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  • There Was Happiness On The Faces Of Inspector JN Singh And Inspector Akshay Mishra As Soon As The Constable And The Constable Reached The Jail; Greeted With A Laugh, Both Reached The Jail With Luggage In The Bag

मनीष गुप्ता हत्याकांड:दरोगा और सिपाही के जेल पहुंचते ही इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा के चेहरे पर आई खुशी; ठहाके लगाकर किया स्वागत, बैग में सामान लेकर जेल पहुंचे दोनों

गोरखपुर3 महीने पहले
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गिरफ्तार दरोगा राहुल दुबे और सिपाही प्रशांत कुमार जेल में वह बैग लेकर पहुंचे। चेकिंग के दौरान उनके बैग में कपड़े, चप्पल, ब्रश, पेस्ट और कुछ जरूरत की चीजें थी। - Dainik Bhaskar
गिरफ्तार दरोगा राहुल दुबे और सिपाही प्रशांत कुमार जेल में वह बैग लेकर पहुंचे। चेकिंग के दौरान उनके बैग में कपड़े, चप्पल, ब्रश, पेस्ट और कुछ जरूरत की चीजें थी।

कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता हत्याकांड हत्याकांड में गिरफ्तार दरोगा राहुल दुबे और सिपाही प्रशांत कुमार मंगलवार की रात 10.40 बजे गोरखपुर जेल में दाखिल हुए। यहां उन्हें उसी नेहरू बैरक में शिफ्ट किया गया, जहां इस मामले के दो मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा को रखा गया है। खास बात यह रही कि गिरफ्तारी से पहले दरोगा और सिपाही बकायदा अपने ठिकाने से बैग और उसमें सभी जरूरत के सामान लेकर निकले थे। शायद यही वजह थी कि जेल में वह बैग लेकर पहुंचे। चेकिंग के दौरान उनके बैग में कपड़े, चप्पल, ब्रश, पेस्ट और कुछ जरूरत की चीजें थी।

दरोगा और सिपाही को इंस्पेक्टर ने दी तसल्ली
इस बीच नेहरू बैरक में अकेले गुमसुम पड़े इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा दोनों अन्य दरोगा और सिपाही के पहुंचते ही खुश हो गए। उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। ठहाके लगाकर दोनों ने उनका स्वागत किया और फिर बैठाकर आराम से समझाते हुए सबकुछ इश्वर पर छोड़ देने और आगे सब ठीक होगा कहकर तसल्ली भी दी। हालांकि पकड़े गए आरोपी दरोगा और सिपाही के चेहरे पर भी जेल में कोई खासी शिकन नहीं थी। उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था कि वह खुद चलकर वहां पहुंचे हैं।

जेएन सिंह के भाई ने जेल में की भाई से मुलाकात
वहीं, मंगलवार को इंस्पेक्टर जेएन सिंह के भाई जोकि पुलिस विभाग में ही दीवान के पद पर तैनात हैं, उनसे मिलने जेल पहुंचे। जबकि उनके साथ पहुंचे दरोगा अक्षय मिश्रा के भाई की मुलाकात नहीं हो सकी। अक्षय मिश्रा के भाई का कोविड आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं होने की वजह से जेल प्रशासन ने उनकी मुलाकात भाई से नहीं कराई। लेकिन जेएन सिंह करीब एक घंटे से ​अधिक वक्त अपने भाई के साथ गुजारे। कहा जा रहा है कि जेएन सिंह के पुलिस के समक्ष हाजिर होने में भाई ने अहम भूमिका निभाई थी। भाई से मिलने पहुंचे इंस्पेक्टर के भाई उनके लिए कपड़े और अन्य जरूरी सामान भी लेकर जेल पहुंचे थे।

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