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गोरखपुर में AIIMS में सिक्योरिटी गार्ड्स का आतंक:डायरेक्टर ने पाठशाला लगाकर दिलाई गार्डों को शपथ; डॉ सुरेखा किशोर बोलीं- जनकल्याण व समाज की सेवा के लिए है AIIMS

गोरखपुर8 महीने पहले
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एम्स निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने गार्डों की पाठशाला लगाकर तीमारदारों व मरीजों से अभद्र व्यवहार न करने की शपथ दिलाई। - Dainik Bhaskar
एम्स निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने गार्डों की पाठशाला लगाकर तीमारदारों व मरीजों से अभद्र व्यवहार न करने की शपथ दिलाई।

गोरखपुर अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (AIIMS) में सिक्योरिटी गार्ड्स का आतंक पर एम्स प्रशासन भी अलर्ट हो गया। लगातार मरीजों और तीमारदारों से आ रही अभद्रताओं और वसूली की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को एम्स निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने उन्हें खुले शब्दों में चेतावनी दे डाली। उन्होंने गार्डों की पाठशाला लगाकर तीमारदारों व मरीजों से अभद्र व्यवहार न करने की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी फेकल्टी या अन्य व्यक्ति के बहकावे में न आए। हर कीमत पर तीमरादारों व मरीजों से प्रेम पूर्वक व्यवहार करें। अपनी मर्जी से कोई भी नैतिक रूप से गलत कार्य न करें।

आए दिन मारपीट करते हैं एम्स के गार्ड
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से एम्स के गार्डों द्वारा तीमारदारों व मरीजों से अभद्र व्यवहार करने की शिकायतें लगातार आ रही थीं। कुछ मामलों में यहां तो गार्डों पर मारपीट व लूट का भी केस दर्ज हो चुका है। अभी हाल ही में आंख दिखाने गए मोहद्दीपुर चारफाटक निवासी 30 वर्षीय श्रवण शुक्ला जो लाइन में खड़े थे उन्हें गार्ड ने अंदर जाने से मना कर दिया। जब उन्होंने विरोध किया तो 7-8 गार्डों ने मिलकर उसे बंधक बना लिया।

सूचना पर पहुंची एयरफोर्स चौकी पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया और उस मरीज को मुक्त कराया था। ये सारी शिकायतें लगातार एम्स निदेशक के पास पहुंची। जिसके बाद उन्होंने शुक्रवार को सभी गार्डों व उनके अधिकारियों की पाठशाला लगाई। इसी तरह एम्स में गार्डों के दुर्व्‍यवहार के शिकार​ बिछिया के सत्येंद्र पाल, रामेश्वर विश्वकर्मा, प्रियंका मौर्य, कंचन पायल भी हैं।

निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने गार्डों से कहा कि अनैतिक कृत्य न किया जाए और किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। इससे एम्स का नाम खराब होता है।
निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने गार्डों से कहा कि अनैतिक कृत्य न किया जाए और किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। इससे एम्स का नाम खराब होता है।

जनकल्याण व समाज की सेवा के लिए बना है एम्स
निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने गार्डों से कहा कि एम्स की स्थापना जनकल्याण व समाज की सेवा करने के लिए बना है। यहां जो भी व्यक्ति आता है वह किसी न किसी स्वास्थ्य की परेशानी में आता है। ऐसे में उनकी परेशानी को अपने सख्त व अनुचित व्यवहार से बढ़ाया न जाए अपितु उसे प्रेम से समझाया जाए। अगर मेरी लिखित में निर्देश नहीं है तो उस अनैतिक कृत्य न किया जाए और किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। इससे एम्स का नाम खराब होता है।

अगर कोई गलत रिपोर्ट अनैतिक कृत्य की शिकायत आगे से मिली कि मेरा नाम लेकर कुछ अनैतिक किया गया है तो कार्रवाई की जाएगी। हम सभी की तैनाती यहां प्रेम पूर्वक व्यवहार करने व सेवा करने तथा एम्स का नाम रौशन करने के लिए हुई है। उन्होंने गार्डों को शपथ दिलाई।

गार्डों ने खाई कसम
निदेशक के साथ सभी गार्डों ने शपथ लिया कि आज से हम कसम खाते हैं कि किसी मरीज या तीमारदार से प्यार से पेश आएंगे। किसी से अनैतिक व्यवहार नहीं करेंगे व कोई गलत कार्य नहीं करेंगे। एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ शशांक शेखर ने बताया कि पिछले कई दिनों से गार्डों द्वारा मरीजों व तीमारदारों से अभद्रता करने की शिकायतें लगातार आ रही थीं। जिसकों ध्यान में रखते हुए आज उन्हें समझाया गया है और भविष्य में ऐसा न करने की शपथ दिलाई गई है। आगे से शिकायत आने पर जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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