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गोरखपुर में उफनाई नदियों ने तोड़ा रिंग बांध:गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर चढ़ा बाढ़ का पानी, 2 नेशनल हाइवे बंद; शवों के अंतिम संस्कार के लिए 4-4 घंटे की वेटिंग

गोरखपुर4 महीने पहले
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जिले में अब तक 250 से अधिक गांव बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। - Dainik Bhaskar
जिले में अब तक 250 से अधिक गांव बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं।

गोरखपुर में बाढ़ के कारण हालत लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। शहर से लेकर देहात तक का इलाका पानी में डूब चुका है। लगातार बढ़ रहे नदियों के जलस्तर के खौफ से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। पूरा गांव या तो बांधों पर शरण ले रहा है या फिर पक्के मकान वाले अपनी छतों पर पनाह ले रहे हैं। जिले की सभी नदियां उफान पर हैं। 250 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। शवों के अंतिम संस्कार के लिए 4-4 घंटे की वेटिंग चल रही है।

भरवलिया-बसवानपुर रिंग बांध टूटा
गुरुवार को सुबह राप्ती नदी उफनाई गई। जिसके कारण गोरखपुर कौड़ीराम ब्लाक का भरवलिया-बसवानपुर रिंग बांध टूट गया। ये मुख्य बांध नहीं है। लेकिन इसके टूटने से मुख्य बांध पर पानी का दबाव जरूर बढ़ गया है। भरवलिया और बसवानपुर गांव के 20 परिवार इससे प्रभावित हैं। जिला प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा है। विपिन सिंह भरवलिया गोरखपुर ग्रामीण के भाजपा विधायक है।

जिले की सभी नदियां उफान पर हैं। 250 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
जिले की सभी नदियां उफान पर हैं। 250 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।

2 नेशनल हाईवे पर रूट डायवर्ट
वहीं, गोरखपुर- वाराणसी राजमार्ग एनएच 28 और गोरखपुर- सोनौली नेपाल जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर बाढ़ का पानी आ गया है। इसके चलते एहतियात के तौर पर वहां पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। जिले में करीब एक दर्जन बांधों पर रिसाव की खबर है। हालत यह है कि बाढ़ की वजह से इस समय गोरखपुर के राजघाट पर शवों को जलाने के लिए जगह ही नहीं बची है।

दाह संस्कार के लिए लग रही लंबी लाइन
राप्ती नदी स्थित रामघाट और बैकुंड धाम बाढ़ के पानी में डूब चुका है। आसपास के इलाकों में पिपराइच, चिउटहां पुल, बड़हलगंज मुक्तिपथ की भी यही स्थिति है। ऐसे में दाह संस्कार के लिए एक मात्र जगह राप्ती पुल पर स्थित नगर निगम का शवदाह ही शेष बचा है।
हालांकि यहां एक साथ सिर्फ 8 शवों के अंतिम संस्कार की ही जगह है। यहां भी निचले हिस्से पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। ऐसे में शवों के अंतिम संस्कार के लिए यहां लोगों को नंबर लगाना पड़ रहा है। घंटों इंतजार करने के बाद उनका नम्बर आ रहा है।

बढ़ता जा रहा बांधों का रिसाव
उधर, मानीराम कुदरिया, बनरहां विस्तार बुढ़ेली के पास बांध का रिसाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब महेवा हर्बट बांध और लहसड़ी बांध और कठउर पर भी रिसाव शुरू हो गया है। इसको लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का बुधवार को उस समय गुस्सा फूट पड़ा, जब जिला प्रशासन की टीम यहां बांध की मरम्मत के लिए पहुंची। ग्रामीणों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को दौड़ा लिया।
इसके बाद एसडीएम ने खुद मौके पर जाकर किसी तरह से बांध की मरम्मत कराई। इसके साथ ही नौसड़ पुलिस चौकी के पीछे राप्ती बांध में भी रिसाव होने से ग्रामीण यहां मशक्कत करने में लगे हुए हैं। इसके साथ ही झंगहा और चौरीचौरा इलाके में भी कई जगहों पर बांधों का रिसाव तेजी से हो रहा है। पीपीगंज और मानीराम इलाके में स्थिति लगातार बिगड़ती ही जा रही है।

नगर निगम शवदाह गृह के केयर टेकर चंदन बताते हैं कि नदियों का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। यही स्थिति रही तो 24 से 48 घंटों में यहां भी पानी आ जाएगा।
नगर निगम शवदाह गृह के केयर टेकर चंदन बताते हैं कि नदियों का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। यही स्थिति रही तो 24 से 48 घंटों में यहां भी पानी आ जाएगा।

