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गोरखपुर से देश भर में सप्लाई जाली नोटों का मामला:जेल भेजे गए सप्लायरों को रिमांड पर लेगी पुलिस; ग्वालियर पुलिस की मदद से राजन तिवारी पर भी कसेगा शिकंजा

गोरखपुर12 दिन पहले
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जाली नोटों के सौदागर राजन तिवारी का असली नाम कुछ और है। उसने पुलिस को चकमा देने के लिए अपना असली नाम बदल रखा है। - Dainik Bhaskar
जाली नोटों के सौदागर राजन तिवारी का असली नाम कुछ और है। उसने पुलिस को चकमा देने के लिए अपना असली नाम बदल रखा है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और बिहार के सिवान से देश भर के ​शहरों में सप्लाई हो रहे जाली नोटों के मामले का सबसे पहले खुलासा करने वाली गोरखपुर पुलिस अब असली सरगना राजन तिवारी पर भी शिकंजा कसेगी। हालांकि पुलिस व खुफिया एजेंसियों की जांच में यह बात सामने आई है कि, जाली नोटों के सौदागर राजन तिवारी का असली नाम कुछ और है। उसने पुलिस को चकमा देने के लिए अपना असली नाम बदल रखा है। बिहार सिवान के रहने वाले राजन तिवारी पर शिकंजा कसने के लिए गोरखपुर पुलिस अब ग्वालियर पुलिस की भी मदद लेगी। इसके लिए पुलिस की ओर से बुधवार की देर रात से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

नापाक मंसूबों पर पानी फेरने की तैयारी
वहीं, कैंट पुलिस ने बीते 3 जुलाई को जाली नोटों के साथ गिरफ्तार जिन दो सप्लायरों को जेल भेजा था, पुलिस अब उनकी रिमांड लेने की भी तैयारी कर रही है। एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि उस वक्त भी जाली नोटों के कारोबार के असली सरगना राजन तिवारी का नाम प्रकाश में आया था। उसकी तभी से तलाश जारी है। जबकि ग्वालियर पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपितों के भी कनेक्शन गोरखपुर से जुड़े हैं। ऐसे में इसके लिए ग्वालियर पुलिस की भी मदद ली जाएगी। ताकि जाली नोटों के कारोबार के जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के नापाक मंसूबों पर पूरी तरह से पानी फेरा जा सके।

सिवान भी जाएगी गोरखपुर पुलिस
एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर इस गैंग के असली सरगाना तक पहुंचने का प्रयास जारी है। जिस व्यक्ति का नाम प्रकाश में आया था, उसे पुलिस लगातार लोकेट कर रही है। इनपुट मिलते ही पुलिस टीम इस संबंध में जानकारी जुटाने के लिए सिवान भी भेजी जाएगी। इसके लिए कैंट पुलिस के अलावा पुलिस की अन्य टीमों को भी लगाया गया है। ताकि इस रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

गोरखपुर पुलिस ने किया था भंडाफोड़
दरअसल, बीते 3 जुलाई को कैंट पुलिस ने इंजीनियरिंग कॉलेज इलाके से दो तस्करों को जाली नोटों की गड्डियों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद 13 जुलाई को ग्वालियर पुलिस ने आगरा में दो तस्करों को जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया।

जबकि इससे पहले भी ग्वालियर पुलिस ने ही ग्वालियर के बदनापुर और तेलंगाना के वारंगल से भी एक- एक आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग को बंग्लादेश से आ रही नोटों की खेप बिहार के सिवान और गोरखपुर से सप्लाई करने की भी बात सामने आई है। इसके बाद से ही NIA और IB भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। जबकि ग्वालियर पुलिस भी इस इस खेल का भंडाफोड़ करने गोरखपुर आने की तैयारी में है।

कभी भी गोरखपुर आ सकती है ग्वालियर पुलिस
ग्वालियर के एएसपी मध्य, हितिका वासल ने बताया कि जाली नोटों के कारोबार से जुड़े आरोपियों से पूछताछ में गोरखपुर उत्तर प्रदेश और सिवान बिहार से नकली नोटों की मुख्य सप्लाई पूरे देश में किए जाने की बात सामने आई है। जिसमें पता चला है कि बिहार निवासी राजन तिवारी गोरखपुर से पूरे देश में नकली नोट सप्लाई करता है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई के लिए जल्द ही टीम गोरखपुर और सिवान भेजी जाएगी। इन नकली नोटों को कहां बनाया जाता था? इस संबंध में सिवान बिहार व गोरखपुर के अपराधियों से पूछताछ की जायेगी।

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