गोरखपुर...4.5 साल में भी हाईटेक नहीं हो सका बस अड्डा:7 बार टेंडर निकलाने पर भी परिवहन निगम को नहीं मिले ठेकेदार, एयरपोर्ट की तर्ज पर हाईटेक होना था बस अड्डा

गोरखपुर7 महीने पहले
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बीते 5 साल के दौरान इसके कायाकल्प के लिए परिवहन निगम को एक भी ठेकेदार नहीं मिला। - Dainik Bhaskar
बीते 5 साल के दौरान इसके कायाकल्प के लिए परिवहन निगम को एक भी ठेकेदार नहीं मिला।

गोरखपुर का रेलवे बस डिपो योगी सरकार में साढ़े चार साल में भी नहीं बन सका। यूपी के 28 बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पर हाईटेक करने की कवायद इस बस स्टेशन के लिए महज कवायद ही रह गई। बीते 5 साल के दौरान इसके कायाकल्प के लिए परिवहन निगम को एक भी ठेकेदार नहीं मिला। हालांकि इस दौरान इसके लिए यूपी रोडवेज की ओर से 7 बार टेंडर किए गए, लेकिन एक बार भी टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब निगम के अधिकारी बैठे इसके लिए ठेकेदार की राह देख रहे हैं। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि गोरखपुर डिपो के लिए उन्हें ठेकेदार नहीं मिल रहा है।

एयरपोर्ट की तर्ज पर बनना था बस स्टेशन
दरअसल, सूबे में योगी सरकार का वर्ष 2017 में गठन होने के बाद प्रदेश के 28 बस डिपो को पीपीपी मॉडल पर हाईटेक करने की कवायद शुरू की गई थी। इसमें गोरखपुर डिपो का रेलवे बस स्टेशन भी शामिल था। इसके तहत बस अड्डों को एयरपोर्ट की तर्ज पर​ विकसित किया जाना था। प्रदेश सरकार की मंशा थी कि बस डिपो को अति आधुनिक स्वरूप देकर इसी सभी तरह की सुविधाओं से लैस करने की थी। इस रेलवे बस डिपो को राजकोट मॉडल के आधार पर तैयार किया जाना था। गुजरात स्थित राजकोट बस डिपो देश के उन चुनिंदा स्टेशनों में शामिल है जो एयरपोर्ट की तर्ज पर बने हुए हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने गोरखपुर डिपो के लिए राजकोट मॉडल को ही चुना।

2017 में ही मिल गई थी पीपीपी मॉडल को हरी झंडी
हालांकि विभाग के जानकारों का कहना है कि गोरखपुर बस डिपो के कायाकल्प के लिए धन की व्यवस्था हो गई। अब तक इसके लिए 7 बार टेंडर भी निकाले जा चुके, लेकिन किसी न किसी वजह से हर बार टेंडर निरस्त हो गए। जिसकी वजह से इसका काम अब तक शुरू नहीं हो सका। जबकि पीपीपी मॉडल को वर्ष 2017 में ही हरी झंडी भी मिल चुकी है। बावजूद इसके, परिवहन निगम निजी फार्मो के सहयोग से इस डिपो की सूरत बदलने पूरी तरह नाकामयाब साबित हुआ।

अब राप्तीनगर में शिफ्ट होगा गोरखपुर डिपो
इस बस स्टेशन के साथ ही यहां वर्कशाप को भी आधुनिक बनाया जाना था। बस डिपो को कैफेटेरिया, पार्किंग, वाईफाई, एसी लाउंज आदि सुविधाओं से लैस ​किया जाना था। यह वर्कशाप राप्तीनगर डिपो स्थिति वर्कशाप परिसर में चला जाएगा। वहीं, पहले तैयारी थी कि मौजूदा वर्कशाप को हटाकर राप्तीनगर में शिफ्ट किया जाएगा। ताकि यहां रेलवे बस डिपो के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।

लेकिन अब गोरखपुर डिपो के एआरएम एके मिश्रा का कहना है कि किन्हीं कारणों से डिपो के हाईटेक करने का टेंडर नहीं हो सका। अभी तैयारी चल रही है कि गोरखपुर डिपो को राप्तीनगर वर्कशॉप में शिफ्ट कर दिया जाएगा। ताकि शहर में जाम की समस्या से मुक्ति मिल सके। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।

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