मीनाक्षी बोलीं- अब भूल कर भी कभी नहीं आऊंगी गोरखपुर:पुलिस की पिटाई से व्यापारी की हत्या का मामला, कानपुर लौटते हुए पत्नी ने कहा- लगा था योगी के सीएम बनने के बाद बदल गया है शहर

गोरखपुर/कानपुर2 महीने पहले
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16 अक्टूबर को बेटे अविराज और 30 अक्टूबर को पति मनीष गुप्ता की बर्थडे सेलीब्रेशन की पार्टी अब नही होगी। - Dainik Bhaskar
16 अक्टूबर को बेटे अविराज और 30 अक्टूबर को पति मनीष गुप्ता की बर्थडे सेलीब्रेशन की पार्टी अब नही होगी।

गोरखपुर पुलिस की पिटाई से हुई कानपुर के व्यापारी की मौत के बाद से मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने अकेले ही पूरे सिस्टम से मुकाबला किया। मंगलवार को कानपुर लौटते हुए उनकी नम आखों में पति और उनके कुछ अधूरे सपने थे, जो अब जिंदगी भर अधूरे ही रहेंगे। 16 अक्टूबर को उनके बेटे अविराज का और 30 अक्टूबर को पति मनीष गुप्ता का बर्थडे सेलिब्रेशन होना था, जो अब नहीं होगा।

इस साल 16 अक्टूबर को बेटा अविराज 5 साल का हो जाएगा।
इस साल 16 अक्टूबर को बेटा अविराज 5 साल का हो जाएगा।

एक साथ होनी थी पिता और बेटे की बर्थडे पार्टी
मीनाक्षी ने बताया कि सोमवार को घर से निकलते वक्त मनीष काफी खुश थे। वह रियल स्टेट के अपने काम को कानपुर, नोएडा के साथ-साथ गोरखपुर में भी फैलाना चाहते थे। उन्हें इसी सिलसिले में गोरखपुर में एक बिजनेस मीटिंग भी करनी थी।

16 अक्टूबर को उनके बेटे अविराज का बर्थडे है। जबकि मनीष का बर्थडे 30 अक्टूबर को है। मीनाक्षी ने बताया कि उनके परिवार में किसी वजह से बच्चों का जन्मदिन 5 साल पूरा होने के बाद ही मनाया जाता है। इससे पहले बच्चे का कोई कार्यक्रम नहीं किया जाता। इस साल 16 अक्टूबर को बेटा अविराज 5 साल का पूरा हो रहा है। इसलिए बड़े सेलिब्रेशन की तैयारी थी।

बेटे अविराज और पति मनीष का जन्मदिन एक साथ मनाया जाना था। इसे लेकर मनीष ने खुद काफी तैयारियां कर रखी थीं।
बेटे अविराज और पति मनीष का जन्मदिन एक साथ मनाया जाना था। इसे लेकर मनीष ने खुद काफी तैयारियां कर रखी थीं।

फंक्शन को लेकर मेहमानों की लिस्ट तैयार कर रहे थे मनीष
जन्मदिन की पार्टी को लेकर मनीष ने खुद काफी तैयारियां कर रखी थीं। फंक्शन से लेकर मेहमानों की लिस्ट वे खुद ही तैयार कर रहे थे। मीनाक्षी रट हुए कहती हैं, 'लेकिन अब मनीष का यह सपना कभी नहीं पूरा होगा। ऐसे में वे अब अपने बेटे का जन्मदिन भी नहीं मनाएंगी।'

मीनाक्षी रोते हुए कहती हैं, यहां के यह 12 घंटे मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल वक्त है। जिसे मैं कभी भूल तो नहीं सकती।
मीनाक्षी रोते हुए कहती हैं, यहां के यह 12 घंटे मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल वक्त है। जिसे मैं कभी भूल तो नहीं सकती।

जिदंगी का सबसे मुश्किल वक्त गोरखपुर के 12 घंटे
मीनाक्षी बताती हैं कि उन्होंने सुना था कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर पूरी तरह बदल चुका है। मनीष के अलावा उनका भी यहां आकर घूमने का सपना था। घर से निकलते वक्त भी मीनाक्षी ने मनीष से मजाक में खुद भी गोरखपुर जाने की बात कही थी, लेकिन मनीष ने यह कहकर मना कर दिया कि अभी दोस्तों के साथ जा रहा हूं, जब रियल स्टेट का काम शुरू होगा, तो फिर हम दोनों साथ चलेंगे।

आखों में आंसू भरे मीनाक्षी यह भी कहती हैं कि अब जिंदगी में कभी गोरखपुर नहीं आऊंगी। यहां के यह 12 घंटे मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल वक्त है। इसे मैं कभी भूल तो नहीं सकती, यहां फिर आकर मैं उसे दोबारा याद करना नहीं चाहती।

बोलीं- भास्कर ने ही इस प्रकरण को सबसे पहले उठाया और एक-एक घटनाक्रम को बेबाकी से लोगों तक पहुंचाया।
बोलीं- भास्कर ने ही इस प्रकरण को सबसे पहले उठाया और एक-एक घटनाक्रम को बेबाकी से लोगों तक पहुंचाया।

भास्कर को कहा थैंक्स
इन सबके अलावा जाते-जाते उन्होंने दैनिक भास्कर को धन्यवाद दिया। मीनाक्षी ने कहा कि जब मैं पति की मौत की सूचना सुनकर कानपुर से चली थी कि मुझे लगा था कि यहां मेरा कोई नहीं है, लेकिन भास्कर ने ही इस प्रकरण को सबसे पहले उठाया और एक-एक घटनाक्रम बेबाकी से लोगों तक पहुंचाया। इसी वजह से यह मामला सीएम योगी तक पहुंचा और उन्होंने मुझे न्याय दिया। इसके लिए मुख्यमंत्री का भी धन्यवाद करती हूं।

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