गोरखपुर में पुलिस ने किए 3 नेक काम:महिला को कपड़े पहना कराया भर्ती, साइबर ठगी के पीड़ितों को लौटाई रकम, बच्ची को परिजनों से मिलाया

गोरखपुर14 दिन पहले
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शाहपुर से लापता डेढ़ साल की बच्ची मान्या को उसकी दादी को सौंपते पुलिसकर्मी। - Dainik Bhaskar
शाहपुर से लापता डेढ़ साल की बच्ची मान्या को उसकी दादी को सौंपते पुलिसकर्मी।

गोरखपुर की पुलिस ने शनिवार को तीन नेक काम किए। जिसकी सराहना हो रही है। एक ओर पुलिस ने नग्न हालत में मिली महिला को कपड़े पहनवाकर इलाज के लिए भर्ती कराया। वहीं दूसरी ओर साइबर ठगी के शिकार दो पीड़ितों को उनका रकम वापस कराया। इसके अलावा पुलिस ने लावारिस मिले बच्चे को उसके परिजनों से मिला दिया।

रामगढ़ताल किनारे झाड़ियों में मिली थी महिला
शनिवार की सुबह रामगढ़ताल किनारे टहलने गई महिलाओं ने पास की झाड़ी में एक 55 वर्षीय महिला को नग्न हालत में बेहोश पड़ा देखा। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। तत्काल कैंट थाने के इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी इंचार्ज अमित कुमार चौधरी महिला पुलिसकर्मियों को साथ लेकर वहां पहुंचे। म​हिला के शरीर पर चोट भी थे।

सबसे पहले उन्होंने उसे साड़ी खरीदकर पहनवाया। फिर इलाज के लिए अपनी गाड़ी से ले जाकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। महिला अचेत थी कुछ बोल नहीं पा रही थी। उसकी पहचान नहीं हो सकी। आसपास के लोगों ने बताया कि उसे उन लोगों ने इधर उधर घूमेत कई दिन से देख रहे थे। चौकी इंचार्ज ने बताया कि महिला की पहचान नहीं हो सकी है। वह मानसिक रूप से बीमार है।

साइबर ठगी के शिकार दो पीड़ितों को रकम लौटाया
शनिवार को साइबर सेल की टीम ने आनलाइन ठगी के शिकार दो पीड़ितों को उनका ₹131400 वापस करा दिया। प्रभारी साइबर सेल सुनील कुमार पटेल ने बताया कि Mobikwik कंपनी का नंबर गूगल कस्टमर केयर से खोज कर समस्या का समाधान करने के नाम पर Mobikwik वॉलेट से 41400 रुपये निकाल लिया गया था।

जिसकी शिकायत उत्कर्ष दुबे निवासी गंगा नगर थाना शाहपुर ने सााइबर सेल में किया था। जिसके बाद उनकी गायब हुई पूरी रकम उनके खाते में वापस कराई गई। इसी प्रकार खोराबार के चंद्रप्रकाश के खाते से यूपीआई का प्रयोग कर जालसाजों ने 90000 निकाल लिया था। जिसे वापस कराया गया है।

गोरखपुर साइबर सेल के प्रभारी सुनील पटेल ने दो पीड़ितों उत्कर्ष दूबे और चंद्रप्रकाश को रकम लौटाया।
गोरखपुर साइबर सेल के प्रभारी सुनील पटेल ने दो पीड़ितों उत्कर्ष दूबे और चंद्रप्रकाश को रकम लौटाया।

घर से खेलते हुए लापता हो गई थी बच्ची
शनिवार की दोपहर 12:04 मिनट पर अंशु ने डायल 112 पर फोन कर सूचना दिया कि रेल विहार चौराहे के पास एक डेढ़ साल की बच्ची लावारिस हालत में सड़क पर मिली है। जिसके बाद पीआरवी 0321 के पुलिसकर्मी 4 मिनट में ही मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम से एनाउंस कर बच्ची के परिजनों का पता लगाया। इस दौरान पता चला कि बच्ची का नाम मान्या है और वह सिद्धांत सिंह निवासी राप्तीनगर फेज चार की बेटी है। जिसके बाद पुलिसकर्मी शिवरतन जयसवाल,यशपाल यादव, अवधेश मिश्रा ने बच्ची को उसकी दादी के हवाले कर दिया।

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