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नेपाल से जल-प्रलय की पहली ग्राउंड रिपोर्ट:UP से सटे नेपाल के 31 जिलों में हालत खराब, मलबों से पट गए कई इलाके, चंद मिनटों में गिर पड़े सैकड़ों घर, आर्मी और एयरफोर्स ने संभाला मोर्चा

सिंधुपालचौक2 महीने पहलेलेखक: नीरज तोला गाई
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नेपाल में जल-प्रलय जारी है। उत्तर प्रदेश के सोनौली बॉर्डर से सटे नेपाल के 31 जिलों में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। यहां पानी और मलबों से हजारों घर पट गए हैं। भूस्खलन के चलते ताश के पत्तों की तरह लोगों के घर बिखर गए। जिधर देखिए केवल पानी और मलबा ही नजर आता है। पहाड़ों से बड़े-बड़े चट्‌टान नीचे गिरे। जल प्रलय के चलते अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा लोग लापता हैं। मरने वालों में एक भारतीय, दो चीनी भी शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू के लिए आर्मी और एयरफोर्स की टीम ने मोर्चा संभाल लिया है। लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

पहाड़ों से चट्‌टानें गिरने लगीं हैं। इसके चलते लोगों पर खतरा बढ़ गया है।
पहाड़ों से चट्‌टानें गिरने लगीं हैं। इसके चलते लोगों पर खतरा बढ़ गया है।

यूपी से महज 10 किलोमीटर दूर मची है तबाही

यूपी के सोनौली बॉर्डर से महज 10 किलोमीटर दूर से ही नेपाल में जल प्रलय की शुरूआत हो गई है। नेपाल के बागमती प्रदेश के सिंधुपालचौक समेत 10 जिले, गंडकी प्रदेश के लामजुंग समेत 10 जिले प्रभावित हैं। लुंबिनी मौसम विभाग के अनुसार नेपाल में अमूमन मानसून 13 जून के बाद आता है, लेकिन इस बार मानसून 10 जून को ही आ गया। लगातार बारिश के चलते मेलम्ची समेत नारायणी, गंडक, त्रिवेणी और कोसी उफनाई प्रदेश के बांके समेत 5 जिले और करनाली प्रदेश के सुरखेत, साल्यान, दैलेख, कालीकोट, जाजरकोट और हुमला में हालात खराब है।

नेपाल के मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि शुक्रवार को भी बारिश का अंदेशा है। इन जिलों को हाई अलर्ट रहना होगा। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सचेत किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक नेपाल में औसतन 1130 मिमी बारिश होती है लेकिन इस बार और ज्यादा बारिश होगी।

नेपाल के कई इलाकों में रोड कनेक्टिविटी टूट गई है। बिजली गुल है।
नेपाल के कई इलाकों में रोड कनेक्टिविटी टूट गई है। बिजली गुल है।

नेपाल में क्या हैं हालात?

  • नदी किनारे बसे शहरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है।
  • हजारों लोग बेघर हो गए हैं। 100 से ज्यादा लोग लापता हैं।
  • पानी और मलबों के चलते कई जिलों में भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। लोगों के घर टूट रहे हैं।
  • बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को खाने-पीने की दिक्कत शुरू हो गई है।
  • बारिश के चलते रोड कनेक्टिविटी क्रैश हो गई है। जरूरी सामानों की सप्लाई नहीं हो रही है।
कई इलाकों में जलभराव के चलते लोगों के घर मलबे से पट गए हैं।
कई इलाकों में जलभराव के चलते लोगों के घर मलबे से पट गए हैं।

महाराजगंज और कुशीनगर के 30 से ज्यादा गांव डूबे
नेपाल में बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश के जिलों में भी दिखाई देने लगा है। यहां यूपी के महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और बहराइच में लोग प्रभावित होने लगे हैं। 30 से ज्यादा गांव डूब चुके हैं। 50 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। सैकड़ो एकड़ फसल डूब गयी है। गांव के लोग अब घरों को छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

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