गोरखपुर में BJP सांसद कमलेश पासवान को खदेड़ा:बाढ़ प्रभावित इलाकों का हाल जानने पहुंचे थे, नाराज ग्रामीणों ने किया विरोध, बोले- अब क्या करने आए हैं?

गोरखपुरएक महीने पहले
भाजपा सांसद कमलेश पासवान गोरखपुर की बांसगांव संसदीय क्षेत्र के चौरी चौरा इलाके में बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे थे।

गोरखपुर में बाढ़ की त्रासदी झेल रहे लोगों का गुस्सा बांसगांव के भाजपा सांसद कमलेश पासवान पर फूट पड़ा। सांसद सोमवार को क्षेत्र के चौरीचौरा इलाके में बाढ़ से पीड़ित जनता का हाल जानने पहुंचे। इस दौरान नाराज ग्रामीणों ने सांसद का जमकर विरोध किया। इसके साथ ही उन्हें वापस जाने को मजबूर कर दिया। हालांकि, इस बीच ग्रामीणों को कुछ लोगों ने समझाने की भी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने और सांसद का विरोध करते रहे। लिहाजा सांसद को लौटना पड़ा।

2.50 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित
गोरखपुर में राप्ती, रो​हिन और घाघरा नदियों के साथ ही गोर्रा और आमी नदी भी अपना कहर बरपा रही है। फिलहाल नदियों का जलस्तर कम हो रहा है। इसके बावजूद जिले में अब तक करीब 400 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। जिससे लगभग 2.50 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है। इसके चलते ग्रामीणों ने रेलवे स्टेशन, सड़क और बांधों पर शरण ले रखी है। इस आपदा की घड़ी में हर ग्रामीण अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का तूफानी दौरा कर खुद राहत सामग्री बांट चुके हों, लेकिन कोई जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में दिखाई नहीं दे रहा।

कोरोना से लेकर बाढ़ तक में सांसद का पहला दौरा
चौरीचौरा इलाके का राजधानी सिलहटा बांध टूटने से यहां दर्जन भर गांवों के 30 हजार लोग बाढ़ से घिरे हैं। जनता को जहां भोजन पानी की किल्लत हो रही है। वहीं, मवेशियों को चारा और बच्चों को दूध तक नसीब नहीं हो रहा। ऐसे में ग्रामीणों का आरोप है कि अब जब बाढ़ कम होने लगी तो सांसद क्या करने आए हैं। राजधानी गांव के ग्रामीणों के मुताबिक, कोरोना से लेकर बाढ़ तक सांसद कमलेश पासवान का क्षेत्र में यह पहला दौरा था। इससे पहले वे आखिरी बार क्षेत्र में कब दिखे, यह वहां की जनता को भी याद नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कोरोना का कहर झेले और अब बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं। इसके बावजूद कोई हमारी मदद को आगे नहीं आया।

वारयल हो रहा वीडियो
भाजपा सांसद के लिए ग्रामीणों का विरोध बताता है कि प्रशासन की तरफ से पर्याप्त मात्रा में राशन और राहत सामग्री का वितरण नहीं हो रही है। न ही उन्हें कोई मदद मिल रही। यही वजह है कि सांसद कमलेश पासवान को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बंधे पर शरण लेने वाले ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ गया। वहीं, ग्रामीणों द्वारा विरोध का यह वीडियो गोरखपुर में तेजी से वायरल हो रहा है।

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