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  • The Demand For CBI Inquiry Reached The Supreme Court, Then The Investigation Of The SIT Accelerated, The Statement Of Manish's Friends Took Place After 20 Days; SIT Questioned For 5 Hours

मनीष हत्याकांड...SIT की जांच में आई तेजी:20 दिनों बाद हुआ मनीष के दोस्तों का बयान; 5 घंटे तक हुई पूछताछ

गोरखपुरएक वर्ष पहले
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SIT ने मनीष के गोरखपुर में घटना के वक्त मौजूद दोस्त धनंजय त्रिपाठी और राणा चंद्र से SIT टीम ने पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। - Dainik Bhaskar
SIT ने मनीष के गोरखपुर में घटना के वक्त मौजूद दोस्त धनंजय त्रिपाठी और राणा चंद्र से SIT टीम ने पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए।

कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की पुलिस की पिटाई से मौत के मामले में सुस्त पड़ी SIT अचानक से एक बार फिर एक्टिव मोड में आ गई। CBI जांच की मांग को लेकर मीनाक्षी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचते ही 20 दिनों बाद शुक्रवार को दो दोस्तों के बयान दर्ज किए। सर्किट हाउस में करीब 5 घंटे तक दोस्त धनंजय त्रिपाठी और राणा चंद्र से SIT टीम ने पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए।

घटना के बारे में बारीकी से जानी SIT
जबकि दो अन्य दोस्तों राणा चंद्र को फिर और शंभूनाथ को आज शनिवार को बुलाया गया। शनिवार की शाम करीब तीन घंटे तक दोनों से पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज हुए। चंदन सैनी का एक बार पहले भी SIT बयान दर्ज कर चुकी है। उधर, मनीष के गुड़गांव वाले दोस्त हरबीर और प्रदीप भी SIT की सख्ती को देखते हुए अब गोरखपुर आने को मजबूर हो गए हैं।

खबर है कि सोमवार तक दोनों गुड़गांव से गोरखपुर हर हाल में आ जाएंगे। जबकि इससे पहले SIT के कई बार बुलाने पर भी दोनों गोरखपुर आने को तैयार नहीं थे।

यानी कि वे मनीष को कबसे और कैसे जानते हैं। रात 10.30 बजे तक करीब 5 घंटे चली इस पूछताछ में SIT ने दोनों से काफी बारीकी से पूछताछ करते हुए घटना के बारे में जाना और उनके बयान दर्ज किए। वहीं, चंदन सैनी और शंभू को आज शनिवार को पूछताछ के लिए SIT ने बुलाया है।

मनीष के दोस्तों ने जताई खतरे की आशंका
हालांकि SIT टीम के पास बयान दर्ज करकर लौटे मनीष के दोस्त चंदन सैनी ने कहा कि जांच में काफी देरी हो रही है। अब तक सिवाय हॉरसमेंट के और कुछ भी नहीं मिला। यही वजह है कि हम लोग CBI जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने को मजबूर हुए हैं।

कोर्ट में हमारी रिट रजिस्टर्ड भी हो गई है। उम्मीद है सोमवार को सुनवाई होगी और अदालत का हमारे पक्ष में ही फैसला आएगा। उन्होंने कहा कि 27 सितंबर की घटना के बाद 2 अक्टूबर से SIT टीम गोरखपुर में डेरा डाले हुए है। लेकिन इन 20 दिनों में भी वह अब तक हम दोस्तों के बयान भी नहीं दर्ज कर सकी।

चंदन सैनी ने लगाए गंभीर आरोप
वहीं, चंदन सैनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक की जांच से न्याय की कोई खास उम्मीद नहीं दिख रही है। ऐसे में इस केस से जुड़े हम लोगों पर भी कहीं न कहीं खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें आशंका है कि या तो हमारे साथ कोई अप्रिय घटना न हो जाए या फिर हमें ही किसी फर्जी केस में फंसा दिया जाए। क्योंकि हम लोग शुरू से ही पीड़ित परिवार के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं।