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साधना सिंह ने दूसरी संभाली जिप अध्यक्ष की कमान:BJP से निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं साधना सिंह, 68 जिपं सदस्यों को भी दिलाई गई ली शपथ

5 महीने पहले
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इससे पहले भी साधना सिंह वर्ष 2010 में जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में जिले की कमान संभाल चुकी हैं। - Dainik Bhaskar
इससे पहले भी साधना सिंह वर्ष 2010 में जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में जिले की कमान संभाल चुकी हैं।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बीजेपी से निर्विरोध निर्वाचित साधना सिंह ने सोमवार दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में शपथ ली। इसके बाद उन्होंने जिले के 68 जिपं सदस्यों को भी शपथ दिलाई। इससे पहले भी वे वर्ष 2010 में जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में जिले की कमान संभाल चुकी हैं। जबकि 2015 से 2020 तक सपा की गीताजंलि यादव ने यह कुर्सी संभाली।

डीएम ने दिलाई जिप अध्यक्ष को शपथ
यहां सर्किट हाऊस स्थित एनेक्सी भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की बहू और पूर्व मंत्री एवं कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह की पत्नी साधना सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह ने बारी-बारी अपने 68 जिला पंचायत सदस्यों को सत्यनिष्ठा एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत नियमावली 1994 के प्रावधानों के तहत नवनिर्वाचित अध्यक्षों और सदस्यों का शपथ ग्रहण कराया गया। शपथ ग्रहण के बाद नवनिर्वाचित सदस्यों की पहली बैठक भी हुई। जिसमें जिला पंचायत के कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए कार्य समितियों का गठन किया गया।

महिलाओं के हाथों में रही जिला पंचायत की कमान
गोरखपुर जिला पंचायत के गठन के साथ ही इसकी कमान महिलाओं के हाथों में ही रही है। शोभा साहनी पहली जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। इसके बाद सुभावती पासवान, चिंता यादव, साधना सिंह और गीतांजलि यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। साधना सिंह एक बार फिर जिला पंचायत की कमान निर्विरोध चुनाव जीत कर हाथों में रखे हैं। जिला पंचायत गोरखपुर का सालाना बजट तकरीबन 50 से 52 करोड़ रुपये होता है। इस रकम से जिला पंचायत की अध्यक्षता में जिला पंचायत सदस्य कार्य योजना बना कर बोर्ड की सहमति से अपने अपने क्षेत्रों में विकास कार्य संचालित करा सकते हैं।

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