शहर के निचले इलाकों में आ रहा बाढ़ का पानी
जबकि झंगहा स्थित राप्ती रोहा बांध सहित गोर्रा नदी के महुआकोल, लकड़िहा, बोहवार में बांधों पर रिसाव है। हालांकि स्थानीय लोग और प्रशासन की टीम लगातार यहां मरम्मत का काम कर रही है। जबकि फरेन नाले का पानी अब ओवलफ्लो होकर गांवों की ओर जाना शुरू हो गया है। शहर में राप्ती और रोहिन सहित रामगढ़ताल का पानी तबाही मचाने को बेताब है। बांधों से सटे शहरी इलाकों में भी धीरे- धीरे बाढ़ का पानी लगने लगा है।

जलशक्ति मंत्री बोले- यूपी के सभी बांध सुरक्षित
गोरखपुर पहुंचे यूपी के जलशक्ति मंत्री डा. महेन्‍द्र सिंह ने गोरखपुर में बाढ़ ग्रस्‍त गांवों का दौरा किया। उन्‍होंने कहा कि यूपी के सभी बांध पूरी तरह सुरक्षित हैं। मंत्री ने दावा किया कि वे यूपी में बाढ़ नहीं आने देंगे।

मार्च और अप्रैल में मिलने वाले पैसे को जनवरी में रिलीज किया। जिससे यूपी में मानसून से पहले काम कर सके। उन्‍होंने कहा कि समय से पहले काम को पूरा किया गया। जिससे यूपी के सभी बंधे आज सुरक्षित हैं।

शहर में बढ़ रहा बाढ़ का पानी
बारिश बंद होने के बाद भी फिलहाल नागरिकों को राहत नहीं मिलती दिखाई दे रही है। देवरिया रोड के मोहल्लों में रहने वाले 50 से अधिक लोगों ने घरों से पलायन कर लिया है। वहीं, राजेन्द्र पश्चिमी के द्ववारिकापुरम कालोनी के 100 से अधिक घर बाढ़ के पानी की जद में आ गए हैं। मेडिकल रोड पर ओमनगर कालोनी में 70 से अधिक मकानों में अभी भी बारिश में पानी लगा हुआ है। उधर, नगर निगम की टीम ने सिंघड़िया इलाके में रेलवे की पुलिया को बंद कर दिया है। सिंघड़िया इलाके के आदर्शनगर, वसुंधरानगर, प्रज्ञापुरम, गोकुलनगरी, प्रकृतिनगर, गोरक्षनगर आदि कालोनियों में जलभराव से कोई राहत नहीं मिल रही है।

डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य दिन रात जारी है।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य दिन रात जारी है।

रेलवे की पुलिया को बंद किया
नगर निगम की टीम ने सिंघड़िया इलाके में जलभराव का कारण बन रही रेलवे की पुलिया को बंद कर दिया गया है। बोरियों में मिट्टी और बालू भरकर पुलिया को बंद किया गया। अफसरों का दावा है कि अब पुलिया से पानी आना बंद हो गया है। जंगल सिकरी मुख्य मार्ग पर बंद नाले को जेसीबी की सहायता से खोला जा रहा है। यहां प्रवर्तन बल के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।

इलाहीबाग रेगुलेटर में लीकेज, नागरिकों में खौफ
इलाहीबाग में तीन नंबर रेगुलेटर में पिछले दिनों से रिसाव हो रहा है। नागरिकों से लेकर पंप के कर्मचारी इसे अफसरों को बता रहे थे लेकिन अधिकारी इसे नकार रहे थे। यहां नागरिकों में अफरातफरी मची हुई है। राप्ती का जलस्तर बढ़ जाने के कारण पंपिंग स्टेशन के पाइप पानी में डूब गए हैं। बक्शीपुर समेत शहर के कई इलाकों का पानी इलाहीबाग रेगुलेटर से राप्ती नदी में जाता है।

विधायक बोले- डरने की कोई जरूरत नहीं
ग्रामीण विधायक विपिन सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन की तरफ से लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। डरने की कोई जरूरत नहीं है। कहीं-कहीं रिसाव की सूचना है, जिसे दुरुस्त कराया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन की तरफ से अभी कोई राहत सामग्री नहीं मिली है, और वह लोग काफी डरे और सहमे हैं।

सपा के नेता मनु रोशन यादव का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के मंत्री झूठ बोल रहे हैं।
सपा के नेता मनु रोशन यादव का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के मंत्री झूठ बोल रहे हैं।

झूठ बोल रहे बीजेपी मंत्री
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनुरोजन यादव का कहना है कि जिले की बहने वाली नदियां अपने उफान पर है। चारों तरफ हाहाकार मची हुई है। बांधों पर रिसाव बड़े पैमाने पर हो रहा है। आम पब्लिक और समाजवादी लोग इस आपदा से निपटने में दिन रात लगे हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेता कहां हैं? किसी को पता नहीं। सपा के नेता मनु रोशन यादव का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के मंत्री झूठ बोल रहे हैं।

कांग्रेस ने स्वास्थ्य कैंप लगाने को सौंपा ज्ञापन
गुरुवार को कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेसियों ने स्वास्थ्य विभाग से शहर के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव की स्थित देखते हुए उनसे उत्पन्न होने वाली बीमारियों के लेकर स्वास्थ कैंप लगाने की की अपील की है।

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