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गोरखपुर दौरा:UP के जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने लिया महराजगंज में बाढ़ बचाव कार्यों का जायजा, कहा- रोहिन नदी के तटबंधों की करें मरम्मत

गोरखपुर2 महीने पहले
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जलशक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने बरसात से पहले सभी कार्यों को पूर्ण कराने के लिए अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश दिए। - Dainik Bhaskar
जलशक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने बरसात से पहले सभी कार्यों को पूर्ण कराने के लिए अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह व सदर सांसद रवि किशन आज यानी शनिवार को गोरखपुर दौरे पर हैं। सबसे पहले जल शक्ति मंत्री ने महराजगंज में रोहिन नदी पर बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए रेगुलेटर, तटबंधों, स्लोप पिचिंग एवं नारायणी नदी के छितौनी तटबंध पर पावर स्कैप के एजक्रेटिंग एवं परक्यूलाइन का निरीक्षण किया। बरसात से पहले सभी कार्यों को पूर्ण कराने के लिए अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश दिए।

प्रदेश के 42 जिले बाढ़ से प्रभावित, समय से कार्य पूर्ण कराने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
जनपद में पहुंचे जल शक्ति मंत्री ने बाढ़ से बचाव के लिए कराए जा रहे सभी कार्यों का निरीक्षण किया। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों से उनकी समस्या जानकर अधिकारियों को तत्काल उपाय करने के दिशा निर्देश दिए। डॉ महेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 42 जिले बाढ़ से प्रभावित रहते हैं। इन 42 जिलो में समय से कार्य पूर्ण कराने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं। प्रदेश में बाढ़ का पैसा जो मार्च और अप्रैल में दिया जाता था। उसे जनवरी में ही रिलीज कर दिया गया है। जिससे समय से काम पूरा कर हम जनता को उसका लाभ दे सके।

मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने लिया महराजगंज में बाढ़ बचाव कार्यों का जायजा
मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने लिया महराजगंज में बाढ़ बचाव कार्यों का जायजा

कई परियोजनाओं को मंजूरी, क्षेत्र की जनता को बहुत बड़ा लाभ
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 16 जिलों का अभी तक भ्रमण हो चुका हैं। प्रदेश में सभी कार्य बाढ़ के समय से पूर्व पूरे हो रहे हैं। महराजगंज में बाढ़ से बचाव के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। जिससे इस क्षेत्र की जनता को बहुत बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि नेपाल से आने वाले पानी से उत्तर प्रदेश में बाढ़ आती है। जिससे एक बहुत बड़ा क्षेत्रफल डूब जाता है। लेकिन पिछले 2 सालों में बहुत सारा काम हुआ। जिसके कारण से जहां 15 लाख हेक्टेयर जमीन का कटान हो रहा था। वहीं, पिछली बार बाढ़ के समय महज 12 हजार हेक्टेयर का कटान हुआ है। इस बार भी सरकार का पूरा प्रयास है कि किसी भी जिले में कोई भी जनहानि ना होने पाए इसके साथ ही किसानों के जमीन का कटाव भी ना होगा उनको पूरी सुरक्षा दी जा सके इसके लिए सरकार कृत संकल्पित है।

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