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मनीष गुप्ता हत्याकांड...पुलिस के खेल का पर्दाफाश:FIR में अज्ञात पुलिसवालों के नाम खुले, अब तक 30 के बयान दर्ज, SIT ने सीन रिक्रिएशन के लिए दोस्तों को बुलाया

गोरखपुर19 दिन पहले

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड की गुत्थी SIT ने लगभग सुलझा ली है। इस हत्याकांड में उन तीन पुलिसवालों के नाम भी शामिल कर लिए, जिन्हें अज्ञात बताया गया था। अब इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा, दरोगा विजय मिश्रा के अलावा दरोगा राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव और कांस्टेबल प्रशांत कुमार आरोपियों में शामिल हैं। उधर, बुधवार को कानपुर में मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता और मनीष के गुड़गांव के दोस्त हरबीर सिंह और प्रदीप सिंह का भी SIT ने 6 घंटे में आखिरी बयान दर्ज कर लिया। यही इस केस के तीनों सबसे मुख्य बयान थे।

अब SIT एक बार फिर होटल कृष्णा पैलेस के 512 नंबर कमरे में उस 27 सितंबर की रात हुई वारदात की आखिरी बार सीन रिक्रिएट कराएगी। इसके लिए घटना वाली रात मनीष के साथ मौजूद रहे उनके दोस्तों हरबीर और प्रदीप को भी गोरखपुर बुलाया गया है। इस सीन रिक्रिएशन के तत्काल बाद SIT अपनी जांच रिपोर्ट कानपुर कमिश्नर के जरिए शासन को भेज ​देगी।

SIT रिपोर्ट के साथ ही लग सकती है चार्जशीट
SIT रिपोर्ट के साथ ही कानपुर पुलिस इस मामले में आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है। हालांकि अभी तक फरार पुलिस वालों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। कानपुर पुलिस व क्राइम ब्रांच के साथ ही यूपी एसटीएफ की टीम ताबड़तोड़ छापामारी कर रही है। कहा यह भी जा रहा है कि आरोपी भी अपनी फरारी के दौरान SIT ​की रिपोर्ट पर पैनी नजर गड़ाए बैठे हैं। रिपोर्ट की भनक लगते ही वह कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं।

चश्मदीतों में भी मनीष के दोनों दोस्त हरबीर और प्रदीप के अलावा होटल मैनेजर आदर्श पांडेय शामिल है।
चश्मदीतों में भी मनीष के दोनों दोस्त हरबीर और प्रदीप के अलावा होटल मैनेजर आदर्श पांडेय शामिल है।

गोरखपुर पुलिस की जांच में भी दोषी मिले इंस्पेक्टर और दरोगा
वहीं, घटना के बाद से ही गोरखपुर पुलिस की ओर से इस मामले की जांच एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी ने भी बुधवार की शाम अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। एसपी नार्थ के मुताबिक उनकी जांच में भी पुलिस वाले ही दोषी पाए गए हैं।

मनीष के दोस्त हरबीर और प्रदीप सीन रिक्रिएट कराने के लिए किसी भी हाल में गोरखपुर आने को तैयार नहीं हैं।
मनीष के दोस्त हरबीर और प्रदीप सीन रिक्रिएट कराने के लिए किसी भी हाल में गोरखपुर आने को तैयार नहीं हैं।

गोरखपुर के नाम से डर रहे हरबीर और प्रदीप, आने को तैयार नहीं
उधर, SIT के बुलावे पर मनीष के दोस्त हरबीर और प्रदीप कानपुर तो पहुंच गए, लेकिन फिलहाल वह सीन रिक्रिएशन कराने के लिए किसी भी हाल में गोरखपुर आने को तैयार नहीं हैं। दोनों इस वारदात के बाद काफी डरे और सहमे हुए हैं। उनका कहना है कि वे उस शहर को अब देखना भी नहीं चाहते, जिस शहर ने उनकी जिंदगी में हमेशा के लिए अंधेरा कर दिया। हालांकि कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने खुद हरबीर और प्रदीप के साथ ही मीनाक्षी से करीब दो घंटे बात कर उन्हें समझाने की काफी कोशिश की। उन्हें बकायदा पुलिस सुरक्षा के साथ गोरखपुर भेजने का भी आश्वासन भी दिया। बावजूद इसके फिलहाल वह आने को तैयार नहीं हैं।

सीन रिक्रेएशन के तत्काल बाद SIT अपनी जांच रिपोर्ट कानपुर कमिश्नर के जरिए शासन को भेज देगी। मनीष गुप्ता- फाइल फोटो
सीन रिक्रेएशन के तत्काल बाद SIT अपनी जांच रिपोर्ट कानपुर कमिश्नर के जरिए शासन को भेज देगी। मनीष गुप्ता- फाइल फोटो

