गोरखपुर...दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में बवाल, ढाई घंटे रूका जुलूस:नदी में विसर्जन करने की जिदृ पर दुर्गाबाड़ी की प्रतिमा रोकी, बर्डघाट रामलीला कमेटी के अध्यक्ष का फोड़ा सिर

गोरखपुर7 महीने पहले
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कृतिम पोखरे में विसर्जन से इंकार कर नदी में प्रतिमा का विसर्जन करने की जिदृ पर अड़े लोगों राघव शक्ति मिलन के दौरान रात करीब 10.15 बजे से 12.40 तक प्रतिमा रोके रखा। - Dainik Bhaskar
कृतिम पोखरे में विसर्जन से इंकार कर नदी में प्रतिमा का विसर्जन करने की जिदृ पर अड़े लोगों राघव शक्ति मिलन के दौरान रात करीब 10.15 बजे से 12.40 तक प्रतिमा रोके रखा।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुक्रवार की रात दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान पूरी रात छिटपुट बवाल होता रहा। हालांकि एक समय के लिए शहर भर की स्थिति उस समय तनावपूर्ण जरूर हो गई, जब शहर के सबसे प्रमुख दुर्गाबाड़ी की प्रतिमा को बसंतपुर स्थित राघव शक्ति मिलन चौक पर समिति के लोगों ने रोक दिया। कृतिम पोखरे में विसर्जन से इंकार कर नदी में प्रतिमा का विसर्जन करने की जिदृ पर अड़े लोगों राघव शक्ति मिलन के दौरान रात करीब 10.15 बजे से 12.40 तक प्रतिमा रोके रखा।

इस दौरान इसके पीछे शहर भर की प्रतिमाएं रास्ते में ही खड़ी हो गई। सूचना पाकर पहुंचे डीएम और अन्य अधिकारियों ने लोगों को किसी तरह से समझा बुझाकर मामला शांत कराया। देर रात करीब पौने एक बजे दुर्गाबाड़ी की प्रतिमा यहां से जुलूस के शक्ल में आगे बढ़ी। इसके बाद शहर भर की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हुआ।

कुछ ही देर में यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते शहर भर की प्रतिमाएं जहां थी, वहीं खड़ी हो गई।
कुछ ही देर में यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते शहर भर की प्रतिमाएं जहां थी, वहीं खड़ी हो गई।

राघव शक्ति मिलन के बाद खड़ी कर दी प्रतिमा
दरअसल, पिछले कई वर्षों से सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नदियों में प्रतिमाओं का विसर्जन न कर कृतिम पोखरों में प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा है। शुक्रवार की रात शहर की सबसे प्रमुख दुर्गाबाड़ी की प्रतिमा का बर्डघाट रामलीला के श्रीराम से राघव शक्ति मिलन होता है। इसके बाद भी शहर भर में प्रतिमाओं का विसर्जन होता है।

कंधे पर जाने वाली यह प्रतिमा रात करीब 10.30 बजे बसंतपुर चौक स्थित राघव शक्ति मिलन पहुंची। रामलीला के श्रीराम ने मां दुर्गा के प्रतिमा की आरती की और राघव शक्ति मिलन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके बाद यहां लोगों ने दुर्गाबाड़ी की प्रतिमा बीच सड़क पर ही रोक दी। लोगों की मांग थी कि प्रतिमा का विसर्जन कृतिम पोखरे में नहीं करके बल्कि बाघागाढ़ा स्थित राप्ती नदी में करेंगे।

डीएम विजय किरन आनंद और अन्य आला अफसर मौके पर पहुंच गए और लोगों को काफी समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
डीएम विजय किरन आनंद और अन्य आला अफसर मौके पर पहुंच गए और लोगों को काफी समझा बुझाकर मामला शांत कराया।

ढाई घंटे तक रूका रहा पूरे शहर का जुलूस
कुछ ही देर में यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते शहर भर की प्रतिमाएं जहां थी, वहीं खड़ी हो गई। सूचना पाते ही डीएम विजय किरन आनंद और अन्य आला अफसर मौके पर पहुंच गए और लोगों को काफी समझा बुझाकर मामला शांत कराया। काफी जदृोजहद के बाद रात करीब 12.45 बजे बंगाली समिति के लोग फिर प्रतिमा लेकर विजर्सन को आगे बढ़े। इसके बाद शहर भर की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हुआ।

काफी जदृोजहद के बाद रात करीब 12.45 बजे बंगाली समिति के लोग फिर प्रतिमा लेकर विजर्सन को आगे बढ़े। इसके बाद शहर भर की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हुआ।
काफी जदृोजहद के बाद रात करीब 12.45 बजे बंगाली समिति के लोग फिर प्रतिमा लेकर विजर्सन को आगे बढ़े। इसके बाद शहर भर की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हुआ।

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष का सिर फोड़ चेन लूटा
उधर, इस बीच जलूस में बढ़ती भीड़ में शराब के नशे में कुछ युवक बर्डघाट रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पंकज गोयल से भीड़ गए। पंकज राघव शक्ति मिलन के रथ से घर की तरफ जा रहे थे। युवकों और पंकज में कहासूनी होने लगी तो युवकों ने उनके साथ मारपीट भी की। इसमें मनबढ़ों ने मारकर पंकज का सिर फोड़ दिया। उनके सिर में हल्की चोटें आई। आरोप है कि मनबढ़ उनके गले से सोने की चेन भी लूट कर भागने लगे।

इस बीच आसपास के लोगों ने अभिषेक सिंह और अमित चौधरी नाम के दो युवकों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। रामलीला कमेटी के सदस्य और राघव शक्ति मिलन के आयोजन राकेश वर्मा ने बताया कि इस पूरी घटना की रिकॉर्डिंग प्रशासन के कैमरे में मौजूद है। आरोप लगाया कि बावजूद इसके पुलिस ने दोनों युवकों को भगा दिया। उन्होंने बताया कि शनिवार को वह अधिकारियों या मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी शिकायत करेंगे।

लोगों की मांग थी कि प्रतिमा का विसर्जन कृतिम पोखरे में नहीं करके बल्कि बाघागाढ़ा स्थित राप्ती नदी में करेंगे।
लोगों की मांग थी कि प्रतिमा का विसर्जन कृतिम पोखरे में नहीं करके बल्कि बाघागाढ़ा स्थित राप्ती नदी में करेंगे।
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