गोरखपुर पुलिस का मानवीय चेहरा आया सामने:एक्सीडेंट में घायल बच्ची का पुलिस ने कराया इलाज, चौकी इंचार्ज ने उठाया खर्च

गोरखपुर5 महीने पहले
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देवरिया के करमहा निवासी पिंकी पत्नी चंद्रिका प्रसाद अपनी 6 वर्षीय बेटी अर्चना के साथ शादी समारोह में शामिल होने सोमवार की सुबह जा रही थीं। एक बाइक सवार ने उन्हें ठोकर मार दी। - Dainik Bhaskar
देवरिया के करमहा निवासी पिंकी पत्नी चंद्रिका प्रसाद अपनी 6 वर्षीय बेटी अर्चना के साथ शादी समारोह में शामिल होने सोमवार की सुबह जा रही थीं। एक बाइक सवार ने उन्हें ठोकर मार दी।

उत्तर प्रदेश पुलिस के कई चेहरे हमारे सामने आते रहते हैं। जहां हमेशा ही उनके रिश्वत लेने, कार्रवाई न करने आदि की शिकायतें आम रहती हैं। लेकिन महकमे में कुछ पुलिसकर्मी ऐसे भी है जिनके कारण विभाग की अच्छी छवि बनती है और पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आता है। ऐसा ही एक मामला गोरखपुर के कैंट इलाके के इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी की पुलिस का एक बार फिर सामने आया है। जहां पुलिस ने एक्सीडेंट में घायल बच्ची का न सिर्फ इलाज कराया बल्कि इलाज में होने वाला खर्च भी उठाया। कुल 20 हजार रुपये भी चौकी इंचार्ज अमित चौधरी ने अपनी जेब से वहन किया। इलाज के बाद डिस्चार्ज हुई बच्ची ने पुलिस को धन्यवाद दिया।

एक्सीडेंट के बाद बाइक सवार महिला व उसकी बच्ची को इलाज के लिए कैंट इलाके के कूड़ाघाट स्थित एक नर्सिंग होम लाया गया।
एक्सीडेंट के बाद बाइक सवार महिला व उसकी बच्ची को इलाज के लिए कैंट इलाके के कूड़ाघाट स्थित एक नर्सिंग होम लाया गया।

देवरिया की बच्ची का तरकुलहा में हुआ था एक्सीडेंट
देवरिया के करमहा निवासी पिंकी पत्नी चंद्रिका प्रसाद अपनी 6 वर्षीय बेटी अर्चना के साथ शादी समारोह में शामिल होने सोमवार की सुबह जा रही थीं। इस दौरान तरकुलहा मंदिर मोड़ के पास एक बाइक सवार ने उन्हें ठोकर मार दी। एक्सीडेंट के बाद बाइक सवार महिला व उसकी बच्ची को इलाज के लिए कैंट इलाके के कूड़ाघाट स्थित एक नर्सिंग होम लाया। जब उसे जानकारी हुई की बच्ची के कंधे का आपरेशन होगा और करीब 20 हजार रुपये खर्च होंगे तो वह उन्हें अस्पताल में ही छोड़कर फरार हो गया।

व्हा्टसएप ग्रुप से हुई घटना की जानकारी
सोशल मीडिया के ग्रुप आदि से जानकारी होने पर इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी इंचार्ज अमित कुमार चौधरी अस्पताल पहुंचे और महिला व उसकी बेटी के इलाज का पूरा खर्च वहन करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद बच्ची के कंधे का सफल आपरेशन हुआ। चौकी इंचार्ज ने दोनों के इलाज के लिए खर्च हुए 20 हजार रूपये अपनी जेब से दिया। इलाज के बाद महिला व उसकी बेटी मंगलवार को अपने घर चली गईं। उधर इस कार्य की सराहना पूरे इलाके में हो रही है।

पहले भी ADG से मिल चुका है सम्मान
इससे पहले भी चौकी इंचार्ज अमित कुमार चौधरी व उनकी टीम को अच्छा कार्य करने के लिए एडीजी जोन अखिल कुमार से सम्मान मिल चुका है। करीब एक महीने पहले लावारिस मिले बच्चे को उन्होंने चंद घंटों में ही परिजनों से मिलाया था। जिसके बाद प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया गया था।

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