अभी 10 अक्टूबर तक होती रहेगी बारिश:100 से अधिक मोहल्ले डूबे, फसलों को भी नुकसान

गोरखपुर4 महीने पहले

यूपी के कई शहरों सहित गोरखपुर में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। अभी अगले दो दिन तेज तक तेज बारिश की संभावना है। इसके बाद तीन दिन तक हल्‍की बारिश और फिर तेज बारिश के आसार हैं। मॉनसून विदा हुआ या नहीं यह एक हफ्ते बाद तय होगा। तीन दिनों से शुरू हुई बारिश ने सबकुछ पानी- पानी कर दिया है।

वहीं, इस बारिश से फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा। नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात ने मानसून को आगे खिसका दिया है। मौसम के बदले मिजाज से महंगाई भी और बढ़ेगी। गोरखपुर में बुधवार सुबह से गुरुवार शाम तक 190 मिलीमीटर बारिश हुई।

मोहल्ले और कॉलोनियां डूबीं
बंगाल की खाड़ी में बना हवा के कम दबाव का क्षेत्र इस वक्त यूपी के ऊपर से गुजर रहा है। वहीं, नेपाल में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। इससे सोनौली-पोखरा सहित कई मार्ग ठप हो गए हैं। वहीं, शहर भर के मोहल्ले और कालोनियों में पानी भरा हुआ है।

अभी 10 अक्तूबर तक होगी बारिश
मौसम विभाग के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया, बंगाल की खाड़ी में पैदा हुए विक्षोभ से सुपर साइक्लोन बना, जिसे नोरु कहा जा रहा है। इस साइक्लोन ने मानसून की वापसी को रोक दिया है। इसके चलते कई राज्यों में बारिश हो रही है। 10 अक्तूबर के बाद मॉनसून लौट जाएगा।

बंगाल की खाड़ी में बना हवा के कम दबाव का क्षेत्र यूपी के ऊपर से गुजर रहा है। अगले दो दिन तेज बरसात की संभावना है। उसके बाद तीन दिन हल्की, फिर तेज बारिश के आसार हैं। एक सप्ताह बाद तय होगा कि मानसून विदा हुआ या नहीं।

पहले सूखा, अब बारिश
मानसून के चार महीनों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत कई राज्य सूखे की चपेट में रहे, क्योंकि उस दौरान बारिश बहुत कम हुई। लेकिन, जब मानसून की विदाई का वक्त शुरू हुआ तो यहां झमाझम पानी बरसने लगा। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर प्रदेश समेत पूर्व और मध्य भारत में मानसून अभी सक्रिय है। 10 अक्तूबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

फसलों पर असर
देर विलंब से लगाई गई धान, मक्का, तिल, ज्वार, बाजरा की फसल को लाभ पहुंचा है। रबी की फसल की बुआई के लिए यह बारिश अच्छी है। वहीं आलू, सरसों और तोरिया के साथ सब्जियों की बुआई की तैयारी पिछड़ गई। बारिश से ज्वार, बाजरा की फसल प्रभावित हो रही है। धान, उड़द, मूंग, तिल की फसल पकने की अवस्था में है।

15 से 20 फसलों को नुकसान
इस बारिश से हुए जलभराव और तेज हवा के कारण करीब 15 से 20 फसलों को नुकसान पहुंचा है। करेला, लौकी, टिंडा, खीरा आदि फसलों को नुकसान पहुंचा। खेतों में पानी भर जाने के कारण धान की पकी फसलों को काटने में अब देर होगी।

वहीं देर में पककर तैयार होने वाली फसलों को इस बारिश से काफी लाभ मिला है। आलू, सरसों और तोरिया के साथ सब्जियों की बुआई की तैयारी पिछड़ गई। बारिश से ज्वार, बाजरा की फसल प्रभावित हो रही है।