'स्विफ्ट' एप से हाईटेक हुई गोरखपुर पुलिस:अब अपराधियों से लेकर पुलिसकर्मियों की हर जानकारी होगी ऑनलाइन, क्राइम का डेटाबेस भी एप से होगा तैयार

गोरखपुर7 दिन पहले
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अब तक गोरखपुर में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने इस एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड भी कर लिया है। - Dainik Bhaskar
अब तक गोरखपुर में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने इस एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड भी कर लिया है।

उत्तर प्रदेश की गोरखपुर पुलिस ने भी हाईटेक होने की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया है। अपराध और अपराधियों के साथ ही पुलिसकर्मियों पर नजर रखने के लिए गोरखपुर पुलिस ने 'स्विफ्ट' एप तैयार किया है। जिससे अब गोरखपुर में होने वाली हर एक छोटी से छोटी वारदात की जानकारी सिर्फ जिले भर की पुलिस को ही नहीं, बल्कि अधिकारियों को भी रहेगी, साथ ही वारदात के बाद उस दिशा में उठाए गए पुलिस के कदम पर भी अधिकारी नजर रख सकेंगे।

यह एप एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी सोनम कुमार ने बनवाया है। 6 नवंबर को शुरू किए गए इस एप की खास बात यह है कि अब तक गोरखपुर में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने इस एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड भी कर लिया है। शेष को जल्द से जल्द डाउनलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

एप से तैयार होंगे घटना के सबूत
एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि ऐसा ही एक एप दिल्ली पुलिस ने 2018 में डेवलप किया था। जिसका संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसे एप को विकसित कराने की सलाह दी है। इसके जरिए किसी भी वारदात की जांच के दौरान क्राइम सीन या रिकवरी सीन की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी सबूत के तौर पर तैयार होंगे।

पुलिसकर्मियों पर भी रहेगी नजर
साथ ही कई बार जनता की ओर से पुलिस पर ही कार्रवाई न करने के आरोप लगते रहते हैं। ऐसे में एप के जरिए यह तो पता ही चल सकेगा कि घटना के बाद संबंधित पुलिसक​र्मी ने मौके पर पहुंचकर क्या किया, साथ ही घटना की जानकारी और इससे संबंधित फोटो और वीडियो एप पर अपलोड हो जाने से इसकी जानकारी जिले भर की पुलिस के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी होगी।

क्राइम डेटाबेस भी होगा तैयार
एसपी सिटी ने बताया कि इस एप की खास बात यह है कि इसपर लगातार अपलोड हो रही सूचनाओं के जरिए पुलिस के पास एक क्राइम का डेटाबेस भी तैयार हो रहा है। जिसकी समय- समय पर मॉनिटरिंग कर यह देखा जा सकेगा कि मौजूदा समय में किस तरह के अपराधी जिले में सक्रिय हैं। ऐसे में इसपर विशेष कार्य योजना तैयार कर उनपर शिकंजा कसने में भी मदद मिलेगी।

अपलोड करनी होगी हर एक सूचना
दरअसल, किसी भी वारदात के बाद सबसे पहले घटना स्थल पर बीट पुलिस, डायल 112 या फिर थाने की पुलिस पहुंचती है। ऐसे में कर्मियों को सबसे पहले घटना की जानकारी के साथ ही घटना स्थल और उससे संबंधित लोगों की फोटो और वीडियो इसपर अपलोड करनी होगी। इससे अगर शहरी इलाके में भी कोई छोटी वारदात हुई है तो देहात इलाके भी के भी पुलिसकर्मियों को घटना से संबंधित हर एक जानकारी मिल सकेगी।

अब बच नहीं सकेंगे अपराधी
ऐसे में कई बार शहर में क्राइम करके अपराधी दूसरे इलाके में पुलिस के सामने ही रहते हैं, और जानकारी न होने के अभाव में पुलिस उनकी पहचान नहीं कर पाती है। लेकिन अब जिले में होने वाली हर एक वारदात एप पर अपलोड की जा रही है। एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि जल्द ही इस एप को जिले भर के पुलिसकर्मियों के मोबाइल में डाउनलोड करा दिया जाएगा और कुछ ही दिनों में इसके रिजल्र्ट भी सामने आने लगेंगे।

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