"गोमूत्र का करें बेहतर इस्तेमाल":गोरखपुर पहुंचे प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना; बोले- शहर में नहीं मिले अतिक्रमण

गोरखपुर6 महीने पहले
मलिन बस्ती में जाते वक्त यहां उन्हें नाले पर बनें कई मकान दिखे, जिसे देख मंत्री सुरेश खन्ना हैरान रह गए।

गोरखपुर मंडल के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना सोमवार को गोरखपुर पहुंचे। उनके साथ प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री दानिश अंसारी भी मौजूद रहे। यहां उन्होंने वार्ड नंबर-42 पुर्दिलपुर की मलिन बस्ती का निरीक्षण किया।

मलिन बस्ती में जाते वक्त यहां उन्हें नाले पर बने कई मकान दिखे। जिसे देख वह हैरान रह गए। उन्होंने अफसरों से पूछा तो बताया गया कि यह मकान काफी समय पहले के बने हुए हैं। मंत्री ने नाले के पानी की निकासी की व्यवस्था ठीक न मिलने पर नाराजगी जताई।

दोनों मंत्रियों ने गौशाला का निरीक्षण किया। प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के कहा कि यहां गोवंशों की स्थिति काफी बेहतर है।
दोनों मंत्रियों ने गौशाला का निरीक्षण किया। प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के कहा कि यहां गोवंशों की स्थिति काफी बेहतर है।

महिलाओं और बच्चों से की बात
मलिन बस्ती में प्रभारी मंत्री ने कुछ महिलाओं और बच्चों से बात की। उन्होंने बस्ती के लोगों से स्वच्छता अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। उन्होंने नगर निगम के अफसरों से महानगर में सफाई कार्यों को और दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नाले-नालियों की हमेशा सफाई होती रहे, ताकि जलभराव की स्थिति पैदा न हो।

जलभराव से निपटने की जंग
गोरखपुर शहर में प्रमुख नालों पर अत‍िक्रमण होने के कारण हर बरसात में शहर में जल भराव होता है। प‍िछले साल शहर में जलभराव की स्‍थ‍ित‍ि पर सीएम योगी ने नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद से शहर के नालों की सफाई और अत‍िक्रमण को लेकर अध‍िकारी सक्रिय हुए थे। लेकिन अत‍िक्रमण की समस्‍या अभी भी बनी हुई है।

प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना को कान्हा जी की प्रतिमा भेंट करते नगर आयुक्त अविनाश सिंह।
प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना को कान्हा जी की प्रतिमा भेंट करते नगर आयुक्त अविनाश सिंह।

कान्हा उपवन भी पहुंचे दोनों मंत्री
प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना और अल्पसंख्यक मंत्री दानिश अंसारी ने पुर्दिलपुर मलिन बस्ती का निरीक्षण करने के बाद महेवा वार्ड के कान्हा उपवन पहुंचे। यहां दोनों मंत्रियों ने गौशाला का निरीक्षण किया। प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के कहा कि यहां गोवंशों की स्थिति काफी बेहतर है।

गोबर से जो कंपोस्ट बनाई जा रही है, वो भी काफी सराहनीय है। हमने नगर आयुक्त से कहा है गोमूत्र का भी अच्छा इस्तेमाल किया जाए। इससे अच्छी कमाई की जा सकती है।

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