मनीष गुप्ता हत्याकांड में CBI ने SSP से लिए बयान:पूछा- केस दर्ज करने में क्यों हुई देरी, किसके आदेश पर हुई थी होटल में चेकिंग

गोरखपुर5 महीने पहले
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अब सिर्फ चंद लोगों के ही बयान शेष रह गए हैं। इसके बाद CBI इस केस की चार्जशीट दाखिल कर सकती है। - Dainik Bhaskar
अब सिर्फ चंद लोगों के ही बयान शेष रह गए हैं। इसके बाद CBI इस केस की चार्जशीट दाखिल कर सकती है।

कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी CBI एक बार फिर लगातार तीसरी बार गोरखपुर पहुंची है। सूत्रों का दावा है कि CBI इस मामले में गोरखपुर एसएसपी का भी बयान दर्ज कर चुकी है। सीबीआई ने जिले के पुलिस कप्तान से जानकारी ली है कि इस मामले में घटना के बाद केस दर्ज करने में आखिर देरी क्यों हुई? साथ ही टीम ने यह भी जाना कि आखिर किसके आदेश पर पुलिस होटल में चेकिंग करने गई थी?

मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी अपने पति का केस लड़ रही हैं।
मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी अपने पति का केस लड़ रही हैं।

अब CBI इस केस में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। वहीं 15 दिसम्बर को हत्या के आरोपित 6 पुलिस वालों की कोर्ट में पेशी भी है। ऐसे में माना जा रहा है कि CBI इस बार भी अदालत में कोई अर्जी दे सकती है। इससे पहले CBI ने सभी आरोपितों से कोर्ट की अनुमति से जेल में उनका बयान दर्ज किया है।

फिर बढ़ सकती है आरोपी पुलिस वालों की हिरासत
रविवार की देर शाम CBI की दो सदस्य एक बार फिर यहां पहुंचे हैं। जबकि इससे पहले 4 सदस्यीय टीम गोरखपुर आई थी और उसने मनीष हत्याकांड से जुड़े तमाम लोगों से पूछताछ की थी। उनके साथ फॉरेंसिक और मेडिकल टीम भी मौजूद थी, जोकि होटल कृष्णा पैलेस में घटना के साक्ष्य भी जुटाई थी। वहीं, जेल में बंद आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह, अक्षय मिश्रा सहित सभी 6 पुलिस वालों से जेल में CBI ने लंबी पूछताछ की थी। इससे पहले हुई पेशी में CBI ने अदालत में अर्जी देकर उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था।

यह फोटो होटल का है। मनीष को होटल से बाहर ले जाते हुए।
यह फोटो होटल का है। मनीष को होटल से बाहर ले जाते हुए।

आरोपी पुलिस वालों को CBI कोर्ट में दाखिल करेगी टीम
माना जा रहा है कि इस बार भी CBI कोई अर्जी देकर न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध कर सकती है। हालांकि ट्रायल से जुड़ा पूरा मामला CBI कोर्ट में चलना है। जेल में लिए गए बयान के आधार पर अगर जरूरत पड़ी तो CBI उन्हें आखिरी में रिमांड पर भी ले सकती है और फिर सीधा कस्टडी में लेकर उन्हें सीबीआई कोर्ट में दाखिल कर सकती है।

तीसरी बार गोरखपुर पहुंची CBI
दरअसल, कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की 27 सितम्बर की रात में गोरखपुर के होटल में चोट लगने के बाद मौत हो गई थी। मनीष के दोस्तों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से आई चोट से जान गई है। मनीष की पत्नी की तहरीर पर होटल में चेकिंग करने गए 6 पुलिसवालों पर हत्या का केस दर्ज है। गोरखपुर पुलिस पर भरोसा न होने की वजह से यूपी सरकार ने केस की जांच SIT कानपुर को सौंपी थी।

हालांकि परिवार की मांग CBI से जांच कराने की थी लिहाजा दो नवम्बर को CBI ने अपने यहां केस दर्ज कर जांच शुरू की। 11 नवम्बर पर जांच के सिलसिले में पहली बार CBI आई थी। केस से जुड़े लोगों का बयान दर्ज करने आरोपितों से पूछताछ के बीच रविवार को तीसरी बार CBI गोरखपुर आई है। गोरखपुर के एनेक्सी भवन में ठहरी CBI घटना से जुड़े लोगों से यही पूछताछ कर रही है।