गोरखपुर में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मरीज की मौत:12 हजार लेकर पाइल्स का ऑपरेशन किया था, परिजनों ने किया हंगामा

गोरखपुर6 महीने पहले
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युवक की मौत के बाद उसके परिवार के लोगों ने अस्पताल के सामने युवक का शव रखकर हंगामा किया। - Dainik Bhaskar
युवक की मौत के बाद उसके परिवार के लोगों ने अस्पताल के सामने युवक का शव रखकर हंगामा किया।

गोरखपुर में झोलाछाप डॉक्टर ने एक मरीज का पाइल्स का ऑपरेशन कर दिया। जिससे बाद में मरीज की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर हंगामा शुरू ​कर दिया। इस बीच झोलाछाप डॉक्टर मौके से फरार हो गया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद वे शांत हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टममार्टम के लिए भेज दिया। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

अस्पताल को अवैध घोषित करते हुए सील कर दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए। तब जाकर पुलिस ने किसी तरह से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
अस्पताल को अवैध घोषित करते हुए सील कर दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए। तब जाकर पुलिस ने किसी तरह से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

12 हजार में किया ऑपरेशन
खोराबार इलाके के रजही के रहने वाले सोनई गुप्ता का बेटा आशीष गुप्ता (28) पिछले काफी दिनों से पाईल्स (बबासीर) बीमारी से पीड़ित था। इसी बीच आशीष की मुलाकात कुसम्ही स्थित आयुष हॉस्पिटल के संचालक झोलाछाप डॉ. चंदन दास से हो गई। डॉ. चंदन दास 12 हजार रुपए में उसके ऑपरेशन के लिए तैयार हो गया।

हालत बिगड़ी तो दूसरे अस्पताल में कर दिया शिफ्ट
बीते गुरुवार को डॉक्टर ने आशीष को अपने हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया। उसी दिन ऑपरेशन भी कर दिया। इस बीच मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी तो डॉ. दास ने उसे शनिवार को अपने परचित भगत चौराहा स्थित एस हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। जहां सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अस्पताल में ताला लगाकर भाग गया डॉक्टर
मौत की जानकारी होने पर हॉस्पिटल संचालक डॉ. चंदन दास रात में ही हॉस्पिटल में ताला लगाकर फरार गया। मौत से गुस्साए परिजन शव को लेकर कुसम्ही आयुष हॉस्पिटल पहुंच गए और हंगामा करने लगे।

इस बीच गोरखपुर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंच गई। टीम ने डॉ. एके सिंह के नेतृत्व में आयुष हॉस्पिटल को सील कर दिया। साथ ही परिजनों के तहरीर पर पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है। मृतक आशीष गुप्ता अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। वह सब्जी का थोक विक्रेता था। रजही में ही वह सब्जी की दुकान लगाया करता था। तीन साल पहले आशीष की शादी हुए थी।

टीम ने डॉ. एके सिंह के नेतृत्व में आयुष हॉस्पिटल को सील कर दिया।
टीम ने डॉ. एके सिंह के नेतृत्व में आयुष हॉस्पिटल को सील कर दिया।

पहले रजही में प्रैक्टिस करता था डॉ. दास
नंदानगर सैनिककुंज का रहने वाला डॉ. चंदन दास पहले रजही में प्रैक्टिस करता था। दो साल से वह कुसम्ही बाजार में किराए का मकान लेकर हॉस्पिटल खोल रखा है। आशीष गुप्ता की जान पहचान डॉ. चंदन दास से रजही से हुई थी।