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UP में बेटों का अमानवीय चेहरा:कोरोना से मौत पर पिता का शव छूआ तक नहीं, 3 बेटों ने अंतिम संस्कार की बजाय कूड़े की तरह JCB से उठाकर गड्ढे में दफनाया

संतकबीर नगर4 महीने पहले
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जेसीबी में रखकर पिता शव ले जाते परिवार वाले। - Dainik Bhaskar
जेसीबी में रखकर पिता शव ले जाते परिवार वाले।

उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक इंसानियत को झकझोरने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। बलरामपुर में राप्ती नदी में कोरोना संक्रमित मृतक का शव फेंकने के मामले के बाद अब संत कबीरनगर जिले में ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कोरोना संक्रमित मृतक पिता का अंतिम संस्कार करने की बजाय बेटों ने शव को JCB से कूड़े की तरह उठाया और गड्ढा खोदकर दफना दिया। इसका वीडियो सामने आया है।

जिन बेटों ने पिता की उंगली पकड़कर चलना सीखा उनके इस अमानवीय व्यवहार से लोग हैरान रह गए। मामला संत कबीरनगर जिले के थाना बेलहर क्षेत्र के परसा शुक्ल गांव का है। यहां के राम ललित की तबीयत काफी दिनों से खराब थी। उनके 3 बेटे हैं। बेटों ने गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया। घर आने के बाद सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उनकी मौत हो गई।

शव को छूने से कतराने लगे परिजन
पिता की मौत के बाद परिजन शव को छूने से भी कतराने लगे। सभी को कोरोना का डर था। बेटों ने अंतिम संस्कार करने की बजाय जेसीबी मंगवाकर गड्ढा खुदवाया और पिता के शव को दफना दिया। बेटे कूड़े की तरह शव को जेसीबी में रखकर ले गए। और बाहर ले जाकर गड्ढे में डाल दिया। मौके पर जाकर किसी ने रोकना भी उचित नहीं समझा।

ग्राम प्रधान बोले- अधिकारियों को दी है सूचना
परसा शुक्ल गांव के ग्राम प्रधान त्रियोगानंद गौतम ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में है। उन्होंने मृतक के बेटों को अंतिम संस्कार के लिए कहा था। मदद की बात कही, लेकिन वह नहीं माने और जेसीबी से ही गड्ढा खोदकर दफना दिया। यह सही नहीं किया। एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों को सूचना दी है।

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