गोरखपुर...रेलवे में नौकरी के नाम ठगी करने वाले पकड़ाए:STF और RPF ने कैंट पुलिस की मदद से चार को दबोचा; एक कैंडिडेट से वसूलते थे 5 से 7 लाख रुपए

गोरखपुर11 दिन पहले
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आरोपितों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी मेडिकल रिपोर्ट, कूटरचित रेलवे का उपस्थिति पंजिका व सात मोबाइल बरामद हुआ है। - Dainik Bhaskar
आरोपितों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी मेडिकल रिपोर्ट, कूटरचित रेलवे का उपस्थिति पंजिका व सात मोबाइल बरामद हुआ है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रेलवे में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति थमाकर युवकों से पांच से सात लाख ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। STF गोरखपुर यूनिट ने कैंट पुलिस व आरपीएफ की मदद गुरुवार को चार जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपितों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी मेडिकल रिपोर्ट, कूटरचित रेलवे का उपस्थिति पंजिका व सात मोबाइल बरामद हुआ है। पूछताछ में जालसाजों ने कबूल किया ‌है कि वे युवकों से नौकरी के नाम पर पांच से सात लाख रुपये वसूलते थे। इसके पहले भी गिरोह के दो लोगों को पुलिस ने जेल भेजा था।

म्यूजियम के पास से दबोचे गए जालसाज
गुरुवार को STF को सूचना मिली कि आरोपित फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर आए हुए हैं। सूचना पर STF ने आरपीएफ व कैंट पुलिस के साथ ने रेल म्यूजियम के पास से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की पहचान लखनऊ के मानक नगर थाना क्षेत्र के कन्नौसी निवासी नवीन सिंह, गोला इलाके के पंडुरी निवासी नरेंद्र शुक्ला, धुरियापार निवासी मनोज सिंह और रामगढ़ताल निवासी राकेश कुमार के रूप में हुई है।

पहले से कैंट थाने में दर्ज था केस
इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि STF और RPF की संयुक्त टीम ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दो आरोपित मनोज कुमार सिंह और नागेंद्र शुक्ला के खिलाफ कैंट थाने में पहले से दो- दो केस दर्ज थे। इनकी काफी दिनों से तलाश चल रही थी। गुरुवार को इस गैंग के चार सदस्यों को गिफ्तार कर लिया गया है। वहीं, STF का दावा है कि इस गैंग के तार पूरे यूपी में फैले हुए हैं। जल्द ही इस गैंग के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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