जांच पूरी होने से पहले योगी की क्लीनचिट:UP के CM बोले- मंत्री के बेटे आशीष के लखीमपुर हिंसा में शामिल होने के सबूत नहीं; कानून में सबको सुरक्षा की गारंटी

गोरखपुर7 महीने पहले
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पहली फोटो में जिस गाड़ी ने किसानों को कुचला और दूसरी में उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर। - Dainik Bhaskar
पहली फोटो में जिस गाड़ी ने किसानों को कुचला और दूसरी में उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर-खीरी केस में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष को क्लीन चिट दे दी है, जबकि अभी तक इसकी जांच भी पूरी नहीं हुई है। योगी ने लखीमपुर हिंसा पर शुक्रवार को पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। इसमें योगी ने साफ कहा- लखीमपुर केस में अजय मिश्र टेनी के बेटे का हाथ होने का कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। योगी ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में ये बातें कही हैं।

योगी ने कहा कि प्रियंका ने गेस्ट हाउस में झाड़ू लगाई, शायद जनता की मंशा भी यही है। लखीमपुर खीरी की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार उसकी तह तक जा रही है। जब कानून सबको सुरक्षा की गारंटी दे रहा है, तो किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। अगर कोई दोषी है, तो उसे छोड़ेंगे नहीं, चाहे वो BJP का विधायक या सांसद रहा हो।

विपक्ष के साथी कोई सद्भावना दूत नहीं थे
विपक्षी नेताओं को लखीमपुर जाने से रोके जाने के सवाल पर सीएम ने कहा, 'हम कुछ भी छिपाना नहीं चाहते हैं। हमारे पास जो तहरीर आई थी, उसके आधार पर केस दर्ज किया है। इस प्रकार के मामलों में सरकार की पहली प्राथमिकता शांति और साहौर्द बनाना होता है। हमारे विपक्ष के जो साथी हैं, वे कोई सद्भावना के दूत नहीं थे। इनमें से बहुत सारे चेहरे ऐसे हैं, जो इस उपद्रव और हिंसा के पीछे भी होंगे। एक बार सच सामने आने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी सबके सामने रखेंगे।

बघेल-चन्नी से अपने स्टेट नहीं संभल रहे
योगी ने राहुल गांधी के साथ आए छत्तीसगढ़ और पंजाब के मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा। कहा, भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ को संभाल नहीं पा रहे हैं। वहां किसान गोली से मारे जा रहे हैं, उनके प्रति कोई सहानभूति नहीं है। वे लखीमपुर के बारे में जानते भी नहीं हैं, लेकिन चाकरी करनी है, तो राहुल के पीछे-पीछे चल पड़े। पंजाब के मुख्यमंत्री भी तय नहीं कर पा रहे हैं कि DGP कौन होगा? चीफ सेक्रेटरी कौन होगा? आतंरिक कलह को छिपाने के लिए वे ऐसा कर रहे हैं। ये लोग अपनी कमियों को छिपाने के लिए दूसरो के घर पत्थर फेंकने वाले लोग हैं।

पॉलिटिकल टूर पर विपक्ष के नेता
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'मैं प्रियंका, राहुल और अखिलेश से पूछना चाहता हूं कि कोरोना काल में ये सभी लोग कहां थे? मार्च से प्रदेश कोरोना ग्रस्त है। 24 करोड़ की आबादी यूपी में रहती है। कोरोना हमारे लिए सबसे ज्यादा क्रिटिकल पॉइंट था। हम जानते थे कि इस महामारी के बाद जो पलायन होगा, उससे यूपी सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। सपा, बसपा, कांग्रेस के नेता जो आजकल पॉलिटिकल टूर कर रहे हैं, उनमें से कितने लोग जनता के दुख-दर्द को बांट रहे थे। उस वक्त केद्र, UP सरकार और भाजपा कार्यकर्ता उनके साथ खड़ा था।'

जनता ने प्रियंका को झाड़ू लगाने लायक बनाया
सीतापुर गेस्ट हाउस में हिरासत में रहीं प्रियंका गांधी के झाड़ू लगाने की बात पर सीएम ने कहा, जनता उन्हें उसी लायक बनाना चाहती है और बना भी दिया है। इनके पास उपद्रव और नकारात्मकता फैलाने के अलावा कोई काम नहीं है।

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में BJP की सोशल मीडिया और आईटी सेल की कार्यशाला में हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि सोशल मीडिया के जरिए आपको छोटी- छोटी चीजों पर घेरा जाता है, लेकिन जरूरी है कि आप भी उसके जरिए प्रभावी जवाब दें। छोटे-छोटे पोस्ट कभी- कभी काफी प्रभावी हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर तमाम अफवाहें फैलाई जाती हैं, इसके ​लिए जरूरी है कि उससे जुड़ी सकारात्मक चीजें उसी प्लेटफॉर्म पर तत्काल रिप्लाई करें।

जिस थार जीप से किसानों को कुचला गया, वो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के नाम पर है।
जिस थार जीप से किसानों को कुचला गया, वो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के नाम पर है।
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