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गोरखपुर में एक दिन में RTO के दावे फेल:बिना कोविड जांच के ही बनाने लगे DL, अफसर बोले- मजबूरी में ऐसा करना पड़ा...

गोरखपुर2 महीने पहले
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आरटीओ दफ्तार में न तो आवदेकों की जांच हुई और न ही किसी तरह का ड्राइविंग टेस्ट। - Dainik Bhaskar
आरटीओ दफ्तार में न तो आवदेकों की जांच हुई और न ही किसी तरह का ड्राइविंग टेस्ट।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के आरटीओ का एक और कारनामा सामने आया है। हमेशा की तरह इस बार भी बिना कोविड टेस्ट के डीएल नहीं बनने का आरटीओ का अपना ही आदेश महज दो दिन में फिर फेल साबित हो गया। लिहाजा शुक्रवार को आरटीओ दफ्तार में न तो आवदेकों की जांच हुई और न ही किसी तरह का ड्राइविंग टेस्ट। सिर्फ बाबुओं को खुशकर परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस जारी होते रहे।

एक दिन में ही फेल हो गया दावा
दरअसल, कोरोना संक्रमण की वजह से बीते 23 अप्रैल से आरटीओ दफ्तर में ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन रहे थे। पहली जून से सिर्फ परमानेंट डीएल बनने का काम शुरू हुआ। वहीं, 2 जून को यह आदेश जारी हुआ कि 3 जून से कोरोना को देखते आरटीओ ने यह आदेश जारी किया था कि बिना एंटीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट के बगैर आवेदकों का लाइसेंस नहीं बनेगा। इसके लिए आरटीओ प्रशासन ने स्वास्थ विभाग को पत्र लिखकर आरटीओ कैंपस में ही कोविड जांच कैंप लगाने की गुजारिश भी की थी। लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि एक दिन तो किसी तरह कैंप लगाकर कुछ आवेदकों के टेस्ट हुए, लेकिन शुक्रवार को जांच कैंप से लेकर सभी नियम और दावे पूरी तरह गायब हो गए। एआरटीओ प्रशासन श्याम लाल के मुताबिक, गुरुवार 3 जून को 257 आवेदकों को परमानेंट डीएल के लिए बुलाया गया था। इनमें 57 का कोविड टेस्ट हुआ। आरटीओ के लाइसेंस एग्जाम में 140 पास हुए, जिन्हें आरटीओ लाइसेंस जारी करेगा। लेकिन शुक्रवार को करीब आए 195 आवेदकों में किसी का भी जांच होना तो दूर, यहां जांच कैंप ही नहीं लगा।

मजबूरी में बिना जांच बना रहे लाइसेंस
एआरटीओ प्रशासन श्याम लाल ने बताया कि एक जून से परमानेंट डीएल बनाए जा रहे हैं। पुरानी परमानेंट लाइसेंस को रिशेड्यूल किया गया है। 3 जून से कोरोना संक्रमण कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य किया गया है। लेकिन एक ही दिन टेस्ट हो सका। दूसरे दिन टेस्ट नहीं होने की वजह से कुछ समस्याएं आ रही हैं। इसके लिए स्वास्थ विभाग से बात की गई है। जांच किट की कमी की वजह से जांच बंद हो गई है। लिहाजा मजबूरी में बिना कोविड जांच के ही लाइसेंस बनाए जा रहे हैं।

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