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योगी के गोरखनाथ मंदिर का रुतबा दिखाकर 34 लाख ठगे:AIIMS में दिलाऊंगा दवा-पार्किंग और कैंटीन का ठेका, मंदिर के सचिव से रिश्वतेदारी बताकर की जालसाजी

गोरखपुर9 महीने पहले
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पीड़ित की शिकायत पर अब कैंट पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है। - Dainik Bhaskar
पीड़ित की शिकायत पर अब कैंट पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है।

गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी का रिश्तेदार बताकर ठगी का मामला सामने आया है। जालसाज पति-पत्नी ने एम्स के कैंटीन, दवा की दुकान और पार्किंग का ठेका दिलाने के नाम पर 34 लाख रुपए हड़प लिए।शिकायत पर अब कैंट पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत के आरोप में केस दर्ज किया है।

खुद को बताया था PCS अधिकारी
ठगी के शिकार बेलीपार निवासी महेंद्र नाथ गुप्ता ने तहरीर में बताया कि जोखन गुप्ता के जरिए उनकी मुलाकात चिलुआताल के गायत्रीपुरम निवासी राजीव तिवारी से हुई। राजीव ने उनसे बताया कि वह पीसीएस अधिकारी है। गोरखनाथ मंदिर का काम काज देखने वाले सचिव द्वारिका तिवारी का रिश्तेदार भी है। जल्द ही उसकी पोस्टिंग गोरखपुर में नगर आयुक्त के पद पर हो जाएगी। जिससे महेंद्र को राजीव की बात पर पूरा विश्वास हो गया।

जमीन बेचकर दी थी रकम
महेंद्रनाथ ने बताया कि वह व्यापार करने के लिए जगह की तलाश कर रहे थे। यह जानने के बाद राजीव तिवारी ने बताया कि एम्स का एक अस्पताल बन रहा है और निदेशक उसके साढ़ू डॉ. संजीव मिश्रा हैं। इसलिए वह महेंद्र को एम्स के कैंटीन, दवा की दुकान और पार्किंग का ठेका दिला ​देगा। इसके लिए राजीव ने महेंद्र से 34 लाख रुपए मांगे। महेंद्र ने जमीन बेचकर कई बार में खाते में आरटीजीएस, नकद मिलाकर कुल 34 लाख रुपए दे दिए। बाद में जालसाजी की जानकारी होने पर महेंद्र ने रकम वापस मांगा। इसके बाद राजीव ने स्टांप पर लिखकर वादा किया कि वह रकम लौटा देगा। उसने एक चेक भी दिया, लेकिन वह बाउंस हो गया।

इसके बाद महेंद्रनाथ गुप्ता की शिकायत पर कैंट पुलिस ने चिलुआताल के गायत्रीपुरम निवासी राजीव तिवारी और उसकी पत्नी शिप्रा तिवारी के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पहले भी हो चुकी है जालसाजी
एम्स के नाम पर पहले भी जालसाजी हो चुकी है। हाल ही में संविदा पर वार्ड ब्वाय, कंप्यूटर ऑपरेटर, सफाई कर्मी के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 50 बेराजगारों से 19 लाख 32 हजार रुपए ठगी का मामला सामने आया था। इसके बाद खोराबार पुलिस ने इलाके की रहने वाली सरिता की तहरीर पर नंदानगर द​रगहिया निवासी मीरा के खिलाफ केस दर्ज किया था। मीरा ने भी एम्स में काम करने वाले अधिकारियों पंकज सिंह सोलंकी और विनोद यादव का नाम बताया था।

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