गोरखपुर में सोनार सहित 3 गिरफ्तार:CCTV की मदद से पकड़े गए चोर, बंद मकानों की रेकी कर करते थे चोरी

गोरखपुर6 महीने पहले
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पुलिस ने चोरी के तीन आरोपियों धीरू पासवान, अभिषेक पासवान और चंदन वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने चोरी के तीन आरोपियों धीरू पासवान, अभिषेक पासवान और चंदन वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

बंद मकानों की रेकी कर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने गुरूवार को पर्दाफाश किया। कैंट पुलिस ने चोरी के दो आरोपियों व एक सोनार समेत कुल 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इनका एक साथी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। तीनों चोरों की पहचान सीसीटीवी फुटेज से हुई है जिसमें तीनों चोरी करने के बाद पैदल ही जाते दिख रहे हैं। पुलिस अब फरार आरोपितों की तलाश कर रही है।

पहले करते थे रेकी फिर मकान में बोलते थे धावा
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पिछले दो महीने के भीतर कैंट के इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी क्षेत्र के दिव्यनगर कॉलोनी और वीर बहादुर पुरम के दो बंद मकानों में चोरी हुई थी। एक मकान लखनउ के एक पत्रकार का था जहां से करीब 40 लाख की चोरी हुई थी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही थी।

जांच में पता चला कि इसमें स्थानीय चोर शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश में थी। गुरूवार को मुखबिर की सूचना पर चोरी के दो आरोपियों घीरू पासवान पुत्र विंद्याचल निवासी धोबी टोला डिभिया और अभिषेक सिंह पुत्र प्रदुम्न सिंह निवासी काली मंदिर भैरोपुर और पिपराइच के चंदन वर्मा को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में धीरू और अभिषेक ने बताया कि वह अपने साथी गब्बर के साथ मिलकर चोरी करते हैं और चोरी के जेवरात को पिपराइच रमवापुर निवासी सोने चांदी के दुकानदार चंदन वर्मा को बेच देते हैं। जिसके बाद पुलिस ने दुकानदार चंदन के यहां से चोरी के जेवरात बरामद किया। पुलिस अब फरार गब्बर की तलाश कर रही है।

चोरी के रकम से शराब पीते है और जुआ खेलते हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार धीरू, अभिषेक और फरार गब्बर मिलकर पहले मकानों की रेकी करते हैं। जो मकान लंबे समय से बंद रहता है उसका ताला तोड़कर घुस जाते हैं और चोरी करते हैं। चोरी किए सामान और जेवरात को चंदन को बेच देते हैं। मिले पैसे को आपस में बांट लेते हैं। तीनों ने मिलकर 23 अप्रैल 2022 और 17 मार्च 2022 को इंजीनियरिंग कॉलेज के वीरबहादुर पुरम और दिव्यनगर में चोरी की थी। चोरी से मिले पैसों से तीनों शराब पीते थे और जुआ खेलते थे।

खुद चोरी कर पुलिस को छका रहे थे
पुलिस के अनुसार धीरू शातिर चोर है। वह चोरी में कई बार जेल जा चुका है। पिछले कुछ दिनों से वह जमानत पर बाहर आ गया था और घर पर रहता था। इस दौरान वह अक्सर चौकी पुलिस के पास आता था। जुआ होने की शिकायत करता था। साथ ही खुद के अपराध से तौबा करने की बात कहता था। अभी दो दिन पहले ही उसने जुआ होने की शिकायत की थी और मुखबिरी की थी कि दोनों मकानों में चोरी करने वाले भी जुआ खेल रहे हैं।

जिसपर पुलिस ने कई लोगों को जुआ खेलते हुए लाया था। जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। बाद में पता चला कि चोरी में खुद धीरू ही शामिल था। फरार गब्बर भी पूर्व में चोरी के मामले में जेल जा चुका है। इन्हें पकड़ने वाली टीम में कैंट इंस्पेक्टर शशिभूषण राय, स्वाट प्रभारी मनीष यादव, इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी प्रभारी अ​मित कुमार चौधरी,दरोगा अभिनव मिश्रा,अखिलेश कुमार,अरविन्द यादव, सिपाही इंद्रेश, रामइकबाल,राजमंगल,रणवीर,अरुण राय और अरूण यादव शामिल रहे।

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