसकर्मियों ने पीटा था। इसके बाद उनकी मौत हो गई थी। मनीष की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी सामने आई है। इसमें मनीष की बॉडी पर चोट के निशान पाए गए हैं।

मनीष का शव बुधवार सुबह 9 बजे गोरखपुर से कानपुर उनके घर लाया गया था। घटना से नाराज परिजन ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। उनकी मांग थी कि वे CM योगी से मिलेंगे, दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे और मुआवजा लेंगे इसके बाद ही अंतिम संस्कार करेंगे।

मनीष का कानपुर प्रशासन ने सुबह 5 बजे अंतिम संस्कार करा दिया।
मनीष का कानपुर प्रशासन ने सुबह 5 बजे अंतिम संस्कार करा दिया।

अखिलेश ने 20 लाख की मदद का ऐलान किया
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पीड़ित परिवार से मिलने गुरुवार सुबह कानपुर पहुंचे। अखिलेश ने परिवार के लिए दो करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग योगी सरकार से की है। उन्होंने 20 लाख की आर्थिक मदद देने का ऐलान भी किया। अखिलेश ने हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग करते हुए कहा कि पुलिस रक्षा नहीं कर पा रही है बल्कि लोगों की जान ले रही है। इससे पहले बुधवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मनीष की पत्नी से फोन पर बात की थी।

पत्नी बोलीं- DM और SSP ने केस नहीं दर्ज कराने की 'सलाह' दी
बुधवार को जो वीडियो सामने आया था, उसमें गोरखपुर के DM और SSP मीनाक्षी और उसके परिवार को किसी भी हाल में केस न दर्ज कराने की सलाह देते नजर आए थे। यह बीआरडी मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी में बना वीडियो था। इसमें मीनाक्षी 4 साल के मासूम बेटे को गोद में लेकर DM विजय किरन आनंद और SSP डॉ. विपिन ताडा से पति की मौत का इंसाफ मांग रही हैं।

वीडियो की पुष्टि करते हुए मीनाक्षी ने कहा ​कि मंगलवार की रात 8 से रात 12 बजे तक अधिकारियों और परिवार की दो बार मीटिंग हुई। इसमें DM विजय किरन आनंद और SSP डॉ. विपिन ताडा ने किसी भी हाल में केस न दर्ज कराने की 'सलाह' दी।

मीनाक्षी का आरोप है कि इस मामले में जितने दोषी रामगढ़ताल थाने के पुलिस वाले हैं, उतने ही दोषी वहां के SSP डॉ. विपिन ताडा और DM विजय किरन आनंद हैं, जो एक विधवा औरत की मदद करने के बजाय, हत्यारे पुलिस वालों को बचाने में जुटे रहे।

बर्बाद हो जाएगा 6 पुलिसकर्मियों का परिवार
मृतक मनीष के बहनोई आशीष गुप्ता ने बताया कि मीनाक्षी के साथ वह भी मौजूद थे। मीनाक्षी भाभी ने सरकारी नौकरी की मांग करते हुए कहा था कि अब उनकी और बेटे की परवरिश कौन करेगा? इस पर अधिकारी समझाते रहे कि मनीष कोई सरकारी नौकरी तो करते नहीं थे, जो आपको मिलेगी?

आशीष ने बताया कि अधिकारियों ने यह स्वीकार किया कि उन्हें पता है कि गलती पुलिस की ही है, लेकिन आपके एक केस से 6 पुलिसकर्मियों का परिवार बर्बाद हो जाएगा। इससे हासिल कुछ भी नहीं होगा। इस पर मीनाक्षी ने अधिकारियों से पूछा कि जो मेरी जिंदगी बर्बाद हुई है, उसका क्या होगा? तो अधिकारी बात को घुमाने लगे।

DM ने कहा था- सालों लगाने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर
वहीं, वीडियो में DM कहते नजर आ रहे हैं कि मैं आपके भाई की तरह हूं। एक बार मुकदमा दर्ज हो जाने से आपको अंदाजा नहीं है कि सालों कोर्ट में चक्कर काटना पड़ेगा। इससे किसी को कुछ हासिल नहीं होता। सालों बीत जाएंगे चक्कर लगाते। जबकि SSP कहते नजर आ रहे हैं कि पुलिस वालों की मनीष से कोई दुश्मनी तो थी नहीं, जो वो ऐसा करेंगे। आपके कहने पर मैंने उन्हें सस्पेंड कर दिया। वे तब तक बहाल नहीं होंगे, जब तक उन्हें क्लीनचिट नहीं मिलेगी। इसके बाद CM योगी आदित्यनाथ का फोन आने के बाद इस मामले में सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

पुलिस इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह पर आरोप है कि उनकी टीम ने मनीष गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
पुलिस इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह पर आरोप है कि उनकी टीम ने मनीष गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

हत्याकांड में 6 पुलिसवाले सस्पेंड, केस दर्ज
गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने के पुलिस इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह पर आरोप है कि उनकी पुलिस टीम ने मनीष गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मनीष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी यही कर रही है कि उसे बुरी तरह पीटा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर, चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्सों में गंभीर चोट के निशान मिले हैं। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह समेत 6 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है।

मनीष गुप्ता अपने दोस्तों के साथ गोरखपुर के एक होटल में ठहरे थे। -फाइल फोटो
मनीष गुप्ता अपने दोस्तों के साथ गोरखपुर के एक होटल में ठहरे थे। -फाइल फोटो

पत्नी का आरोप- गोरखपुर के DM और SSP भी दोषी
मीनाक्षी का आरोप है कि इस मामले में जितने दोषी रामगढ़ताल थाने के पुलिस वाले हैं, उतने ही दोषी वहां के SSP डॉ. विपिन ताडा और DMए विजय किरन आनंद भी हैं।

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