जल्द शुरू होगी बरखास्तगी की प्रक्रिया
SIT के साथ ही गोरखपुर पुलिस की जांच में भी पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद अब जल्द ही इस मामले में आरोपित पुलिस वालों के बरखास्तगी की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। चूंकि पुलिस वालों पर पहले से ही हत्या का केस दर्ज है और वारदात के बाद से ही वह फरार चल रहे हैं। ऐसे में जांच पूरी होते ही उनकी बरखास्तगी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।

बुधवार को भी SIT टीम मेडिकल कालेज पहुंची।
बुधवार को भी SIT टीम मेडिकल कालेज पहुंची।

मेडिकल कॉलेज पहुंची SIT, कब्जे में लिया फुटेज
बुधवार को भी SIT टीम मेडिकल कालेज पहुंची। यहां टीम ने डॉक्टर और कर्मचारियों का बयान दर्ज किया। इससे पहले भी दो बार SIT मेडिकल कालेज जा चुकी थी, लेकिन तब डॉक्टर से मुलाकात नहीं हुई थी। दोपहर बाद करीब 2.30 बजे मेडिकल कालेज पहुंची SIT ने ट्रामा सेंटर में घटनावाली रात ड्यूटी पर तैनात डॉ. एके श्रीवास्तव समेत अन्य स्टॉफ से बयान दर्ज किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर ने SIT को कई जानकारी दी। हालांकि दो पर्चे का सवाल अभी उलझा ही है। वहीं, पर्ची काउंटर के कर्मचारी का भी बयान SIT ने बयान दर्ज किया।

CCTV में दिखी 6 मिनट में दो बार पुलिस की गाड़ी
उधर, मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर की सीसी टीवी फुटेज खराब होने के बाद SIT ने मेडिकल कॉलेज गेट के बाहर मैग्नस लैब एंड डिजिटल एक्स-रे के सीसी टीवी फुटेज को भी खंगाला है। फुटेज में रामगढ़ताल पुलिस की गाड़ी पहली बार 2.05 बजे नजर आई है और दूसरी बार 2.11 बजे पुलिस दिख रही है। इससे मेडिकल कॉलेज में उसे पहुंचने का समय सही पाया गया है। वहीं बुधवार को SIT ने 13 लोगों का बयान दर्ज किया है। सभी के बयान में कहीं कोई अंतर तो नहीं है, इसकी भी जांच की जा रही है।

SIT मानसी हास्पिटल के डॉक्टर और कर्मचारी सहित 30 लोगों का बयान दर्ज कर चुकी है।
SIT मानसी हास्पिटल के डॉक्टर और कर्मचारी सहित 30 लोगों का बयान दर्ज कर चुकी है।

अब तक 30 लोगों का बयान दर्ज
SIT पिछले तीन दिनों से होटल, कर्मचारी, पुलिसकर्मी, मनीष गुप्ता के दोस्त, मेडिकल कालेज के डॉक्टर, कर्मचारी, मानसी हास्पिटल के डॉक्टर और कर्मचारी सहित 30 लोगों का बयान दर्ज कर चुकी है। सोमवार को जहां 9 लोगों का बयान दर्ज किया गया, वहीं मंगलवार को 8 तो बुधवार को SIT ने 13 लोगों का बयान दर्ज किया है। बयान दर्ज करने का यह सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहेगा।

मीनाक्षी एम गुप्ता के नाम के इस ट्वीटर हैंडल का नाम चेंज कर मीनाक्षी ने 'जस्टिस फॉर मनीष' कर दिया है।
मीनाक्षी एम गुप्ता के नाम के इस ट्वीटर हैंडल का नाम चेंज कर मीनाक्षी ने 'जस्टिस फॉर मनीष' कर दिया है।

मीनाक्षी ने 'जस्टिस फॉर मनीष' अभियान शुरू किया
उधर, मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने बुधवार की देर शाम अपने सोशल मीडिया का टाइटिल भी बदल लिया। अब तक मीनाक्षी एम गुप्ता के नाम के इस अकाउंट का नाम चेंज कर मीनाक्षी ने 'जस्टिस फॉर मनीष' कर दिया है। 28 सितंबर को बनाए गए इस अकाउंट पर मीनाक्षी को अब तक 5550 लोग फॉलो कर चुके हैं, लेकिन दूसरी ओर मीनाक्षी सिर्फ 32 लोगों को फॉलो कर रही हैं।

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