• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Gorakhpur
  • UP Assembly Election News Updates: Those Whom Yogi Sent To Jail, They Will Now Fight Against Them In Elections; Yogi Will Face Dr. Kafeel Khan, Sunil Singh And Chandrashekhar 'Ravana'

चुनाव में गोरखपुर बना 'बदलापुर':जिन्हें योगी ने भेजा जेल, वे अब उन्हीं के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव; डॉ. कफील, सुनील और चंद्रशेखर से होगा सामना

गोरखपुरएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हिंदु युवा वाहिनी के अध्यक्ष रहे सुनील सिंह, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर और डॉ. कफील खान ने योगी के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। - Dainik Bhaskar
हिंदु युवा वाहिनी के अध्यक्ष रहे सुनील सिंह, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर और डॉ. कफील खान ने योगी के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।

गोरखपुर में इस बार विधानसभा चुनाव 'बदलापुर' की तर्ज पर होगा। यानी कि जिन लोगों को कभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेल​ भिजवाया था, वे इस बार उन्हीं के खिलाफ गोरखपुर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर सदर सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा होते ही एक नहीं बल्कि तीन ऐसे दावेदारों ने उनके खिलाफ अब तक चुनावी मैदान में ताल ठोकने की घोषणा की है।

ये सभी योगी को हराने का दावा भी कर रहे हैं। चाहे वे कभी योगी आदित्यनाथ के करीबी और हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष रहे सुनील सिंह हों, या फिर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद। अब तो गोरखपुर ऑक्सीजन कांड के आरोपी डॉ. कफील खान ने भी मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। डॉ. कफील ने तो यहां तक कह दिया कि अगर उन्हें किसी पार्टी से टिकट नहीं मिला तो वे योगी के खिलाफ प्रबल विपक्षी कैंडिडेट का समर्थन करते हुए उसका प्रचार भी करेंगे।

कांग्रेस से टिकट मांग रहे डॉ. कफील खान
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 2017 में ऑक्सीजन की कमी के कारण कई बच्चों के मौत मामले के आरोपी बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कफील खान योगी के खिलाफ सदर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। डॉ. कफील ने बताया कि कांग्रेस सहित कई पार्टियों से टिकट के लिए उनकी बात चल रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी पार्टी ने उन्हें टिकट दिया तो वे योगी के खिलाफ चुनाव मैदान में होंगे।

वहीं, अगर टिकट नहीं मिला तो वे विपक्ष के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे, जो सबसे मजबूती से सीएम को ​टक्कर देगा। उनका मानना है कि फिलहाल भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद योगी के सामने मजबूत विपक्षी उम्मीदवार के रूप में लड़ रहे हैं। लिहाजा टिकट न मिलने पर वे उनका समर्थन करेंगे।

कफील ने आरोपों को किया खारिज

डॉ. कफील खान।
डॉ. कफील खान।

कफील खान ने कहा कि वह सोशल मीडिया मंच पर सक्रिय हैं। इस वक्त वे मुंबई और केरल में हैं, जहां से वह हैदराबाद और बेंगलुरु जाएंगे। कफील वहां अपनी किताब 'द गोरखपुर हॉस्पिटल ट्रैजेडी- ए डॉक्टर्स मेमोरी ऑफर डेडली मेडिकल क्राइसिस' का प्रमोशन करेंगे। कफील खान ने कहा कि जनवरी 2020 में यह कहते हुए उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की तामील की गई कि उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भड़काऊ भाषण दिया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन पर लगाए गए आरोप खारिज कर दिए। खान ने कहा कि 9 नवंबर 2021 को उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इसके बाद भी गोरखपुर पुलिस लगातार उनके घर जाती है और उनकी बुजुर्ग मां को परेशान कर रही है।

जल्द गोरखपुर पहुंचकर मोर्चा संभालेंगे चंद्रशेखर

चंद्रशेखर आजाद।
चंद्रशेखर आजाद।

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने तो पहले ही सीएम के खिलाफ गोरखपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। उनका आरोप है कि उन्हें भी सीएम ने जेल भिजवाया था। हालांकि उन्होंने इसकी घोषणा 3 महीने पहले ही की थी कि सीएम योगी जहां से चुनाव लड़ेंगे, वे भी उनके खिलाफ वहीं से चुनावी मैदान में होंगे। सीएम योगी का गोरखपुर से टिकट फाइनल होते ही चंद्रशेखर ने भी यहां से तैयारियां शुरू कर दी हैं। उनका दावा है कि उनकी टीम लगातार यहां काम कर रही है और लोगों से जनसंपर्क भी शुरू कर दिया है।

इसके साथ ही अब तो उन्होंने गोरखपुर के मामलों में योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार को ट्वीट कर घेरना भी शुरू कर दिया है। उनका दावा है कि वह सीएम को चुनाव में हराएंगे। जल्द वह गोरखपुर पहुंचकर चुनावी मोर्चा संभालेंगे।

चुनाव को सबसे मुश्किल बनाने का दावा कर रहे सुनील सिंह

सपा नेता सुनील सिंह।
सपा नेता सुनील सिंह।

कभी योगी के करीबी और हिंदू युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और वर्तमान में सपा नेता सुनील सिंह भी योगी को चुनाव में हराने और योगी के लिए सबसे मुश्किल चुनाव बनाने का दावा कर चुके हैं। हालांकि इससे पहले भी सुनील सिंह ने गोरखपुर से बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी की थी, लेकिन उनका पर्चा खारिज हो जाने की वजह से वे मैदान में नहीं आ सके।

ऐसे में अब इसे लेकर लोगों में चर्चा है कि गोरखपुर इन दिनों चुनावी 'बदलापुर' हो गया है। जिन्हें योगी ने कभी आपराधिक मुकदमों में जेल भिजवाया था, रासुका लगवाया था। वे अब उन्हें हराने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।

खबरें और भी हैं...